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वायरस तेजी से बदल रहा संरचना:27 दिन में 51 केस, 1 मौत, नए वैरियंट की आशंका, 3 विदेशी सहित 87 संक्रमितों का ब्लड सैम्पल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा

अजमेर2 महीने पहलेलेखक: मनीष सिंह चाैहान
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  • जिले में नवंबर में मिले 51 संक्रमितों में से 40 को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं, 26 एक्टिव केस, चिकित्सा विशेषज्ञों काे डर

दूसरी लहर की भयावहता के बाद कोविड की तीसरी लहर दरवाजे पर खड़ी है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि तीन माह की राहत के बाद नवंबर माह में 51 कोरोना संक्रमित सामने आ चुके हैं और इनमें से एक की मौत भी हुई है। सबसे डरावना यह है कि संक्रमित मिले 51 मरीजों में से 40 को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है।

इनमें से अभी 26 एक्टिव केस हैं। ऐसे में चिकित्सा विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि अजमेर जिले में कहीं कोविड-19 का नया वैरिएंट तो नहीं आ चुका है। एहतियातन चिकित्सा विभाग ने शनिवार को 87 संक्रमितों का ब्लड सैम्पल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर भेजा है। इसमें पुष्कर आईं तीन फ्रांसीसी महिला पर्यटकों का भी सैम्पल है, जो दो दिन पहले कोविड संक्रमित मिली हैं।

तीनों पर्यटक पांच दिन पहले ही फ्रांस से नई दिल्ली और नई दिल्ली से पुष्कर पहुंची थीं। वहीं आंकड़ों को देखें तो प्रदेश में जयपुर के बाद अजमेर में सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। जयपुर में अभी प्रदेश में सबसे अधिक 101 कोरोना एक्टिव केस हैं।

बच्चों की सेहत पर मंडराता खतरा

स्कूली बच्चों के लगातार कोरोना संक्रमित मिलने से अभिभावकों में डर बनने लगा है। स्कूल प्रबंधन की तरफ से पहले जो एहतियात बरती जा रही थी, वह अब नहीं दिखती है। मासूम बच्चे स्कूल आटो में भरकर पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे ना तो सोशल डिस्टेंसिंग ना ही सही तरीके से मास्क पहने हाेते हैं।

प्रदेश में कहां कितने एक्टिव केस

पूरे प्रदेश में जयपुर एक्टिव केस के मामले में सबसे आगे है। यहां 101 एक्टिव केस हैं। दूसरे नंबर पर अजमेर में 26, अलवर में 14, बीकानेर में 14, उदयपुर में 5, नागाैर में 9 एक्टिव केस हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज भेजा सैम्पल

फ्रांसीसी पर्यटकाें सहित काेराेना पाॅजिटिव अन्य 87 मरीजाें के ब्लड सैंपल जीनाेम सीक्वेंसिंग के लिए जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। रिपाेर्ट आने के बाद पता चल सकेगा कि काेविड का वायरस कहीं अजमेर में संरचना बदल ताे नहीं रहा है। - डाॅ. केके साेनी, सीएमएचओ, अजमेर

2 और विद्यार्थी संक्रमित, अब तक 7 चपेट में

शनिवार काे शहर के गुलाबबाड़ी निवासी बालक (10) की रिपाेर्ट काेराेना पाॅजिटिव आई। बालक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का छात्र है। चिकित्सा विभाग ने शनिवार काे यहां रैंडम सैंपलिंग करवाई थी। वहीं, नसीराबाद के फ्राॅमजी चाैक निवासी स्कूली छात्रा (16) की रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव आई है। इसके संपर्क मे आए अन्य सहपाठियाें काे लेकर जानकारी मांगी गई है। अब तक जिले में कुल 43,679 पॉजिटिव मिल चुके हैं और 1473 की मौत हुई है।

2 माइक्राे कंटेनमेंट जाेन बने, डायनेस्टी अपार्टमेंट और शिव विहार काॅलाेनी में आवागमन बंद किया

अजमेर शहर में दाे स्थानाें पर माइक्राे कंटेनमेंट जाेन बना दिए। देर शाम यहां पर बल्लियां लगाकर आमजन का प्रवेश बंद कर दिया। जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुराेहित ने अजमेर जिले के लिए 21 इंसीडेंट कमाडंर भी बनाए हैं। अजमेर शहर में 9 इंसीडेंट कमांडर बनाए गए हैं। थानाधिकारियाें काे भी इसमें जाेड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर जाप्ते का सहारा लिया जा सके।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने शिव विहार कॉलोनी, चौधरी कॉलोनी के पीछे वैशाली नगर में लगातार 4 पाॅजिटिव मिलने और पत्रकार काॅलाेनी काेटड़ा के निकट डायनेस्टी अपार्टमेंट में 6 संक्रमित चिह्नित हाेने के बाद इस क्षेत्र काे माइक्रो कंटेनमेंट जाेन बनाया है। इन क्षेत्रों में आगामी एक दिसंबर तक प्रतिबंध रहेगा।

संक्रमित फ्रांसीसी महिलाओं की सेहत में सुधार, दूतावास को भेजी सूचना

पुष्कर | कोरोना संक्रमित तीनों फ्रांसीसी महिलाओं की तबीयत में आंशिक सुधार हुआ है। फिलहाल तीनों पर्यटकों काे पंचकुंड रोड स्थित होटल के अलग-अलग कमरों में क्वारेंटाइन रखा गया है। वहीं, गुप्तचर पुलिस की ओर से नई दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास को सूचना भेजी गई है। शनिवार को चिकित्सा प्रभारी डॉ. आरके गुप्ता मेडिकल टीम के साथ होटल पहुंचे तथा तीनों संक्रमित महिला पर्यटकों सहित होटल स्टाफ के स्वास्थ्य की जांच कर दवाईयों का किट उपलब्ध कराया।

पांच दिन नई दिल्ली में घूमीं थी फ्रांसीसी महिलाएं | पुष्कर में विदेशी पर्यटकाें से जानकारी जुटाई ताे पता चला कि संक्रमित तीनों फ्रांसीसी महिलाएं 19 काे दिल्ली आई थीं। यहां 23 नवंबर तक रहने के बाद पुष्कर के लिए रवाना हो गईं।

क्या है जीनाेम सीक्वेंसिंग

जीनोम सीक्वेंसिंग से तेजी से संरचना बदल रहे वायरस का पूरा बायोडाटा निकल जाता है। इससे पता चलता है कि कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है। इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है। वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं। इससे ही कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पूरी जानकारी मिलती है। जीनोम सीक्वेंसिंग से लैब में आनुवंशिक संरचना का पता लगाते ही जेनेटिक कोड निकल आता है।

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