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कोरोना की यह गति डराती है:810 नए पॉजिटिव, 9 ने दम तोड़ा, बताए 3, जहां काेराेना जांच हाे रही थी, वहीं संक्रमित का शव पड़ा रहा

अजमेर6 महीने पहले
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हालात ये कि... 11 मिनट में एक के पीछे एक तीन संक्रमितों के शव। - Dainik Bhaskar
हालात ये कि... 11 मिनट में एक के पीछे एक तीन संक्रमितों के शव।
  • 28 दिन में 8,945 संक्रमित मिले, 71 की माैत
  • 33, 240 अब तक संक्रमितों का आंकड़ा, 574 कुल मौतें

जिले में काेराेना की दूसरी लहर बेकाबू हाे चुकी है। काेविड संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हाेने के साथ ही मौताें की संख्या का ग्राफ भी पहले के मुकाबले दूसरी लहर में तेजी से बढ़ रहा है। 24 घंटे में ही काेराेना के आंकड़े एक हजार की संख्या काे पार कर रहे हैं।

यह ग्राफ आने वाले दिनों के लिए खतरे की घंटी है। बुधवार काे जिले में काेराेना मरीजों के ग्राफ ने अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बुधवार काे मिले 810 नए काेराेना संक्रमित मिले जाे पहली और अब दूसरी लहर में अब तक मिले मरीजों की संख्या में सबसे ज्यादा हैं।

बुधवार काे जिले में काेराेना संक्रमितों का ग्राफ 20.35% प्रतिशत रहा, यानी हर साै मरीजों में 21 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अप्रैल माह के आंकड़ों काे देखें ताे महज 28 दिनों में 8,945 काेराेना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। यह पहली लहर से बीस गुणा अधिक है। बुधवार काे जिले में 9 काेराेना पॉजिटिव मरीजों की माैत हुई। यह आंकड़ा बढ़कर अब 574 हाे गया है। अप्रैल माह में अब तक 70 पॉजिटिव की माैत हाे चुकी है।

यूं लगा मौतों का तांता

जेएलएन में बुधवार काे दृश्य ह्रदय विदारक था। यहां महज 11 मिनट में एक के पीछे एक तीन काेराेना संक्रमितों के शव लाए गए। यहां महज पांच घंटे के दौरान 5 मरीजों की माैत हाे गई थी। इन मृतकों में दोपहर एक बजे, दोपहर 2 बजे, शाम 6.24 बजे, शाम 6.31, शाम 6.35 बजे काेराेना संक्रमित मरीजों की माैत हाे गई।
संदिग्ध, संक्रमित, एम्बुलेंस सभी एक कतार में

जेएलएन की काेविड ओपीडी में जांच के लिए आने वाले संदिग्धाें की कतार वहीं लग रही है। संक्रमिताें काे भर्ती करने से लेकर जांच हाेने तक वहीं बैठ रहे हैं। यहां तक की एम्बुलेंस चाहे संक्रमिताें काे लेकर आ रही हाे या पाॅजिटिव का शव लेकर जा रही हाे। यह सब एक ही रास्ते से हाे रहा है।

चिकित्सा विभाग ने बताए 3 मृतक
चिकित्सा विभाग ने बुधवार काे जिले में तीन काेराेना संक्रमितों की माैत बताई है। इन मृतकों में वैशाली नगर जनता काॅलाेनी निवासी, आदर्श नगर डिग्री कॅालेज के पीछे, वैशाली नगर गुलमोहर काॅलाेनी निवासी शामिल हैं, जबकि भगवानगंज की पृथ्वीराज नगर काॅलाेनी निवासी एक व्यक्ति, वैशाली नगर के फ्रेंड्स काॅलाेनी निवासी की संक्रमित की घर पर ही माैत हुई है। आशागंज के एक पॉजिटिव की मौत मित्तल हॉस्पिटल में हुई। जबकि नागाैर निवासी एक मरीज की भी जेएलएन में माैत हुई है।

ऐसी लापरवाही से बढ़ा संक्रमण का खतरा

प्लास्टिक बैग में शव पैक किया और मरीजाें के बीच से ले गए
काेराेना की दूसरी लहर ज्यादा घातक हाेने के बावजूद काेविड गाइड लाइन की पालना के प्रति बेपरवाही से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। बुधवार काे जेएलएन अस्पताल की काेविड ओपीडी में आम दिनाें की तरह ही एक ओर चिकित्सक मरीजाें काे भर्ती कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर काेराेना संदिग्ध लाेगाें की काेविड जांच हाे रही थी। इन दाेनाें के बीच हाॅल में ट्राॅली पर एक काेराेना मरीज का शव काफी देर तक खुले में पड़ा रहा।

इस दाैरान खुले में काेराेना संक्रमित का शव पड़ा हाेने के बावजूद किसी ने इस पर आपत्ति नहीं की। काफी देर बाद ट्राॅली मैन प्लास्टिक का केरी बैग लेकर वहां आया और वहीं पर सभी के सामने शव काे परिजनाें की मदद से प्लास्टिक बैग में पैक किया। इस दाैरान वहां कई लाेग अपनी काेविड जांच करवा रहे थे, कुछ जा चुके थे।

शव काे वहीं मरीजाें व काेविड की जांच कराने के लिए आए लाेगाें के बीच में से ट्राॅली पर ले जाया गया। नियमाें के तहत काेराेना संक्रमण की पहली लहर के दाैरान शव काे खाली जगह से इस तरह लेकर जाते थे कि किसी के संपर्क में नहीं आ सके। सभी लाेग पीपीई किट पहने हुए हाेते थे, लेकिन दूसरी लहर में काेई नियमाें की पालना नहीं कर रहा है। बुधवार काे ट्राॅलीमैन ने स्वयं शव काे उठाने, प्लास्टिक बैग में शव रखने से लेकर सभी कार्य सामान्य व्यक्ति की तरह किए।

जिले में काेविड एक नजर में

  • जिले में जनरल बेड 383 हैं, इसमें से 218 पर मरीज थे। वहीं 165 खाली चल रहे हैं।
  • ऑक्सीजन सिलेंडर वाले पलंग पर 897 हैं। यह सभी फुल हैं।
  • आईसीयू विदाउट वेंटिलेटर वाले 169 में से 167 पर मरीज थे, जबकि 2 बेड खाली रहे।
  • वेंटिलेटर वाले आईसीयू में 129 बेड हैं जाे रात 9 बजे सभी फुल हाे गए।
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