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आरपीएससी घूसखोरी प्रकरण:एसीबी को मिली कई और शिकायतें, एक अाैर मेंबर शक के दायरे में

अजमेर12 दिन पहले
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  • इंटरव्यू बाेर्ड में बैठे आयोग सदस्याें की मार्किंग चेक की जाए तो सामने आ सकती है हकीकत

25 लाख रुपए की घूस लेकर आरएएस अफसर बनाने का साैदा करने के मामले में आयोग के एक और मेंबर पर उंगली उठ रही है। आरएएस परीक्षा 2018 में असफल रहे अभ्यर्थियों काे एसीबी जांच से काफी उम्मीद है। इनका मानना है कि इंटरव्यू बाेर्ड में बैठे आयोग सदस्याें की मार्किंग चेक की जाए ताे वास्तविकता सामने आ सकती है।

यह माना जा रहा है कि एसीबी की गिरफ्त में फंसे आयोग के निलंबित कनिष्ठ लेखाकार सज्जन सिंह और आयोग सदस्या राजकुमारी गुर्जर के भाई के टाेल नाके का सुपरवाइजर नरेंद्र पाेसवाल इस मामले की छाेटी मछलियां हैं। बड़ी मछलियां अब भी एसीबी के जाल से दूर है। मामले का खुलासा हाेने के बाद एसीबी के पास ऐसी कई नामी और बेनामी शिकायतें पहुंची है, जिसमें राजकुमारी गुर्जर के अलावा आरपीएससी के एक अन्य मेंबर का भी नाम लिया जा रहा है।

परीक्षा से पहले ही दावा किया था कि इन्टरव्यू में मिलेंगे 80 फीसदी नंबर

आरएएस परीक्षा 2018 का रिजल्ट घाेषित हाेने के बाद एसीबी काे ऐसी भी शिकायतें मिली हैं जिसमें सलेक्ट हुए अभ्यर्थियों के बारे में बताया गया है कि इंटरव्यू हाेने से पहले ही कई अभ्यर्थी उन्हें मिलने वाले नंबराें का खुलासा अन्य अभ्यर्थियों व परिचिताें के सामने कर चुके थे। परिणाम जारी हाेने से पहले ऐसे दावे करने वालाें काे भी सदिग्ध माना जा रहा है। संदिग्ध में एक नाम सामने आया है।

दशकभर में कई बार उठे आयोग पर सवाल

इससे पहले भी आरएएस सहित कई पदाें की भर्तियों को लेकर बड़े विवाद हो चुके हैं। पिछले एक दशक में कई बार आयोग की कार्यशैली कटघरे में खड़ी नजर आई है। एसओजी ने 2013 में तत्कालीन आयोग अध्यक्ष हबीब खान के खिलाफ आरजेएस -2013 की मुख्य परीक्षा का प्रश्न पत्र काे लेकर मामला दर्ज किया था। तब उनकी बेटी यह परीक्षा दे रही थी। हबीब खान पर आरोप लगा था कि वे अहमदाबाद स्थित प्रिंटर्स से प्रूफ रीडिंग के बहाने पेपर ले आए थे। बाद में उन्होंने सितंबर 2014 में इस्तीफा दे दिया।

पेपर लीक करने वाले ही बन गए थे टॉपर

आरएएस 2013 में प्री परीक्षा का पेपर 3-3 लाख रुपए में बिकने का मामला सामने आया था। 978 पदों पर भर्ती की यह परीक्षा 26 अक्टूबर 2013 को हुई और परिणाम 11 जून 2014 को आया। इसके परिणाम में टॉप 50 में करौली के ही 32 अभ्यर्थी थे। पेपर लीक मामले में तब एसओजी ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था और 11 जुलाई 2014 को प्री परीक्षा रद्द कर दी गई।

इन भर्तियाें में हुआ था विवाद

  • संस्कृत शिक्षा के लिए तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2009 में कई गलत जवाबों को सही मान लिया गया। मामला कोर्ट पहुंचा तो आयोग को संशोधित परिणाम जारी करना पड़ा।
  • आयोग ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2011 निकाली। इस भर्ती के प्रश्नों के जवाबों में ऐसी गफलत हुई कि आयोग को 3 बार परिणाम जारी करना पड़ा था।
  • एलडीसी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। आयोग को परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इसका मामला भी एसओजी में चला था।
  • जेल प्रहरी परीक्षा 2015 परीक्षा को भी पेपर लीक के चलते रद्द करना पड़ा था। इसमें 925 पद थे।
  • लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा का 29 दिसंबर 2019 और जेईएन सिविल डिग्रीधारी भर्ती परीक्षा का 6 दिसंबर 2020 को हुआ पेपर लीक हो गया था। दोनों की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।
  • पिछले साल मेडिकल ऑफिसर भर्ती का पेपर भी तीसरी बार लिया गया था। दो बार पेपर लीक के चलते रद्द करनी पड़ी थी।
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