जिंदा जलाकर मारने की कोशिश का मामला:वृद्धा काे जलाने की कोशिश करने के आरोपियों की जमानत खारिज, संपत्ति हड़पने के लिए साजिश रचने का भी आराेप

अजमेर11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

संपत्ति हड़पने के लिए 82 वर्षीय महिला काे कार में जिंदा जलाकर मारने के कोशिश करने के मामले में आराेपी भिनाय निवासी कमलेश कुमार, कैलाशचंद माली और अब्दुल मसूद की जमानत अर्जियां अदालत ने खारिज कर दी है। न्यायाधीश नवीन कुमार चाैधरी ने पारित आदेश में कहा कि बुजुर्गाें के साथ ऐसी वारदातें बढ़ रही है, ऐसे में प्रकरण की गंभीरता काे देखते हुए जमानत का लाभ दिया जाना न्यायाेचित नहीं है।

मामले के अनुसार परिवादी राजीव गुप्ता ने थाना क्रिश्चियनगंज में एफआईआर दर्ज करवाई थी। आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 307, 120 बी के दर्ज प्रकरण में पुलिस ने पीड़ित महिला के ड्राइवर सहित अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारियां की हैं। आरोप है कि अन्य अभियुक्ताें के साथ मिलकर आरोपियों ने परिवादी की माता 82 वर्षीय वृद्ध महिला की संपत्ति हड़पने के लिए कूटरचित बेचाननामा तैयार कर षड़यंत्र रच कर पीड़िता के नाम से ही बैंक खाता खुलवा कर उसमें बेचान की राशि जमा करवाई गई। इसके बाद इस कृत्य को छिपाने और संपत्ति हड़पने की नीयत से वृद्ध पीड़िता को जान से मारने के मकसद से कार में बिठाकर कार में आग लगा दी। लाेगाें ने किसी तरह आग बुझाकर महिला काे बचाया। आरोपियों पर जाली मुख्त्यारनामा तैयार करने का गंभीर आरोप भी है।

विशिष्ट लाेक अभियाेजक राजेश इनाणी ने कहा कि मुखत्यारनामा को देखने से प्रथम दृष्टया यह दर्शित होता है कि उक्त मुख्त्यारनामा पर नोटरी के वास्तविक रूप से हस्ताक्षर नहीं होकर मात्र नोटरी की हस्ताक्षरशुदा सील है। वर्तमान में सम्पत्ति के लिए बुर्जुगों के साथ इस तरह की घटनाएं बढ़ गईं हैं। अभियुक्त गवाहाें काे डरा धमका और अनुसंधान काे प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने मामले के गुणावगुण पर टिप्पणी किए बिना आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज कर दी हैं।

खबरें और भी हैं...