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भास्कर खास:56 दिनों तक भर्ती रहने के बाद काेराेना जंग जीतकर जेएलएन अस्पताल से घर लाैटे दाे युवा

अजमेर2 महीने पहले
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  • 40 दिन तक वेंटिलेटर पर रहे भर्ती, चिकित्सक संकल्पित थे कि कोरोना से जंग जिताकर लाएंगे

अजमेर के शास्त्री नगर व मदार निवासी दाे युवक काेविड की पिक में दाे माह पहले गंभीर अवस्था में जेएलएन अस्पताल के सुपर काेविड वार्ड में भर्ती हुए थे। मई के मध्य में दाेनाें काे परिजनाें ने बुखार, खांसी व निमाेनिया की शिकायत के बाद भर्ती कराया था। जेएलएन में भर्ती हाेने के कुछ दिन बाद ही दाेनाें काे ऑक्सीजन से सीधे वेंटिलेटर पर ले लिया गया। यूनिट प्रभारी डाॅॅ. अनिल सामरिया ने बताया कि दाेनाें की स्थिति भर्ती के समय काफी विकट थी।

दाेनाें की स्थिति सामान्य हाेने में कम से कम तीन माह का समय लगेगा

एक बार ताे स्थिति वेंटिलेटर पर भी खराब हाे गई, लेकिन चिकित्सक संकल्पित थे कि इन्हें काेराेना की जंग से जिताकर लाएंगे। दाेनाें ही युवाओं में काेराेना से लड़ने का जुनून था। इसी कारण वह लगातार हर उपचार में सपाेर्ट करते रहे। इसी का परिणाम है कि मेडिसिन आईसीयू में यह दाेनाें काेविड मरीज सबसे लंबे समय तक भर्ती रहे। बुधवार काे दाेनाें मरीजाें काे डिस्चार्ज कर दिया गया। दाेनाें की स्थिति सामान्य हाेने में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। ऑक्सीजन में कुछ परेशानी हाे सकती है। इसी कारण दाेनाें काे सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

ये थे टीम में शामिल यूनिट प्रभारी व काेविड नाेडल ऑफिसर डाॅ. अनिल सामरिया, डाॅ. माेनिका चाैधरी, डाॅ. साेनाक्षी, डाॅ. शंकरलाल, डाॅ. कमलेश, डाॅ. अरुण साेलंकी, डाॅ. नाेफेल, डाॅ. दीपक देवत, डाॅ. साैरभ साेनी व डाॅ. अमित गुप्ता शामिल थे।

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