क्राइम रिपाेर्ट:जेल से बाहर निकलने के बाद सरगना पता बदलकर करता रहा प्रतिबंधित नशीली दवा का काला काराेबार

अजमेर3 महीने पहले
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आरोपी ने नए आधार कार्ड बनवाए। - Dainik Bhaskar
आरोपी ने नए आधार कार्ड बनवाए।
  • बीकानेर नाेखा निवासी सरगना सुशील करनानी के आधार कार्ड में जाेधपुर का पता

प्रतिबंधित नशीली दवाओं का काला कारोबार के सरगना सुशील करनानी ने जेल से छूटते ही जाेधपुर चाैपासनी हाउसिंग बाेर्ड कालाेनी के पते का आधार कार्ड बनवाया लिया था, उसने नई आईडी से कई फर्जी फर्म भी बनाई थी, लेकिन दवा का काला काराेबार वह जयपुर में बैठकर ही करता रहा था।

उल्लेखनीय है कि सुशील करनानी मूल रूप से बीकानेर के नोखा के हिमटसर का रहने वाला है। पहली बार यह वर्ष 2017 में नशीली दवाओं का कारोबार करते हुए एसओजी और आमेर थाना पुलिस के हत्थे चढ़ा था।

इसमें इसके साथ घनश्याम शर्मा और चेतन सिंधी भी शामिल थे। जिनके खिलाफ चालान पेश किया गया था और यह जेल भी गए थे। एसओजी ने मामले की जांच के दाैरान आराेपी श्यामसुंदर मूूंदड़ा और शेख साजिद से पूछताछ में कई राज उगलवाए हैं। जांच अधिकारी भूराराम खिलैरी के अनुसार दाेनाें आराेपियाें काे शनिवार काे काेर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।

जाेधपुर में श्रीराम मेडिकल पर बरामद की गई डेढ़ लाख टेबलेट

एसओजी की सूचना पर जोधपुर के श्रीराम मेडिकल पर स्थानीय पुलिस की मदद से एसओजी टीम ने देकर डेढ़ लाख से ज्यादा नशीली दवाओं की टैबलेट बरामद की है। पुलिस ने एक आरोपी को भी यहां से गिरफ्तार किया है।

वहीं अन्य जगह से भी भारी मात्रा में नशीली दवाएं मिलने की एसओजी को जानकारी मिली है जिसकी जांच चल रही है। जाेधपुर में पकड़ी गई दवाओं में भी कुख्यात करनानी का हाथ होने की जानकारी भी मिली है।

हिमालय मेडिटेक की जांच के लिए देहरादून जाएगा दल एसओजी का दल दवा सप्लाई करने वाली कंपनी हिमालय मेडिटेक की जांच के लिए देहरादून जाएगा। जांच अधिकारी खिलैरी के अनुसार सरगना करनानी और इसके अन्य साथियाें की तलाश की जा रही है। करनानी की कई बाेगस फर्माें के बारे में भी एसओजी काे सबूत मिले हैं।

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