खुशखबरी / देश और राज्य में बेहतर है अजमेर की रिकवरी रेट, 269 में से 229 मरीज हुए ठीक, 53 स्वस्थ होकर घर लौटे

Ajmer's recovery rate is better than country and state, 229 patients out of 269 recover, 53 are healthy and return home
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Ajmer's recovery rate is better than country and state, 229 patients out of 269 recover, 53 are healthy and return home

  • प्रदेश में अजमेर का रिकवरी रेट 85 प्रतिशत है, जिले में अब केवल 36 एक्टिव केस ही बचे हैं

दैनिक भास्कर

May 21, 2020, 05:43 AM IST

अजमेर. अजमेर के काेविड-19 वार्ड में भर्ती मरीजों का रिकवरी रेट प्रदेश व देश के अन्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों से काफी बेहतर है। यहां के मरीजों की इम्युनिटी प्रदेश के दूसरे मरीजों से काफी अच्छी है। इसी कारण यहां मरीज जल्दी ठीक हाे रहे हैं। जिले में अब तक 269 काेराेना पॉजिटिव मरीजों में से 229 मरीज रिकवर हाे चुके हैं। इनमें से 53 मरीज स्वस्थ होेकर अपने घर लौट चुके हैं। 800 बेड वाले शैय्याओं वाले सुपर काेराेना अस्पताल में केवल 129 मरीज ही भर्ती हैं। बुधवार रात 9 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार अजमेर का रिकवरी रेट 85 प्रतिशत है। अजमेर प्रदेश में तीसरे पायदान पर है। जिले में अब केवल 36 एक्टिव केस ही बचे हैं।
 जिले में अब तक जितने भी काेराेना पॉजिटिव मरीज सामने आए वह सभी बाहर से किसी ना किसी से संक्रमित हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से सामने आ रहे मरीज भी दूसरे प्रदेशों से यात्रा करके अपने घर लाैट रहे हैं। यहां जांच के दौरान उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यहां किसी मरीज के संपर्क में आने के बाद काेई डाॅक्टर या नर्सिंग स्टाफ क्वारेंटाइन या संक्रमित नहीं हुआ।
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डेढ़ सप्ताह पहले तक अजमेर में कोरोना पॉजिटिव तेजी से बढ़ रही थे, अब रिकवरी रेट बेहतर है। 
जिले में सात नए कोरोना पॉजिटिव : जिले में 72 घंटे बाद बुधवार काे सात मरीज एक साथ काेराेना पॉजिटिव मिले। यह सभी गुजरात व मुंबई से अपने घर लाैटे थे। इन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था। जिले के किशनगढ़ शहर से दाे, लाखन काेटड़ी से दाे, पुष्कर के किशनपुरा गांव से एक, नांद गांव से एक और ब्यावर के जवाजा से एक पॉजिटिव मिला है। इसमें चार पुरुष और एक महिला शामिल है। इसी के साथ आंकड़ा 269 पॉजिटिव तक पहुंच गया है।
ये है हमारी जीत का मंत्र : हर मरीज का बन रहा है अलग से रिपोर्ट कार्ड 
समय पर जांच रिपोर्ट
जेएलएन अस्पताल के डाॅक्टराें ने काेराेना काे लेकर विशेष टीम का गठन किया। टीम में सीनियर चिकित्सकों व विशेषज्ञों काे शामिल किया। मरीज के भर्ती हाेने के बाद क्या दवा दी जानी है, रिपोर्ट में देरी का कारण क्या है। पहले क्या काेई दवा चल रही है क्या। मरीज की रिपोर्ट 24 घंटे में वार्ड में पहुंच जाए, इस पर फोकस रखना जीत का मंत्र रहा। रिपोर्ट समय पर आने के कारण उपचार तुरंत शुरू हो रहा है।
ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल
जेएलएन के डाॅक्टराें ने हर मरीज के लिए विशेष ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल तैयार किया। आईटी में रुचि रखने वाले डाॅक्टराें की टीम बनी जाे काेराेना काे लेकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय गाइड लाइन की 24 घंटे रिपोर्ट बना रही है। मरीज के स्वास्थ्य काे लेकर जाे बेहतर उपचार है उसे अपना प्रोटोकॉल बनाया जा रहा है। शुरुआत से ही फाेकस ट्रीटमेंट पर है, जिससे मरीज बहुत जल्दी रिकवर हो रहा है।
इम्युनिटी अच्छी तो जल्दी रिकवर
काेराेना में सबसे अहम मरीज की इम्युनिटी है। अजमेर में भर्ती हाे रहे मरीजों की इम्युनिटी काफी अच्छी है। इसी कारण यहां के मरीज जल्दी रिकवर हाे रहे हैं। चिकित्सक भी मरीज के खाने व दवा का पूरा ध्यान रख रहे हैं। संक्रमित हुए मरीजों में बड़ी संख्या युवाओं व बच्चों की भी है। जिनका इम्युन सिस्टम वैसे ही मजबूत है। सही समय पर ट्रीटमेंट मिलने से मरीज जल्द रिकवर हाे रहे हैं।

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