पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Ajmer
  • Bribery Scandal Jolted The Start Of New Departments, Even The Efforts To Cover The Land, The Budget Of 90 Crores Was Stuck Due To The Bribery Scandal

एमडीएसयू:घूसकांड से नए विभागाें की शुरुआत को झटका, जमीन कवर करने के प्रयास काे भी झटका, रिश्वत कांड के कारण अटक गया 90 कराेड़ रुपए का बजट

अजमेर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

एमडीएस यूनिवर्सिटी में घूसकांड का असर अब यूनिवर्सिटी के विकास कार्याें पर भी नजर आने लगा है। इस घूसकांड में कुलपति प्राेफेसर आरपी सिंह के गिरफ्तार हाेने और फिर निलंबित हाेने के बाद संविधान पार्क के निर्माण, यूनिवर्सिटी की जमीन काे अतिक्रमण से बचाने के लिए बाउंड्रीवाॅल निर्माण, नए विभागाें में लैब और अन्य संसाधनों की खरीद जैसे बड़े मामले ताे अटके ही साथ ही छाेटी माेटी खरीद और विभागाें की जरूरत काे पूरा करने में भी अड़चनें पैदा हाे गई है। यूनिवर्सिटी के 90 कराेड़ के बजट में से फिलहाल खर्च करने पर भी राेक लगा दी गई है। दरअसल इस बजट काे अब तक सक्षम अप्रूवल ही नहीं मिली है।

एमडीएसयू में 28 अगस्त 2020 काे फाइनेंस कमेटी की बैठक हुई थी। इस बैठक में सालाना बजट पेश किया गया था। यह बजट 90 कराेड़ का था। फाइनेंस कमेटी से बजट पास हाेने के साथ ही यहां कई महत्वपूर्ण काम शुरू किए जाने थे, लेकिन घूस कांड काे लेकर एसीबी की कार्रवाई हाेने से इस बजट के उपयाेग पर राेक लग गई है। हालांकि एसीबी का इससे सीधा काेई वास्ता नहीं है, लेकिन एसीबी की कार्रवाई में प्राेफेसर आरपी सिंह का गिरफ्तार हाेना और फिर राजभवन का उन्हें निलंबित करना बड़ी वजह बन गया है।

इस वजह से लगी है राेक

यूनिवर्सिटी नियमाें के तहत फाइनेंस कमेटी में पास किए गए बजट काे बाेर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बाॅम) की बैठक में रखा जाता है। यहां बाॅम के सदस्य बजट प्रस्तावाें पर चर्चा करते हैं और फिर बजट काे अप्रूवल दी जाती है। जब तक बाॅम की अप्रूवल नहीं मिलती बजट का उपयाेग नहीं किया जा सकता है। हालांकि इसका एक रास्ता यह भी है कि यदि किसी वजह से बाॅम की बैठक नहीं हाे पाए ताे यूनिवर्सिटी एक्ट 19/18 के तहत कुलपति अप्रूवल दे सकता है।

बाद में बाॅम की बैठक में इसे रखा जा सकता है। लेकिन यहां दाेनाें ही स्थितियां नहीं रही है। ऐसे में 90 कराेड़ का बजट पास हाेने के बाद भी फिलहाल दूर की काैड़ी बन गया है। अब जब तक किसी कुलपति काे अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जाता और वह आकर इसे अप्रूवल नहीं देता तब तक यह बजट हाेल्ड पर चला गया है। इधर कई विभागाें ने बजट के तहत छाेटी माेटी जरूरत के आधार पर संसाधनों की खरीद के लिए ऑर्डर दे दिए थे, लेकिन फिलहाल इस ऑर्डर काे राेक देने के लिए कहा गया है।

बजट पर राेक के चलते ये काम अटके
यूनिवर्सिटी के गोद लिए गांव नरवर में सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए बजट बैठक में 40 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है, लेकिन फिलहाल इस गांव में काेई काम नहीं कराया जा सकेगा।
यूनिवर्सिटी परिसर में 70 लाख रुपए की लागत से संविधान पार्क निर्माण हाेना है, लेकिन इस प्राेजेक्ट पर भी नए कुलपति के आने तक ब्रेक लग गया है।
यूनिवर्सिटी में प्रतिनियुक्ति के रूप में सेवा दे रहे रिसर्च डायरेक्टर और स्पाेर्ट्स सेक्रटरी को राज्य सरकार के नियमानुसार मूल वेतन का दाे प्रतिशत और 5 हजार रुपए वाहन भत्ता देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब यह भुगतान भी नहीं किया जा सकता।
यूनिवर्सिटी में शुरू नए काेर्स और नए विभागाें में इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरणों और फर्नीचर आदि के लिए 80 लाख रुपए का का प्रावधान किया गया था, नए विभागाें काे अब संसाधनों के लिए भी इंतजार करना पड़ेगा।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए खेल भत्ताें में 10 प्रतिशत की बढ़ाेतरी की गई है,इसका फायदा भी नहीं दिया जा सकेगा। हालांकि बिलहाल काेविड 19 के कारण खेल गतिविधियाें पर राेक लगी हुई है।
यूनिवर्सिटी की जमीन पर बाउंड्रीवाॅल का निर्माण कराया जाएगा। यह काम भी फिलहाल राेक दिया गया है।
बैठक में कुलपति की ओर से पूर्व में अनुशंसित लेखानुदान भी पारित किया गया था, जिसे 17 सितंबर काे प्रस्तावित की गई बाॅम की बैठक में रखा जाना था, लेकिन अब कुलपति के निलंबन के कारण यह बैठक भी नहीं हाेगी। इसके अलावा कई अन्य प्रस्तावाें में के तहत बजट पास किया गया था, लेकिन इन सभी पर राेक लगा दी गई है।

निलंबित वीसी की अर्जी पर एसीबी ने अदालत में पेश किया जवाब

एसीबी की कार्रवाई को तकनीकी आधार पर चुनौती देने वाली निलंबित वीसी रामपाल सिंह की अर्जी का बुधवार को एसीबी ने अदालत में जवाब पेश कर दिया। एसीबी ने जवाब में बताया कि रामपाल सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य और तथ्य के आधार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17 ए के तहत निलंबित वीसी किसी तरह की राहत का अधिकारी नहीं है। अर्जी पर आगामी पेशी पर सुनवाई होगी।

एसीबी की ओर से अभियोजन विभाग के सहायक निदेशक वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने अदालत में पेश जवाब में कहा है कि रामपाल सिंह के खिलाफ, रिश्वत राशि की मांग सत्यापन वार्ताओं, मोबाइल वार्ता, सीडीआर, व्हाट्सएप चैटिंग, लेनदेन की डायरियों सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। रामपाल सिंह जिस रणजीत के जरिये रिश्वत की रकम वसूलता था, उसे वीसी आवास से रकम के साथ पकड़ा है और ऐसी स्थिति में वीसी की हैसियत से रामपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई से पहले अनुमोदन की जरूरत कतई नहीं थी और न ही है।

एसीबी ने अर्जी के जवाब में रामपाल सिंह की अन्य अभियुक्तों और रकम के लेनदेन को लेकर हुई बातचीत का ब्यौरा भी पेश किया है। इसलिए भ्रष्टाचार निराेधक कानून की जिस धारा के तहत जांच व पड़ताल से पहले पुर्वानुमोदन की बात रामपाल सिंह की ओर से कही गई है उसका कोई आधार नहीं है। एसीबी ने रामपाल सिंह की अर्जी खारिज किए जाने की अदालत से प्रार्थना की है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर आप कुछ समय से स्थान परिवर्तन की योजना बना रहे हैं या किसी प्रॉपर्टी से संबंधित कार्य करने से पहले उस पर दोबारा विचार विमर्श कर लें। आपको अवश्य ही सफलता प्राप्त होगी। संतान की तरफ से भी को...

और पढ़ें