पुष्कर में विदेशियों संग बाबा का डांस, VIDEO:भजनों व फिल्मी गानों के साथ हुई म्यूजिकल नाइट, यूरोप से आया बैंड

अजमेर3 महीने पहले

अन्तरराष्ट्रीय पुष्कर मेले से पूर्व मेले का रंग जमने लगा है। वराह घाट चौक पर मंगलवार रात में म्यूजिकल नाइट में भारतीय और विदेशी संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। जहां सात समुंदर पार यूरोप के एस्टोनिया से आए बैंड ने फ्यूजन म्यूजिक की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। यहां देशी सहित विदेशी पर्यटक झूमने को मजबूर हो गए। एस्टोनिया के मशहूर म्युजिशियन किल बाबा ने फ्यूजन म्युजिक के साथ शानदार प्रफोर्मेंस दी। भजनों व फिल्मी गानों पर पुष्कर वासियों के साथ बाबा और विदेशी पर्यटकों ने जमकर डांस किया। भगवान के विभिन्न नामों का उच्चारण गीत व भजनों के जरिए किया।

कार्यक्रम की शुरूआत किल बाबा ग्रुप ने शिव स्तुति के साथ की। इसके बाद ग्रुप ने दम मारों दम, हरे रामा हरे कृष्णा.., ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे.... की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। इसके अलावा प्रसिद्ध भजन म्हारों हेलों सुणों जी रामा पीर..... एवं सांवरियां घट माई रें... की प्रस्तुति देकर मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम में पुष्कर के राघव पाराशर ने भी चदरिया जिन्नी रे जिन्नी... गाकर सभी को मंत्र मुग्ध किया। कलाकार हयान ने गिटार व नंगाड़ा वादक नरसी सोलंकी ने नंगाड़ा वादन की प्रस्तुति दी। वहीं किल बाबा को सुनने के लिए वराह घाट चौक पर संगीत प्रेमियों का हुजूम उमड़ गया । कार्यक्रम का संचालन पण्डित रविकांत शर्मा ने किया।

भजनों व फिल्मी गानों पर पुष्कर वासियों के साथ विदेशी पर्यटकों ने जमकर डांस किया।
भजनों व फिल्मी गानों पर पुष्कर वासियों के साथ विदेशी पर्यटकों ने जमकर डांस किया।

मेले में होने वाले कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं-एक नजर

एक नवम्बर को मेला मैदान में ध्वजारोहण के साथ मेले का शुभारंभ होगा। इस दिन माण्डणा प्रतियोगिता, छात्राओं द्वारा नृत्य प्रस्तुति तथा अजय रावत द्वारासेन्ड आर्ट का प्रदर्शन एवं चक दे राजस्थान फुटबाल मैच मेला मैदान में आयोजित होंगे। दीपदान तथा कैंडल बैलून एवं आतिशबाजी पुष्कर सरोवर पर आयोजित होगी। कैण्डल बेलून का मेक ए विश कार्यक्रम सबके लिए आकर्षण का केन्द्र होगा। आतिशबाजी पुष्कर मेले के समापन पर भी हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से की जाएगी।

मेले से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पुष्कर पहुंचे।
मेले से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पुष्कर पहुंचे।

मेला में नेचर वॉक का आयोजन प्रातः 6.30 बजे होगा। वन विभाग द्वारा इसके लिए पूरी तैयारियां की जाएगी। सांझी छत से वन भ्रमण आरंभ होगा। पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग के दौरान आनासागर झील के साथ-साथ पवित्र सरोवर का एक साथ रमणीय दृश्य देखा जा सकेगा। पारम्परिक खेलों का आयोजन बुधवार से ही आरंभ होगा। लंगड़ी टांग, सतौलिया मैच, मटका रेस, म्यूजिकल चेयर रेस तथा गिल्ली-डण्डा प्रतियोगिता का आयोजन ग्रामीण एवं विदेशी खिलाडियों के मध्य होगा। कबड्डी मैच का आयोजन ग्रामीण व विदेशी खिलाड़ियों के मध्य आयोजित करने की योजना है। पतंग उत्सव मेले का नया पहलु होगा। मेला मैदान में पतंगबाज पेच लड़ा सकेंगे। इसके लिए प्रशासन द्वारा समस्त व्यवस्थाएं की जाएगी। अन्तर पंचायत समिति ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता भी होगी। इसमें कबड्डी, वॉलीबॉल एवं रस्सा कस्सी की प्रतियोगिताएं रखी गई है।

मेले के दौरान हर साल की तरह आध्यात्मिक पद यात्रा गुरूद्वारा से आरंभ होगी। साथ ही लगान स्टाईल क्रिकेट मैच, शान ए मूंछ प्रतियोगिता, साफा व तिलक प्रतियोगिता एवं विदेशी युगल प्रतियोगिता जैसे आकर्षण भी सबका मनोरंजन करेंगे। अन्तर पंचायत समिति ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता का फाइनल, रविवार 6 नवम्बर को खेला जाएगा। इस बार मेला अवधि में खींची गई फोटो एवं सेल्फी की प्रतियोगिता भी होगी। मेला आरंभ होने से 6 नवंबर तक मोबाईल अथवा कैमरे से खैंची गई फोटो तथा सेल्फी को इसमें स्थान दिया जाएगा। इसके संयोजक दीपक शर्मा होंगे।

दुनिया ने हमको दिया क्या, दुनिया ने हमसे लिया क्या....एस्टोनिया के मशहूर म्युजिशियन किल बाबा ने दी प्रस्तुति।
दुनिया ने हमको दिया क्या, दुनिया ने हमसे लिया क्या....एस्टोनिया के मशहूर म्युजिशियन किल बाबा ने दी प्रस्तुति।

इस बार पशुओं पर प्रतिबंध

मेले में इस बार लम्पी बीमारी के कारण मेले में पशुओं की आवक पर प्रतिबंध लगाया गया है। पशुपालन विभाग ने इस बार पशु मेला आयोजन निरस्त कर दिया। ऐसे में मेले में केवल धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम ही होंगे। विदेशी ट्यूरिस्ट व प्रतियोगिताएं आकर्षण का केन्द्र रहेगी।

दीपदान तथा कैंडल बैलून एवं आतिशबाजी पुष्कर सरोवर पर आयोजित होगी।
दीपदान तथा कैंडल बैलून एवं आतिशबाजी पुष्कर सरोवर पर आयोजित होगी।

पिछले साल नहीं हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम

पिछले साल पशु मेला तो भरा लेकिन कोरोना गाइड लाइन की शर्तो के साथ। ऐसे में सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं, उदघाटन व समापन समारोह नहीं हुए। विदेशी पर्यटकों की आवक भी न के बराबर हुई। ऐसे में मेले में रौनक भी कोई खास नहीं थी।

म्यूजिकल नाइट में लोगों की खासी भीड़ रही। विदेशी पर्यटक भी जमकर थिरके।
म्यूजिकल नाइट में लोगों की खासी भीड़ रही। विदेशी पर्यटक भी जमकर थिरके।
एस्टोनिया के मशहूर म्युजिशियन किल बाबा के साथ गिटार पर कलाकार हयान ने साथ दिया।
एस्टोनिया के मशहूर म्युजिशियन किल बाबा के साथ गिटार पर कलाकार हयान ने साथ दिया।
स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी भजनों व गीतों की धुन पर झूमते नजर आए।
स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी भजनों व गीतों की धुन पर झूमते नजर आए।
म्यूजिकल नाइट के दौरान आतिशबाजी भी की गई। इस दौरान आतिशबाजी से आसमान सतरंगी नजर आने लगा।
म्यूजिकल नाइट के दौरान आतिशबाजी भी की गई। इस दौरान आतिशबाजी से आसमान सतरंगी नजर आने लगा।
विदेशी पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटकों ने भी खूब एन्जोए किया।
विदेशी पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटकों ने भी खूब एन्जोए किया।
देशी विदेशी पर्यटकों ने कार्यक्रम के दौरान जमकर आतिशबाजी भी की।
देशी विदेशी पर्यटकों ने कार्यक्रम के दौरान जमकर आतिशबाजी भी की।

हजारों पशु एवं लाखों श्रद्धालु आते

पुष्कर पशु मेले में जहां हजारों ऊंट, घोड़े समेत विभिन्न प्रजाति के पशु आते हैं तथा पशुपालकों के बीच करोड़ों रुपयों का लेनदेन होता है। वहीं लाखों श्रद्धालु सरोवर में स्नान व मंदिरों के दर्शन के लिए आते हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। जिसमें राजस्थानी लोक कलाकारों के साथ-साथ कई अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाता है। मेले के दौरान अनेक पशु प्रतियोगिताएं व देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

(इनपुट- अभिषेक शर्मा, पुष्कर)