2 लाख रुपए नहीं मिले, फेल हुआ ACB का ट्रैप:SHO, हैड कॉन्स्टेबल व डॉक्टर पररिश्वत का आरोप; ACB ने सत्यापन के बाद दर्ज की FIR

अजमेर8 महीने पहले
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एसीबी कार्यालय। - Dainik Bhaskar
एसीबी कार्यालय।
  • पीड़िता के कोर्ट में बयान करवाने, मेडिकल करवाने, एफआर लगाने की ऐवज में मांगी थी 2 लाख की रिश्वत

अजमेर जिले के गांधी नगर थाने में दर्ज महिला के अपहरण मामले में दो लाख रुपए की रिश्वत मांगने का खुलासा हुआ है। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन किया था। लेकिन पैसों का इंतजाम नहीं होने से एसीबी का ट्रैप फेल हो गया था। अब तत्कालीन थाना प्रभारी, हैड कॉन्स्टेबल व राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह रिश्वत पीड़िता के कोर्ट में बयान करवाने, मेडिकल करवाने, एफआर लगाने की ऐवज में मांगी थी।

विजयसिंह-फाइल फोटो
विजयसिंह-फाइल फोटो

ACB के ASP सतनामसिंह ने बताया कि परिवादी ने जुलाई रिपोर्ट देकर बताया था कि उसके भाई के खिलाफ गांधीनगर थाने में अपहरण का मामला दर्ज है। भाई की पत्नी के कोर्ट में 164 सीआरपीसी के बयान करवाने एवं मेडिकल करवाने और प्रकरण में एफ आर लगाने की एवज में रिश्वत मांगी जा रही थी।

इस मामले की जांच कर रहे हैड कॉन्स्टेबल मांगीलाल से मिलीभगत कर तत्कालीन थाना प्रभारी विजय सिंह के लिए 1.50 लाख रुपए तथा राजकीय यज्ञनारायण चिकित्सालय के डॉ. के. के. तनवानी के लिए 50 हजार रुपए मांगे गए। इस प्रकार 2 लाख की रिश्वत और डॉ. तनवानी की ओर से परिवादी के भाई की पत्नी की उम्र 18 से 20 के बीच करने की एवज में 10 हजार रुपए की मांग के सत्यापन के बाद मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच की जा रही है।

परिवादी नहीं कर पाया पैसे की व्यवस्था और ट्रेप हुआ फैल

एएसपी सतनाम सिंह ने बताया कि जुलाई माह में मिली शिकायत पर सत्यापन कराया गया था। दो लाख रुपए मांगे गए और आधे घंटे में ही यह राशि देना तय हुआ। परिवादी पैसे की व्यवस्था नहीं कर पाया। एक से दो घंटे लग गए। बाद में आरोपियों को शक हो गया। ऐसे में ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी। ट्रैप फैल होने पर अब मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।