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अजमेर में नवरात्र का पहला दिन PHOTOS:आस्था पर कोरोना का नहीं दिखा असर, उमडे़ श्रद्धालु; मंदिरों में गूंजे जयकारे, चामुंडा माता मंदिर में कुंड, जहां पानी कभी नहीं होता खाली

अजमेर10 दिन पहले
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माता मंदिर में भीड़। - Dainik Bhaskar
माता मंदिर में भीड़।
  • नौ दिन तक होंगे धार्मिक आयोजन, रखेंगे व्रत व उपवास

नवरात्र की शुरुआत गुरुवार को घरों-मंदिरों में विधि-विधान से घट स्थापना के साथ हो गई। अजमेर सहित जिले भर के मन्दिर माता के जयकारों से गूंज उठे। इस दौरान माता का विशेष श्रृंगार भी किया गया। कोरोना को लेकर भक्तों में कोई खास असर नहीं दिखा। मंदिरों में भक्तों की खासी भीड़ देखी गई। अजमेर के चामुंडा माता मंदिर में भी श्रद्धालु उमडे़। यहां एक कुंड है, जिसमें पानी कभी खाली नहीं होता।

चामुंडा माता मंदिर में आरती करते पुजारी।
चामुंडा माता मंदिर में आरती करते पुजारी।

अजमेर के फायसागर रोड स्थित प्राचीन चामुंडा माता मंदिर, बजरंग गढ़ स्थित अम्बे माता मंदिर, रामगंज में काली माता मंदिर, लोहाखान स्थित वैष्णो देवी मंदिर, शास्त्री नगर स्थित मेहन्दी खोला माता मंदिर, नौसर घाटी स्थित नौसर माता आदि मंदिरों में माता का पूजन हुआ। सुबह से ही भक्तों का आना शुरू हो गया। पहले दिन सभी मंदिरों में भीड़ दिखी। नौ दिन तक विभिन्न मंदिरों में कार्यक्रम होंगे। अष्टमी और नवमी को कन्याओं का पूजन होगा। माता मंदिरों में रोजाना अलग-अलग विशेष श्रृंगार किया जाएगा। लोग नौ दिन तक माता की आराधना कर व्रत-उपवास रखेंगे। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड के पाठ, घरों-मंदिरों में हवन-पूजन होंगे।

कुंड, जहां कभी खाली नहीं होता पानी
कुंड, जहां कभी खाली नहीं होता पानी

सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने की थी स्थापना

फायसागर रोड स्थित बोराज गांव की पहाड़ी पर विराजमान चामुंडा माता का मंदिर है। जहां पर साल भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यह लाखों लोगों का आस्था का केंद्र है। बता दें कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने इस मंदिर की स्थापना की थी और वे स्वयं यहां पूजा अर्चना किया करते थे। बताया जाता है कि मंदिर की स्थापना 1160 वर्ष पूर्व हुई थी. तब से लेकर आज तक चामुंडा माता की पूजा अर्चना नित्य होती है। मंदिर प्रांगण में गंगा मैया, भगवान भोलेनाथ, हनुमान जी और भैरव बाबा का भी मन्दिर है।

गंगा मैया के मंदिर में जल का एक छोटा सा कुंड है, जिसका पानी कभी भी समाप्त नहीं होता. इस कुंड के जल को गंगा के समान पवित्र माना जाता है। चामुंडा माता मंदिर को सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुल देवी माना जाता है। स्थानीय लोग चामुंडा माता को चामुंडा माई कह कर पुकारते है। कहा जाता है कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान माता के अनन्य भक्त थे। यहीं, वह स्थान है जहां माता ने उन्हें दर्शन दिये थे। बोराज गांव से मंदिर के सेवादार पूजा अर्चना किया करते है।

चामुंडा माता मंदिर में उमडे़ श्रद्धालु।
चामुंडा माता मंदिर में उमडे़ श्रद्धालु।
अम्बे माता मंदिर में आरती करते पुजारी।
अम्बे माता मंदिर में आरती करते पुजारी।
अम्बे माता मंदिर में उमडै़ श्रद्धालु।
अम्बे माता मंदिर में उमडै़ श्रद्धालु।
पहाड़ी पर स्थित चामुंडा माता मंदिर।
पहाड़ी पर स्थित चामुंडा माता मंदिर।
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