पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Ajmer
  • Corona's Red Signal On The Sale Of Green Firecrackers, 25 Crore Business Affected, This Time Manufacturing Environment Friendly Firecrackers

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कोरोना इफेक्ट:ग्रीन पटाखों की बिक्री पर कोरोना का रेड सिग्नल, 25 करोड़ का व्यापार प्रभावित, इस बार पर्यावरण फ्रेंडली पटाखों का निर्माण

मदनगंज-किशनगढ़एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

(विकास टिंकर). दीवाली पर इस बार ग्रीन पटाखों की बिक्री पर कोरोना का रेड सिंगल नजर आ रहा है। काेराेना की वजह से पटाखों का करीब 25 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है। देश भर में पटाखों की सप्लाई करने वाली किशनगढ़ स्थित आजाद फायर वर्क्स ने विपरीत हालातों में हिम्मत नहीं हारी है।

कोरोना की वजह से इस बार पटाखों का उत्पादन कम है और केमिकल महंगे होने की वजह से पटाखों की कीमतों में बीस से पच्चीस फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस बार पर्यावरण फ्रेंडली ग्रीन पटाखों का निर्माण किया जा रहा है लेकिन पिछली बार की अपेक्षा इस बार पटाखों की खरीद के लिए आर्डर कम मिल रहे है।

पटाखा व्यवसाय पर कोरोना का असर

कोरोना की वजह से व्यापार में आर्थिक मंदी का दाैर चल रहा है। इसका असर पटाखा व्यवसाय पर भी पड़ा है। किशनगढ़ में आजाद फायरवर्क्स दीवाली पर देश भर में पटाखों की बिक्री करती है। इस बार कोरोना की वजह से पटाखों की बिक्री को लेकर संशय की स्थिति है। दीवाली आने में एक माह का समय शेष रह गया है। पि

छले साल आजाद फायरवर्क्स में देशभर से पटाखें खरीदने के लिए आर्डर आना शुरु हो जाते थे, लेकिन इस बार काफी कम है। सूत्रों का कहना है कि कोरोना की वजह से इस बार केवल किशनगढ़ से पच्चीस करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित होने की संभावना है। पूरे देश में हजारों करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित होने की संभावना है।

फिर भी इरादे मजूबत

कोरोना की वजह से पटाखों बनाने वाली कंपनियों ने हार नहीं मानी है। कंपनी बच्चों को लुभाने के लिए आकर्षक फुलझड़ी, जमीन चक्करी, अनार आदि का निर्माण कर रही है। इसी प्रकार बड़े लोगों को लुभाने के लिए बम, राकेट आदि बना रही है। आजाद फायरवर्क्स के संचालक दीपक हासानी ने बताया कि कोरोना की वजह से व्यापार तो प्रभावित तो होगा, लेकिन कितना होगा इसका पता लगना अभी संभव नहीं है।

पटाखों को लेकर पर्यावरण प्रभावित होने की बात भी कहीं जा रही है। इस बार पूरे देश में ग्रीन पटाखों का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी वजह से पटाखोें से होने वाले पर्यावरण नुकसान में तीस फीसदी कमी आएगी। हर बार की तरह इस बार भी फुलझडी, अनार, सहित करीब छह सात तरह के पटाखे बनाए जा रहे है।

ऐसे बनते है ग्रीन पटाखें

पर्यावरण फ्रेंडली ग्रीन पटाखे बनाने के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोजिव डिपार्टमेंट (पेसो) और नेशनल एनवायरमेंट इंजीनियर रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) ने देशभर में 230 पटाखा बनाने वाली कंपनियों से एमओयू किया है। जिनमें किशनगढ़ की आजाद फायरवर्क भी शामिल है।

ग्रीन पटाखे 30 प्रतिशत तक कम धुआं करेंगे। जो धुआं निकलेगा वह भी नाम मात्र का रहेगा। इसी तरह पटाखों की आवाज भी ध्वनि प्रदूषण नहीं करेगी। पटाखे की आवाज 125 डेसीमल से ऊपर नहीं होगी। यानि इस बार धुआं और तेज आवाज को नियंत्रित किया गया है। पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोजिव डिपार्टमेंट (पेसो) अौर नेशनल एनवायरमेंट इंजीनियर रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) ने सालाें के रिसर्च कर पटाखों बनाने वाले कैमिकल में परिवर्तन किया है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- परिस्थिति तथा समय में तालमेल बिठाकर कार्य करने में सक्षम रहेंगे। माता-पिता तथा बुजुर्गों के प्रति मन में सेवा भाव बना रहेगा। विद्यार्थी तथा युवा अपने अध्ययन तथा कैरियर के प्रति पूरी तरह फोकस ...

और पढ़ें