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एसीबी की कार्रवाई:कृषि भूमि काे पाटने की तीन दिन में दो शिकायत देने के बाद पार्षद पति रंजन ने साध ली थी चुप्पी

अजमेर19 दिन पहले
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  • 22 और 25 जून काे डंपराें से मिट्टी लाकर खेत पाटने की शिकायत की
  • शिकायत में रंजन ने यह खुलासा नहीं किया कि क्या काम हाे रहा है

पार्षद पति रंजन शर्मा ने वकील की हैसियत से एडीए काे 22 जून काे पत्र लिखकर जाैंसगंज क्षेत्र में एक कृषि भूमि काे पाटने की शिकायत की थी। शर्मा ने अपने लैटर हेड पर आयुक्त काे लिखी चिट्ठी में जाैंसगंज इलाके में किशन जी चक्की वाले के खेत (माेतीराम का बाड़ा) के पीछे वीरेंद्र सैनी और चेतन पर कृषि भूमि काे पाटने का आराेप लगाया था। 25 जून काे दूसरी चिट्ठी लिखकर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया लेकिन उसके बाद चुप्पी साध ली। शर्मा की शिकायतें अब भी एडीए में लंबित है और कार्रवाई जारी है।

22 जून काे एडीए काे दी लिखित शिकायत में किशन चक्की वालाें के खेत के पीछे वीरेंद्र सैनी और चेतन खेत काे पाटने का काम कर रहे हैं, इसके लिए राेजाना रात काे सैकड़ाें की संख्या में डंपर इस काम काे निरंतर अंजाम दे रहे हैं। लाॅकडाउन के दाैरान भी निरंतर काम जारी है। शर्मा ने शिकायत में यह भी आराेप लगाया कि जब इन लाेगाें काे टाेकते हैं ताे ये कहते हैं कि एडीए में सांठगांठ है, उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। शर्मा ने आशंका जताई थी कि इस जमीन पर नियम विरूद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा, जिससे एडीए काे आर्थिक नुकसान हाेगा।

लेकिन शर्मा ने पूरी शिकायत में यह नहीं बताया कि अवैध प्लाट काटे जा रहे हैं या काेई निर्माण किया जा रहा है। 25 जून काे शर्मा ने दूसरी शिकायत दी और इसमें पहली शिकायत के तथ्याें काे दाेहराते हुए कहा कि उक्त क्षेत्र में एडीए के अधिकारी व कर्मचारी तैनात हैं, इसके बावजूद कृषि भूमि पर इतनी तेजी से काम कैसे हाे रहा है। अगर नियमानुसार काम हाे रहा है ताे एडीए उन्हें सूचित करे अन्यथा कार्रवाई की जाए। खास बात यह है कि दूसरी शिकायत में भी शर्मा ने यह खुलासा नहीं किया कि क्या काम हाे रहा है। तीन दिन में दाे शिकायती पत्र के बाद शर्मा ने चुप्पी साध ली, हालांकि यह शिकायतें एडीए में लंबित हैं।

दलाल किशन और देवेंद्र ने राजकीय महाविद्यालय चौराहे पर ~2 लाख की रिश्वत ली, एसीबी ने पकड़ा

एसीबी एसपी समीर सिंह के अनुसार न्यू गोविंद नगर रामगंज निवासी किशन खंडेलवाल व सात पीपली बालाजी मंदिर के पास बिहारीगंज निवासी देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आराेपी पार्षद पति रंजन शर्मा की तलाश की जा रही है। इस मामले में परिवादी ने शिकायत दी थी कि जाैंसगंज इलाके में पुश्तैनी भूमि के समतलीकरण करने के दौरान भाजपा पार्षद नीतू मिश्रा के पति रंजन शर्मा ने धमकाकर काम रुकवा दिया। एसीबी के डीएसपी पारसमल ने बताया कि परिवादी ने बताया था कि पार्षद के पति रंजन शर्मा ने 50 लाख रुपए की मांग की। इस संबंध में शिकायतकर्ताओं ने जब मोल भाव किया तो सौदा 40 लाख रुपए में तय हुआ। एसीबी ने इस सौदे का सत्यापन भी किया है। पार्षद पति रंजन शर्मा ने अपने दो दलाल देवेंद्र सिंह व किशन खंडेलवाल को रिश्वत राशि के संबंध में वार्ता करने एवं रिश्वत लेने के लिए कहा। एक जुलाई को मांग सत्यापन के दौरान 40 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। प्रथम किस्त रिश्वत राशि के रूप में 5 लाख रुपए देना तय हुआ। बुधवार 7 जुलाई को दलाल किशन खंडेलवाल एवं देवेंद्र सिंह ने राजकीय महाविद्यालय चौराहे पर 2 लाख रुपए की रिश्वत राशि ली और एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ लिया।

चाय की दुकान पर आराेपियाें ने की एसीबी जवानों से हाथापाई

जीसीए चाैराहे पर आराेपी दलाल किशन खंडेलवाल, देवेन्द्र और रंजन शर्मा काे परिवादी ने रिश्वत की पहली किश्त देने के लिए बुलाया था। एसीबी दल के जवान सादी वर्दी में तैनात थे। आराेपी किशन खंडेलवाल चाय की दुकान पर परिवादी से मिला और उससे दाे लाख रुपए लिए। सादी वर्दी में एसीबी जवानाें ने किशन काे दबाेच लिया ताे किशन उनसे हाथापाई करने लगा, इस बीच देवेन्द्र भी माैके पर पहुंचा और ट्रैफिक पुलिस का सिपाही भी बीच-बचाव के लिए पहुंचा। एसीबी जवानाें ने अपना परिचय देते हुए आराेपी देवेन्द्र और किशन काे पकड़ लिया। ट्रैफिक पुलिस जवान से भी एसीबी जवानाें की नाेंकझाेंक हाे गई।

नगर निगम पहुंची एसीबी की टीम

एसीबी की एक टीम जांच करने के लिए नगर निगम कार्यालय में दाेपहर तीन बजे पहुंची। एसीबी की टीम काे देख वहां सभी के हाेश उड़ गए। कई लाेग इधर-उधर हाे गए, जबकि कुछ उपायुक्त सीता वर्मा के कक्ष के बाहर पत्रावलियां लेकर खड़े रहे। एसीबी के उपअधीक्षक पारसमल ने उपायुक्त वर्मा के कक्ष में वार्ड 41 के जमादार व कनिष्ठ अभियंता अर्तिका काे बुलाया। वहां पर उनसे जानकारी ली गई कि क्या उन्हें पार्षद नीतू मिश्रा या उनके पति रंजन शर्मा ने जमीन के मामले में काेई शिकायत दी थी। जमादार ने कहा कि वहां पर जमीन के पहले सड़क पर बिना अनुमति के स्पीड ब्रेकर बना दिए गए। उनकाे हटाने के लिए जेसीबी मंगवाई गई थी। पार्षद नीतू मिश्रा ने आयुक्त डाॅ. खुशाल यादव काे शिकायत दी थी कि उनके वार्ड में पिछले कुछ दिनाें से डंपर व ट्रैक्टर आने के कारण सड़कें टूट गई हैं। इस कारण उन पर कार्रवाई की जाए। जेईएन ने वहां पर प्लाॅट काट कर व्यक्ति काे नाेटिस जारी किया कि या ताे वह निगम आकर नाेटिस ले जाएं या पता बता दें, ताे निगम से नाेटिस भेज दिया जाएगा। एसीबी दाेनाें के बयान दर्ज करके वापस लाैट गई।​​​​​​​

पार्षद के घर की तलाशी| एसीबी ने नीतू मिश्रा और उसके पति आराेपी रंजन के घर पर तलाशी ली। रंजन फरार है। एसीबी के अनुसार आरोपी पार्षद पति को भी मौके पर रिश्वत लेने पहुंचना था, लेकिन वो नहीं पहुंचा। अन्यथा वह भी रंगे हाथ पकड़ा जाता। कार्रवाई में एसीबी इंटेलीजेंस यूनिट टीम में उप अधीक्षक पारसमल, पुलिस निरीक्षक राजेन्द्रसिंह, एएसआई कन्हैयालाल, लक्ष्मणदान, भरतसिह, अर्जुनलाल, मनीष कुमार शामिल थे। बता दें कि आरोपी रंजन जीसीए में उपाध्यक्ष और अध्यक्ष, भाजपा प्रवक्ता, बार पदाधिकारी रह चुका है।​​​​​​​

निगम-एडीए में शिकायत करने पर हमारे खिलाफ द्वेषतापूर्ण कार्रवाई हुई

वार्ड 41 की पार्षद नीतू मिश्रा ने कहा कि उनके पति रंजन शर्मा काे द्वेषतापूर्ण तरीके से फंसाया गया है। उनके घर के पीछे एक कृ़षि भूमि पर प्लाॅट काटे जा रहे हैं। इस प्लाॅटिंग के लिए खेत में मलबा डाला जा रहा है। रात काे यहां डंपर दाैड़ते रहते हैं। ओवलाेड डंपर आने के कारण यहां पर सड़कें क्षतिग्रस्त हाे गई हैं। कई फेराेकवर टूट चुके हैं। कुछ प्लाॅट काट दिए जाने के कारण वहां पर निर्माण के लिए बजरी भी आ रही है। दिन रात बजरी आने के कारण रही सही सड़कें टूट गई हैं। गत दिनाें उन्हाेंने अपने स्तर पर नाली व टूटी सड़कें रिपेयर करवाई। क्राॅस में नाली बनवाई। यह कैसे संभव है कि एक ही सड़क बार बार बनवाते रहें। कई बार इन लाेगाें काे डंपर लाने के लिए राेका लेकिन काेई सुनवाई नहीं हुई। आखिर इस मामले में 22 व 25 जून काे नगर निगम व अजमेर विकास प्राधिकरण में लिखित में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस कंट्राेल रूम 100 नंबर पर भी शिकायत दी गई। इस मामले में शिकायत दर्ज करवाए जाने के कारण द्वेषतापूर्ण कार्रवाई की गई। एसीबी ने उनके घर पर भी तलाशी ली लेकिन कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला, हमने एसीबी से लिखित में लिया है। इस मामले में उनका काेई लेना देना नहीं है।​​​​​​​

रिश्वत कांड में भाजपा पार्षद के पति का नाम आने के बाद कांग्रेस हुई हमलावर

अजमेर| एसीबी द्वारा भाजपा पार्षद पति के दाे दलालाें की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने हमलावर तेवर अपना लिए हैं। निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन की ओर से जारी बयान में कहा कि भाजपा पार्षद के पति रंजन शर्मा पीड़ित पक्ष से 10 प्लॉट उसके नाम करवाने की मांग रखी। बाद में उसने अपने दलाल किशन खंडेलवाल और देवेंद्र सिंह को भेजा, जिन्होंने प्लॉट नहीं देने पर 50 लाख रुपए देने की बात कही। इस राशि में परिवादी राजी नहीं हुआ तो 40 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि इससे पूर्व भाजपा बोर्ड में ही सन‌् 2000 से 2005 में पार्षद सीता सोनी, 2015 से 2020 में भाजपा के राजेंद्र पंवार को भी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिश्वत के मामले में आराेपी बनाया था। कांग्रेस प्रवक्ता मुजफ्फर भारती ने कहा कि भाजपा के वर्तमान बोर्ड में शहर में अवैध व्यवसायिक एवं रिहायशी निर्माणों की भरमार हाे गई है। इसमें करोड़ों का भ्रष्टाचार हो रहा है। भाजपा बोर्ड ने आनासागर डूब क्षेत्र में जिस पर हाईकाेर्ट द्वारा निर्माण की रोक लगाई हुई है, भ्रष्टाचार के चलते डूब क्षेत्र में केचमेंट एरिया में खुलेआम निर्माण की छूट दी हुई है।​​​​​​​

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