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किसानों को महंगी पडे़गी खरीफ पैदावार:DAP खाद की होने लगी किल्लत; तीन माह में डेढ़ गुना बढ़ी दर, आगामी दिनों में कालाबाजारी की आशंका

अजमेरएक महीने पहले
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सिंबोलिक इमेज - Dainik Bhaskar
सिंबोलिक इमेज

किसानों को खरीफ की फसलों की पैदावार महंगी पड़नी वाली है। कारण, फसल के लिए आवश्यक आदान DAP खाद का भाव तीन महीनों में ही 50 किलो का कट्टा 1200 से बढ़ कर 1900 रुपए तक पहुंच गया है। माना यही जा रहा है कि खरीफ की फसल आने तक बाजार में DAP खाद की किल्लत और कालाबाजारी भी संभव है।

कृषि विभाग के सूत्रों के मुताबिक फरवरी में डीएपी का कट्‌टा 1200 रुपए तक बिक रहा था। लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से बाजार में DAP के कट्‌टे का भाव 1900 रुपए तक पहुंच गया है। काश्तकारों को यह भी समस्या आ रही है कि कई आदान विक्रेता कट्‌टे पर लिखी दर से भी अधिक दर पर बेच रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतें
पोटाश कंपनी के एक प्रतिनिधि का कहना है कि DAP का एक बड़ा हिस्सा भारत में आयात होता है। भारत में सबसे अधिक आयात अमेरिका, सऊदी अरब, रूस से होता है। फरवरी में अंतरराष्ट्रीय बाजार में DAP की दर 350 से 370 डॉलर प्रति टन चल रही थी। वर्तमान में यह दर बढ़ कर 540 डॉलर तक पहुंच गई है। करीब 200 डॉलर की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस बढ़ोतरी का असर देश में भी पड़ा है।

खरीफ में 2 से 2.5 लाख टन DAP की जरूरत
विभागीय सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में DAP पूरे साल में करीब साढ़े सात से 8 लाख टन तक खपत होती है, लेकिन विशेषकर खरीफ सीजन में 2 से 2.5 लाख टन की खपत होती है। सूत्रों का कहना है कि हालत यह है कि इस समय पाइप लाइन में भी DAP नहीं है। ऐसे में खरीफ की बुवाई के समय में DAP की किल्लत पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। पिछले तीन महीनों में ही दरें आसमान छूने लगी है।

बारिश की शुरूआत के साथ ही होगी बुवाई
अजमेर सहित प्रदेश में खरीफ की फसलों की बुवाई बारिश के साथ ही शुरू हो जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि अगले महीने के अंत या जुलाई शुरूआत से बुवाई शुरू हो सकती है। कई काश्तकार प्री मानसून की बारिश के साथ ही बुवाई शुरू कर देते हैं।

प्रमुख खरीफ फसलें
खरीफ की प्रमुख फसलों में धान (चावल), मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, मूंगफली, गन्ना और सोयाबीन हैं। इनमें से मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, मूंगफली और सोयाबीन की बुवाई होती है।

(रिपोर्ट: आरिफ कुरैशी)

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