सुभाषनगर आरओबी के निर्माण का रास्ता साफ:दयानंद कॉलेज ने आरओबी के लिए दी 6 बीघा जमीन, एवज में 236 बीघा वापस मिलेगी

अजमेर2 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

दयानंद कॉलेज प्रशासन ने ब्यावर रोड पर बनने वाले रेलवे ओवर ब्रिज के लिए करीब छह बीघा जमीन निशुल्क देने पर सहमति दे दी है। इसके साथ ही कॉलेज प्रशासन के एडीए व जिला कलेक्टर के बीच हुए त्रिपक्षीय एमओयू के तहत तीन साल पहले कॉलेज से ली गई करीब 236 बीघा जमीन उन्हें वापस मिल जाएगी। चार साल से आरओबी का काम इस जमीन विवाद के चलते अटका हुआ था जो अब शुरू हो पाएगा और इसके पूरा होने पर क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी को फायदा हाेगा।

दयानंद कॉलेज प्रशासन की ओर से अधिकृत कॉलेज प्रिंसिपल एलके शर्मा ने आरओबी के लिए निशुल्क जमीन सौंपने संबंधी एनओसी व सहमति पत्र बुधवार को जिला प्रशासन को सौंप दिया है। गौरतलब है कि कई दशक पूर्व आर्य समाज शिक्षा सभा एवं तत्कालीन अजमेर मेरवाड़ा सरकार के मध्य करार निष्पादित किया जाकर दयानंद कॉलेज को 105.00 एकड़ (242-13-15 बीघा) भूमि आवंटित की गई थी, जिसमें अब निशुल्क समर्पित की गई जमीन भी शामिल है। तीन साल पहले आरओबी को जमीन देने को लेकर विवाद हुआ तो रिकार्ड खंगाले गए। पता चला कि आर्य शिक्षण संस्था को यह जमीन 26 जनवरी 1946 को तत्कालीन गर्वनर जनरल कौंसिल ने एक एग्रीमेंट के तहत शैक्षणिक और कृषि उपयोग के लिए दी थी। लेकिन जमीन का बड़े पैमाने पर व्यवसायिक उपयोग कर एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार तत्कालीन कलेक्टर गौरव गोयल ने जांच कमेटी से जांच करवाकर आवंटन निरस्त करते हुए पूरी जमीन सरकारी खाते में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए और इसके बाद जमीन एडीए को सौंप दी गई। कॉलेज प्रशासन ने आवंटन निरस्त करने संबंधी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देकर स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया था।

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