ऐसा था दिलीप कुमार का क्रेज:अपनी दूसरी पत्नी के साथ अजमेर दरगाह पहुंचे तो उमड़ पड़ी थी फैंस की भीड़, एक झलक पाने के लिए लग गई थी होड़

अजमेर5 महीने पहले
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बाबू भाई घोसी के साथ दिलीप कुमार। - Dainik Bhaskar
बाबू भाई घोसी के साथ दिलीप कुमार।

ट्रेजडी किंग और सदी के महानायक दिलीप कुमार महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के गहरे अकीदतमंद थे। करीब दो दशक पहले आखिरी बार दिलीप कुमार अपनी दूसरी पत्नी आसमा के साथ दरगाह जियारत के लिए आए थे। अपने दौर के सुपरस्टार दिलीप कुमार की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों का सैलाब उमड़ गया था। यादों के झरोखों में झांकते हुए शूटिंग अरेंजमेंट करने वाले बाबू भाई घोसी ने यह जानकारी दी।

बाबू भाई घोसी बताते हैं कि राज्य के पूर्व चिकित्सा मंत्री एतमाद उद्दीन खान दुरु मियां के साथ दिलीप कुमार हैदराबाद निवासी दूसरी पत्नी के साथ दरगाह जियारत को आए थे। प्रशंसकों की भीड़ ना हो इसके लिए यह व्यवस्था की गई थी कि उन्हें शाम को जियारत कराई जाएगी, लेकिन प्रशंसकों को दिलीप कुमार के आने की खबर लग चुकी थी। नतीजा दिलीप कुमार के आने से पहले ही प्रशंसकों का जमावड़ा दरगाह और दरगाह बाजार में लग चुका था। पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। दिलीप कुमार जब पहुंचे तो भीड़ काफी थी। बमुश्किल उन्हें जियारत के लिए ले जाया गया। उन्होंने गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर मन्नत मांगी थी। उनकी एक झलक पाने के लिए होड़ लगी थी।

सर्किट हाउस में किया था नाइट स्टे

बाबू भाई बताते हैं कि दिलीप कुमार को जियारत के बाद सर्किट हाउस ले जाया गया। सर्किट हाउस पर भी प्रशंसकों का जमावड़ा था। लोग दिलीप साहब से मिलने के लिए बेताब थे। दिलीप कुमार ने नाइट स्टे सर्किट हाउस में किया था।

अजमेर दरगाह
अजमेर दरगाह

प्रशंसकों के साथ खिंचवाई थी फोटो

बाबू भाई बताया कि दिलीप साहब ने प्रशंसकों के साथ फोटो खिंचवाई। बाबू भाई के आग्रह करने पर दिलीप साहब ने उनके साथ भी फोटो खिंचवाई। यह यादगार फोटो उन्होंने अपने गेस्ट हाउस में भी लगा रखी है। जायरीन इस फोटो को देखकर बहुत खुश होते हैं। बाबू भाई ने बताया कि दिलीप साहब ऐसे कलाकार हैं जिन्हें देखकर बहुत सारे अभिनेताओं ने एक्टिंग सीखी है। आज उनका इस तरह से चले जाना देश दुनिया के करोड़ों प्रशंसकों के लिए बड़े दुख की घड़ी है।

(रिपोर्ट: आरिफ कुरैशी)

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