पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Ajmer
  • Does Not Take Action On Breaking The Pipeline; Due To The Interruption Of Water Supply, The General Public Is Also Upset, The Amount Is Not Collected Even For Wastage Of Water.

जल संसाधन विभाग की बेपरवाही:पाइप लाइन तोड़ने पर नहीं करता कार्रवाई; जलापूर्ति बाधित होने से आमजन भी होता परेशान, पानी की बरबादी भी नहीं वसूलता राशि

अजमेर19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
ऐसे होता पानी बरबाद। - Dainik Bhaskar
ऐसे होता पानी बरबाद।

अजमेर शहर में चल रहे विकास कार्यो का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदारों पर जल संसाधन विभाग मेहरबान है। इन कार्यो के कारण आए दिन शहर में पाइप लाइन टूटती है और न केवल जलापूर्ति बाधित, बल्कि पानी भी व्यर्थ बहता है। पाइप लाइन टूटने का अगर पता चलता है तो ठेकेदार खुद के स्तर पर ही ठीक कर इतिश्री कर लेता है। भले ही इससे आमजन को परेशानी होती है और सरकार का पानी भी बरबाद हो जाता है, लेकिन जल संसाधन विभाग न तो इस मामले में कोई जुर्माना वसूलता है और न ही कोई कार्रवाई करता है।

अजमेर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, सीवरेज, टेलीफोन लाइन, गैस पाइप लाइन बिछाने सहित कई प्रकार के कार्य चल रहे हैं। इन कार्यो के कारण की जाने वाली सड़क खुदाई के दौरान शहर में आए दिन पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होती है। इससे जहां पर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होती है, उस क्षेत्र में सप्लाई के दौरान जलापूर्ति बाधित हो जाती है और पानी की भी बरबादी होती है। अगर इसका पता काम चलने के समय चल जाता है तो ठेकेदार की ओर से इसे दुरस्त कर दिया जाता है और अगर पता नहीं चलता तो बाद में या तो पानी ऐसे ही लगातार व्यर्थ बहता है या फिर जल संसाधन विभाग खुद इसे दुरस्त करता है। जानकारों का कहना है कि भले ही ठेकेदार इसे दुरस्त कर देता है लेकिन जो पानी उसकी लापरवाही से बहा,उसका भुगतान तो जल संसाधन विभाग को वसूल करना चाहिए,लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा।

यह हो रहा है

कार्य के दौरान पाइप लाइन टूटने पर जलापूर्ति बाधित हो जाती है और सप्लाई के दौरान पानी बेकार ही बह जाता है। लोगों की जब शिकायत मिलती है तो जल संसाधन विभाग की ओर से ठेकेदार को ही दुरस्त करने के लिए बोला जाता है और वह इसे आनन फानन में दुरस्त कर दिया जाता है।

होना यह चाहिए

पाइप लाइन टूटने पर जल संसाधन विभाग को सूचना करनी चाहिए। इसके बाद विभाग का इंजीनियर मौका देखता है और बेकार बहे पानी की कीमत के साथ वहां लगने वाले सामान व लेबर का एस्टीमेट तैयार करेगा। इसके बाद ठेकेदार को नोटिस जारी राशि की वसूली करेगा और इसके बाद लाइन दुरस्त की जाएगी।

बह रहा पानी, हो रही परेशानी

ठेकेदार की ओर से आनन फानन में की जानी वाली मरम्मत के कारण कई बार कईं जगह लीकेज रह जाता है और पानी व्यर्थ बहता रहा है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त प्रेशर से पानी नहीं मिल पाता और परेशानी उठानी पड़ती है। कईं बार खुद जल संसाधन विभाग को भी इसे दुरस्त कराना पड़ता है।

केवल ठीक कराते, नहीं वसूलते राशि

जल संसाधन विभाग अजमेर के अधिशाषी अभियंता विष्णु प्रकाश शर्मा व गोपाल शर्मा से जब इस सम्बन्ध में बात की तो उनका कहना रहा कि कार्य के दौरान पाइप लाइन टूटने पर ठेकेदार से दुरस्त करा लेते है। बहे पानी के लिए कोई राशि वसूलने की कोई जानकारी नहीं है।

खबरें और भी हैं...