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कोरोना संक्रमण:घर-घर सर्वे अभियान : दूसरा चरण आज से, घर-घर ही होगा उपचार, बांटेंगे दवाएं

अजमेरएक महीने पहले
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कोरोना संक्रमण रोकने के लिए चलाए गए घर-घर सर्वे अभियान के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अभियान का दूसरा चरण शुक्रवार से शुरू किया जाएगा। इस दौरान घर-घर में उपचार के लिए दवाइयां भी दी जाएगी। इस संबंध में इन्सीडेंट कमांडर्स एवं उपखंड अधिकारियों को वीसी के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि जिले में घर-घर सर्वे अभियान चलाया गया था। जिले में बुखार, जुकाम एवं खांसी से पीड़ित व्यक्तियों को घर पर ही उपचार सुलभ करवाया गया। इससे कम व्यक्ति बाहर निकले तथा चिकित्सा केंद्रों पर गए बिना ही उन्हें दवा उपलब्ध हो गई। इस कारण कोरोना के संक्रमण की रफ्तार में कमी आई। द्वितीय चरण के लिए स्थानीय स्तर पर गठित दल जिले के प्रत्येक घर पर जाकर बुखार, जुकाम एवं खांसी से पीड़ित व्यक्तियों का चिह्नीकरण करेंगे। मौके पर ही दवाओं के किट देंगे। दल द्वारा प्रत्येक परिवार को घर पर ही रहने के बारे में समझाइश की जाएगी।

किट में है यह सामग्री : चिकित्सा विभाग के दल द्वारा तैयार किए गए किट में एचसीक्यू(आईवरमेक्टिन), एजीथ्रोमाइसिन (डोक्सी), विटामिन सी, जिंक सल्फेट, पेरासिटामोल, लिवोसिट्रीजिन, पेन्टाडोलोज तथा असल्टामिविर दवाएं होती हैं।
सर्वे में चिह्नित मरीजों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस | सर्वे दल द्वारा समस्त परिवारों को निकटवर्ती चिकित्सा केंद्र में कार्यरत कार्मिकों एवं चिकित्सकों के मोबाइल नंबर भी प्राप्त किए जाएंगे।

बीमारी के लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा परामर्श लिया जा सकेगा। चिह्नित मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार के संबंध में चिकित्सा केंद्र द्वारा निरंतर जानकारी ली जाएगी। सर्वे में चिह्नित मरीजों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस किया जाएगा। प्रत्येक मरीज का ऑक्सीजन लेवल मेंटेन रखने के प्रयास किए जाएंगे।

ऑक्सी पल्स मीटर उपलब्ध कराए, बताएंगे कैसे बढ़ाएं ऑक्सीजन लेवल
चिकित्सा विभाग के कार्मिकों को सरकार द्वारा ऑक्सी पल्स मीटर उपलब्ध करवाए गए हैं। स्थानीय चिकित्साकर्मी चिह्नित मरीजों के घर जाकर ऑक्सीजन लेवल की जांच करेंगे। सर्वे दल द्वारा मरीजों तथा परिजनों को ऑक्सीजन लेवल मेंटेन रखने के बारे में प्रोनिंग के प्रति जागरूक किया जाएगा। चिकित्सकों द्वारा सुझाए गए व्यायाम एवं लेटने के पॉश्चर के बारे में बताया जाएगा। ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए 30 मिनट से 2 घंटे पेट के बल लेटें। फिर 30 मिनट से 2 घंटे दाईं तरफ (सीधा हाथ नीचे) लेटे। इसके बाद आधे घंटे से 2 घंटे तक मरीज सामर्थ्य के अनुसार बैठे रहें।

मरीज को इसके बाद में बांयी तरफ लेटकर आधे घंटे से 2 घंटे पेट के बल लेटना होगा। प्रोनिंग के दौरान एक तकिया गर्दन के नीचे, एक या दो तकिए छाती और जांघ के ऊपरी हिस्से के बीच तथा दो तकिए पैरों की पिंडलियों के नीचे रखें। भोजन के बाद एक घंटे तक तथा गर्भावस्था में प्रोनिंग से बचना चाहिए। मरीज आरामदायक तरीके से अधिकतम 16 घंटे तक प्रोनिंग कर सकता है।

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