अब नया विवाद:डोटासरा के समधी, पुत्रवधू, उसके भाई-बहन पर ओबीसी का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने का आराेप

अजमेर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • जयपुर के वकील गोरधन सिंह सहित छह लोगों ने आरपीएससी चेयरमैन व सदस्यों को भेजा सूचना पत्र, चेतावनी भी दी ... अगर मुकदमा दर्ज नहीं करवाया तो चेयरमैन व सदस्यों के खिलाफ करेंगे कार्रवाई

जयपुर निवासी वकील गोरधन सिंह सहित छह लोगों ने गोविंद सिंह डोटासरा के समधी जिला शिक्षा अधिकारी चूरू रमेशचंद्र व उनकी तीन संतानों पर ओबीसी का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर उसके आधार पर आरएएस में चयनित हाेने का आराेप लगाया है।

गोरधन सिंह व अन्य ने आरपीएससी चेयरमैन डॉ. भूपेंद्र यादव और साताें सदस्यों को सूचना पत्र भेजकर कहा है कि इस मामले में आरपीएससी प्रशासन अपनी ओर से सिविल लाइंस थाना में मुकदमा दर्ज करवाए अन्यथा 24 घंटे बाद आरपीएससी चेयरमैन और सदस्यों के खिलाफ उनके द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।

गोरधन सिंह ने चेयरमैन यादव, सदस्य राजकुमारी गुर्जर, रामुराम राईका, शिव सिंह राठौड़, संगीता आर्य, जसवंत सिंह राठी, बाबूलाल कटारा और मंजू शर्मा को सूचना पत्र भिजवाया दिया है। दूसरी ओर, रमेशचंद ने इन आराेपाें काे गलत ठहराते हुए ओबीसी प्रमाण पत्राें काे नियमानुसार बताया है।

चेयरमैन काे गाेरधनसिंह ने जाे सूचना पत्र भेजा है, उसमें कहा है कि चूरू के जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पूनिया की पुत्री प्रतिभा, प्रभा और बेटे का आरएएस में चयन हुआ है। रमेश चंद्र पूनिया को 32 वर्ष 3 माह की आयु पूरी होने पर प्रधानाध्यापक पद पर प्रमोशन मिल गया था।

इसलिए उनकी संतान ओबीसी क्रीमिलेयर की श्रेणी में आएगी और उन्हें ओबीसी कोटे का लाभ नहीं मिल सकता है। इसके बावजूद रमेशचंद्र ने तीनों संतान के ओबीसी प्रमाण पत्र बनवा लिए। प्रतिभा 2016 में ही चयनित हाे गई थी। वाे अभी एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं। गौरव व प्रभा का आरएएस 2018 परीक्षा में हाल ही में चयन हुआ है। रोचक बात यह है कि इन तीनों को आरएएस साक्षात्कार में 80-80 नंबर मिले हैं।

जो जाति प्रमाण पत्र बनवाए हैं वह कूटरचित हैं

गाेरधन सिंह व अन्य का आरोप है कि रमेशचंद्र व उनकी तीनों संतानें क्रीमीलेयर में आते हैं और उन्हें ओबीसी कोटे का लाभ नहीं दिया जा सकता है ऐसे में जो जाति प्रमाण पत्र बनवाए हैं वह कूटरचित हैं। इसलिए इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 409, 406, 467, 468, 471, 166, 167 एवं 120 बी. आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज करवाया जाना चाहिए। चूंकि सूचना पत्र के जरिये यह जानकारी आरपीएससी चेयरमैन व सदस्यों के संज्ञान में आ गई है इसलिए उनकी ओर से 24 घंटे में मुकदमा दर्ज करवाना चाहिए। सूचना पत्र में चेतावनी दी है कि अगर मुकदमा दर्ज नहीं करवाया जाता है तो आरपीएससी अध्यक्ष व सदस्यों के साथ ही इन चारों के खिलाफ गोरधन सिंह व अन्य सूचनाकर्ता एफआईआर दर्ज करवाएंगे।

आराेप गलत है, प्रमाण पत्र सही हैं

मैं ग्रेड थर्ड शिक्षक के पद पर नियुक्त हुआ था। 32 की आयु में हैड मास्टर बना। ग्रेड पे 6500 रुपए थी। जब मैं 43 साल का था तब प्रधानाध्यापक बना। इसीलिए 40 साल वाला नियम मुझ पर लागू नहीं हाेता। मैंने मेरे तीनाें बच्चाें के ओबीसी प्रमाण पत्र अपने वेतन संबंधी व अन्य सभी दस्तावेज लगाए जिनके आधार पर ओबीसी नाेटिफिकेशन में तय नियमाें से प्रशासन ने प्रमाण पत्र जारी किए। आराेप पूरी तरह गलत हैं।
-रमेश चंद्र पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी, चूरू

खबरें और भी हैं...