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दूसरे साल भी नहीं होगा रावण दहन:अजमेर के पटेल मैदान में नहीं निकलेगी राम की सवारी, आतिशबाजी का भी आनन्द नहीं ले सकेंगे शहरवासी

अजमेर2 महीने पहले
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पटेल मैदान: फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
पटेल मैदान: फाइल फोटो

कोविड-19 के कारण इस साल दूसरा मौका होगा जब दशहरा पर दूधिया रोशनी में सजा पटेल मैदान, शाम के समय राम की सवारी, फिर रावण सहित कुम्भकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन और आतिशबाजी, नगर निगम की ओर से ऐसा कुछ भी नहीं किया जाएगा। लेकिन परंपरा को निभाने के लिए श्री अग्रवाल मारवाड़ी पंचायत धड़ा की ओर से ऊसरी गेट स्थित रावण की बगीची में सांकेतिक रूप से रावण दहन होगा। इसमें कोविड गाइडलाइन के तहत केवल धड़े के सीमित लोग ही शामिल होंगे।

दो साल यानि कोरोना से पहले तक नगर निगम की ओर से बुराई के प्रतीक अहंकारी रावण के दहन का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता रहा है। यहां पर नवरात्र शुरू होने के साथ ही जवाहर रंगमंच में रामलीला का मंचन शुरू हो जाता था, पटेल मैदान में रोजाना गरबा के कार्यक्रम, बाद में राम की सवारी, राम रावण युद्ध सहित अन्य आयोजन के बाद रावण के पुतलों का दहन होता था।

वर्ष 2019 ही रावण का 65 फुट उंचे व कुम्भकरण व मेघनाद के 55—55 फुट उंचे पुतलों का दहन किया गया। यहां पर भव्य आतिशबाजी भी की जाती रही है। हर साल रावण दहन, रामलीला, आतिशबाजी और गरबा आदि कार्यक्रमों पर नगर निगम की ओर से करीब 40 से 50 लाख खर्च किए जाते है।

शहर में अब तक करीब बीस से पच्चीस स्थानों पर रावण दहन किया जाता था। पटेल स्टेडियम के अतिरिक्त नगरा भटटा में होने वाला आयोजन भी चर्चित था। सर्वाधिक ऊंचाई वाले रावण पटेल मैदान में बनाए जाते थे, जिनकी पिछली साल उंचाई 65 फीट थी। पटेल मेदान में सर्वाधिक भीड रहती थी, करीब पचास हजार दर्शक कार्यक्रम का आनन्द लेते थे। लेकिन इस बार ऐसे सामूहिक आयोजन कम ही देखने को मिलेंगे।

बिना आतिशबाजी मनाएंगे त्योहार
बिना आतिशबाजी मनाएंगे त्योहार

पटाखे बेचे तो 10 हजार, चलाए तो 2 हजार रुपए जुर्माना, अजमेर जिले में 31 जनवरी तक लगाई रोक, अस्थाई लाइसेंस भी जारी नहीं होंगे

आगामी दिनों में आने वाले त्योहार पर पटाखों का धूम-धड़ाका नहीं होगा। राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों की पालना में अजमेर जिले में आगामी 31 जनवरी 2022 तक पटाखों की बिक्री एवं चलाने पर रोक लगा दी गई है। कोई भी विक्रेता पटाखा बेचते पाया गया तो उस पर 10 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसी तरह पटाखे चलाने पर 2 हजार रूपए का जुर्माना लगेगा। इस बार अस्थाई लाइसेंस भी जारी नहीं किए जाएंगे।

जिला मजिस्ट्रेट प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि विशेषज्ञों की ओर से प्रदेश में कोविड-19 की तीसरी लहर आने की संभावना व्यक्त की गई है। गत वर्ष कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों को आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके अतिरिक्त आतिशबाजी से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। आतिशबाजी के धुंए से वृद्धजन, बीमार व्यक्ति, सीओपीडी, अस्थमा और कोविड-19 के रोगियों पर विपरीत असर पड़ता है।

इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य में नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए 31 जनवरी 2022 तक सभी प्रकार की आतिशबाजी को बेचने व चलाने पर प्रतिबंध लागू किया गया है। राज्य सरकार ने नागरिकों के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए आतिशबाजी की अस्थायी अनुज्ञापत्र जारी नहीं करने के निर्देश दिए थे। अब नए निर्देशों के तहत कोई भी दुकानदार किसी भी प्रकार की आतिशबाजी विक्रय नहीं करेगा। पटाखे बेचने पर 10 हजार रूपए जुर्माना लगेगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की आतिशबाजी का उपयोग नहीं करेगा और न ही चलाने की अनुमति देगा। इस पर 2 हजार रूपए जुर्माना लगेगा।