प्रदेश का पहला GSS, जहां बिजली चोरी नहीं:प्रयास रंग लाए, ना ही फाल्ट के कारण जाती है लाइट

अजमेर6 महीने पहले
काकड़ा गांव में काम करते कार्मिक।

अजमेर डिस्कॉम का काकड़ा जीएसएस पहला ऐसा पावर हाउस बन गया है, जहां न बिजली चोरी होती है, और ना ही फाल्ट के कारण बिजली जाती है। इस पावर हाउस के 11 गांवों के ग्रामीण और विभाग के समन्वित प्रयासों से मात्र तीन महीने में तस्वीर बदल गई है। पहले यहां 74 प्रतिशत तक बिजली छीजत होती थी, आज यह आंकडा घट कर 6.4 प्रतिशत आ गया है। क्षेत्र के अधिकांश घरो में बिजली कनेक्शन है और पूरी गुणवत्ता की बिजली मिल रही है। डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक एन.एस निर्वाण ने बताया कि झुंझुनू जिले के बुहाना क्षेत्र के काकड़ा जीएसएस ने यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। डिस्कॉम के आदर्श जीएसएस अभियान के तहत बुहाना की टीम ने काकड़ा जीएसएस को गोद लेकर मई में अभियान शुरु किया था। अधिकारियो ने सबसे पहले ग्रामीणों से समझाइश शुरु की। बातचीत शुरु हुई तो राह खुली और सामने आई यह सुखद तस्वीर।

इस तरह बदले हालात
प्रबंध निदेशक एन.एस निर्वाण ने बताया कि पावर हाउस से जुडे पांचों फीडर के सभी 11 गांव ट्रिपिंग फ्री हो गए हैं। यहां शटडाउन और एलटी कट के अलावा बिजली गुल नहीं होती। 3 महीने पहले इस जीएसएस को गोद लिया गया था। शुरुआत में कई सारे चैलेंज थे। जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर हरियाणा से सटे काकडा गांव में सर्वाधिक बिजली चोरी होती थी। पूर्व के आंकडों के मुताबिक यहां 74 फीसदी छीजत थी। पहली मुश्किल चोरी रोकना ही थी। बकाया राजस्व वसूली भी चुनौती था। ग्रामीणों के साथ बैठकें की, उन्हें समझाया। सरकार की घरेलू बिजली अनुदान योजना के बारे में बताया। ट्रिपिंग मुक्त बिजली देने का भरोसा दिलाया तब लोग बदलाव के लिए सहर्ष राजी हो गए। यह कार्य 23 जुलाई को पूरा हो गया है। केबल और ढीलें तारों को बदले जाने से साल में बार बार होने वाले हादसों पर भी रोक लग गई।

पोल पर लगाए मीटर
पांच फीडरों से जुडे सभी उपभोक्ताअेां के मीटर घर से दूर पोल पर सीलबंद बॉक्स में लगाए गए है। नई आर्म्ड केबल डाली गई, झूलते तारों को ऊंचा करने के लिए पोल लगाए, नए कनेक्शन जारी किए गए। इससे 11 गांव शटडाउन व एलटी कट छोडकर ट्रिपिंग मुक्त हो गए। बिजली चोरी रुक गई, छीजत 74 फीसदी से 6.48 प्रतिशत पर आ गई। 57 कटे हुए कनेक्शन फिर से जारी किए गए। साथ ही 3 कैंप लगाकर 237 नए कनेक्शन दिए गए है।
करीब 500 सीलबंद बॉक्स लगाए। जिनमें प्रत्येक में 4 से 6 तक मीटर लगे। यहां 405 बॉक्स में चार-चार मीटर के हिसाब से 1205 कनेक्शनों के मीटर लगाए गए। इसी तरह 85 बॉक्स में 6-6 के हिसाब से 305 मीटर लगाए और बॉक्स को सील कर दिया गया। इससे बिजली छीजत में कमी आ गई।

पहला चोरी मुक्त जीएसएस
काकड़ा जीएसएस प्रदेश का चोरी मुक्त जीएसएस बन गया है। इसे मॉडल के रुप में पूरे डिस्कॉम क्षेत्र में लागू किया जाएगा।
काकडा जीएसएस से जुडे ढाणी भालोठ, चूडीना, काकडा सिटी, काकडा ग्रामीण व सोहली फीडर के सभी 11 गांव ट्रिपिंग मुक्त हो गए। ग्रामीण कहते है कि बिजली सप्लाई में पहले से बहुत सुधार हुआ है। दूसरा फायदा यह हुआ कि अब फाल्ट बहुत कम हो गए। झूलते तारों के नीचे नए पोल लगा कर पुरानी लाइनों को बदल दिया गया है।