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अजमेर में पशु-पक्षी प्रेम ऐसा:कोरोना काल में भी पहुंचा रहे खाद्य सामग्री: मिलने लगा जन सहयोग, कहा-अच्छा कार्य हमारी संस्कृति, मैं तो निमित्त मात्र

अजमेर2 महीने पहले
बंदरों के बीच गोपाल बंजारा

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण आम लोगों की आवाजाही पर लगाए गए अंकुश ने पशु-पक्षियों के लिए खाने पीने का संकट बढ़ा दिया है। इस संकट काल में भी अजमेर के आस पास पशु पक्षियों को खाने पीने की सामग्री पहुंचाने का बीड़ा उठा रखा है गोपाल बंजारा ने। गंज निवासी गोपाल बंजारा एक थिएटर कलाकार व समाज सेवी है। उनकी इस पहल के चलते अन्य लोग भी सहयोग करने लगे है।

गोपाल बंजारा रोज सुबह ताजी सब्जियां, फल, ज्वार, बाजरा, भरकर गाड़ी में निकल पड़ते हैं अपने लक्ष्य की ओर, जहां पशु पक्षी उनका इंतजार करते हैं। पुष्कर रोड पर उनकी गाड़ी की आवाज सुनते ही हजारों बंदर इकट्ठे हो जाते हैं और बंजारा उनको ककड़ी, खीरा, केले, बैंगन, भिंडी, लौकी आदि डालते है। जहां बंजारा बीच में बैठक इन सबाके खिलाते है। इसी प्रकार मोर, चिड़िया सहित अन्य पक्षियों के लिए ज्वार, बाजरा तथा गायों के लिए चारा डालते हुए पुष्कर तक अपने कार्य को नियमित कर रहे हैं।

बीते कुछ दिनों से शुरू किए गए इस कार्य में अब लोग भी मदद करने लगे है। इस संबध में बात करने पर बंजारा ने बताया कि धर्म की जड़ सदा हरी है, इंसान तो भूख लगने पर अपनी ईच्छा जाहिर कर देता है लेकिन पशु-पक्षियों के लिए खाने की व्यवस्था करना, हमारा धर्म है। अच्छा कार्य करो यही हमारी संस्कृति और धर्म बताता है, आप और हम तो एक निमित्त मात्र है।

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