बड़े पीर साहब का उर्स 17 को:गरीब नवाज की महाना छठी 12 नवंबर को मनाएंगे; खुद्दाम ए ख्वाजा यह रस्म अदा करेंगे

अजमेरएक महीने पहले
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अजमेर दरगाह। - Dainik Bhaskar
अजमेर दरगाह।

हिजरी संवत के रबीउल आखिर के महीने का चांद शनिवार का मान लिया गया है । इस हिसाब से रविवार को चांद की 1 तारीख होगी और 12 नवंबर को महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की महाना छठी शरीफ मनाई जाएगी। इसी महीने में ही बड़े पीर साहब के चिल्ले पर 17 नवंबर को उर्स मनाया जाएगा।

चांद की 29 तारीख को देखते हुए हिलाल कमेटी की बैठक शहर काजी मौलाना तौसीफ अहमद सिद्दीकी की सदारत में शुक्रवार मगरिब की नमाज के बाद आयोजित की गई थी। बैठक में तय किया गया की रबीउल आखिर महीने का चांद नजर नहीं आया है। इसे देखते हुए चांद रात इस बार शनिवार को यानी 30 तारीख की होगी और चांद की 1 तारीख रविवार को होगी। कमेटी के फैसले के बाद तय हो गया है कि हर महीने मनाई जाने वाली छठी 12 नवंबर को मनाई जाएगी । खुद्दाम ए ख्वाजा यह रस्म अदा करेंगे। इस बार छठी शुक्रवार के दिन आने से माना जा रहा है कि आशिकाने ख्वाजा की भीड़ अधिक रहेगी। छठी के बाद अकीदतमंद दरगाह में ही जुमे की नमाज अदा करेंगे । हर साल इस महीने में बड़े पीर साहब यानी शाह अब्दुल कादिर जिलानी रहमतुल्लाह अलेही का उर्स मनाया जाता है ।

बड़ी संख्या में यह उर्स मनाने के लिए अकीदतमंद अजमेर पहुंचते हैं । यह उर्स इस बार 17 नवंबर को मनाया जाएगा। दरगाह से सटी पहाडी पर स्थित बड़े जी पीर साहब के चिल्ले पर उर्स मनाया जाएगा और मेला भी भरेगा। इस उर्स में बाड़मेर, जैसलमेर आदि सरहदी इलाकों के जायरीन बड़ी संख्या में शरीक होने आते है । यह जायरीन पहले दरगाह जियारत करते हैं। इसके बाद उर्स में भाग लेते है।

(रिपोर्ट : आरिफ कुरैशी)

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