5 साल की बच्ची से पानी बचाना सीख रहे देश:अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख की बेटी ने वर्ल्ड फोरम को दिया मैसेज

अजमेर8 महीने पहलेलेखक: सुनिल जैन

अजमेर की 5 साल की बेटी सैय्यदा समर चिश्ती ने विदेश में कमाल किया है। समर ने सेव द वाटर का संदेश दिया। कहा- पानी ही जीवन है, इसके बिना जीवन संभव नहीं, पानी गॉड गिफ्ट है। पानी की एक-एक बूंद को बचाना चाहिए। नीदरलैंड में 7 जून को लिविंग पीस प्रोजेक्ट्स फाउंडेशन की ओर सेपीस पैलेस में हुई वाटर ऑफ ऑल कॉन्फ्रेंस में समर शामिल हुई।

समर चिश्ती अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख और चिश्ती फाउंडेशन के अध्यक्ष सैयद सलमान चिश्ती की बेटी है। सलमान चिश्ती ने बताया- फाउंडेशन की ओर से सेव द वाटर के लिए जागरूक करने वालों की एंट्री मांगी गई थी। इसके लिए समर चिश्ती का वीडियो संदेश भेजा गया। इसके लिए उसका सिलेक्शन हुआ। समर पिछले दो साल से पानी के महत्व व बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने में रूचि दिखा रही है। वह एक निजी स्कूल की प्रेप क्लास में पढ़ रही है। समर की मां सैय्यदा सहर चिश्ती सोफिया कॉलेज से ग्रेजुएट है और वह उसे इसके लिए मोटिवेट कर रही है।

फाउंडेशन की ओर से पांच साल से आयोजन हो रहा है। देश से पहली बार किसी पांच साल की बच्ची ने अपना प्रेजेंटेशन दिया। कॉन्फ्रेंस में 7 लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 5 से 25 वर्ष की आयु के इन प्रतिभागियों ने पानी के महत्व पर स्पीच दी।

नीदरलैंड के पीस पैलेस में हुई वाटर ऑफ ऑल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। कहा- आप पानी बचाएंगे तो पानी आपको बचाएगा।
नीदरलैंड के पीस पैलेस में हुई वाटर ऑफ ऑल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। कहा- आप पानी बचाएंगे तो पानी आपको बचाएगा।

कॉन्फ्रेंस में यह दिया संदेश
पांच साल की समर ने कॉन्फ्रेंस में अपने संदेश में कहा कि पानी ही जीवन है। इसके बिना जीवन संभव नहीं। पानी गॉड गिफ्ट है। पानी की एक-एक बूंद को बचाना चाहिए। पानी का उपयोग बहुत ही सावधानी से करें। यदि आप पानी बचाएंगे तो पानी आपको बचाएगा। इससे पहले एंट्री में भेजे गए वीडियो संदेश में भी समर ने यही कहा।

बिठूर गांव में जाकर किया जागरूक
सलमान चिश्ती ने बताया- वर्ल्ड वाटर डे पर पिछले साल पास ही के गांव बिठूर (अजमेर) में समर चिश्ती ने जाकर लोगों को सेव द वाटर व हाइजीन के लिए प्रेरित किया। हाथ धोने के लिए जागरूक और इससे होने वाले फायदों के बारे में बताया। इसी तरह कई गावों में कैंपेन चलाया।

वाटर ऑफ ऑल कांफ्रेंस में 7 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
वाटर ऑफ ऑल कांफ्रेंस में 7 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

अजमेर से भी लेकर गईं पानी
कॉन्फ्रेंस में 18 पवित्र स्रोतों से पानी लाया गया और एक साथ मिला दिया गया, जो आध्यात्मिकता, सृजन और मानवता की एकता का प्रतिनिधित्व करता है। बाद में, पानी का उपयोग उत्कृष्ट ग्लास वॉटर ज्वेल पेंडेंट बनाने के किया गया था, जो मिशन के साथ एकजुटता के प्रतीक के रूप में पहनने के लिए था। इन 18 जल स्रोतों में गंगा, यमुना, सरस्वती, ब्रह्मपुत्र, सिंधु, सतलुज, करनाली, इमेक, मिसिसिपि, राइन, जॉर्डन, मानसरोवर झील, काली बें, नील, अमेज़ॅन, वाटर स्प्रिंग अजमेर शरीफ, वाटर स्प्रिंग मक्का और नक्की झील जैसी नदियां शामिल हैं।

5 से 25 वर्ष की आयु के इन प्रतिभागियों ने पानी के महत्व पर अपने विचार रखे।
5 से 25 वर्ष की आयु के इन प्रतिभागियों ने पानी के महत्व पर अपने विचार रखे।