• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Ajmer
  • H 1 Schedule And Narcotics Drugs Without Prescription; Medical Store Operators Doing Fraud In Record Keeping As Well

भास्कर स्टिंग का असर:मेडिकल स्टोर्स पर दबिश, जांच में सामने आई वही हकीकत; बिना डॉक्टर की पर्ची के दी दर्द निवारक व एन्टीबायोटिक

अजमेरएक वर्ष पहलेलेखक: सुनिल कुमार जैन
  • औषधि नियंत्रक विभाग ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब, होगी कार्रवाई

अजमेर और जयपुर में करीब 11 करोड़ की नशीली दवाओं की खेप पकड़े जाने के बाद भी नियम विरुद्ध बेची जा रही नशीली दवाओं के खुलासे के भास्कर स्टिंग के बाद औषधि नियंत्रण विभाग ने कुछ घंटों बाद ही कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई में विभाग ने पाया कि दोनों दुकानों पर बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा दी गई।

असल में नशीली दवाओं की खेप पकड़े जाने के बावजूद जब नियम विरुद्ध दवाओं की बिक्री को पर कोई अंकुश नहीं लगा। इसी को सामने लाने के लिए भास्कर ने स्टिंग किया तो मेडिकल स्टोर संचालकों ने एच-1 शेड्यूल में शामिल एन्टीबायोटिक सेफटास व नारकोटिक्स में शामिल दर्द निवारक अल्ट्रासेट टेबलेट बिना पर्ची के ही दे दी। इन्होंने न तो डॉक्टर का नाम पूछा न मरीज का, केवल पैसे लेने से मतलब रखा। ऐसे में यह भी साबित हो गया कि न केवल यह नियमों की अवहेलना कर इनकी बिक्री कर रहे है, बल्कि रिकार्ड रखने में भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।

खबर जारी होते ही हरकत में आया विभाग

इस खबर को जारी करने के बाद हरकत में आए औषधि नियंत्रण विभाग ने दोनों दुकानों की जांच की और पाया कि दोनों ही दुकानों पर बिना चिकित्सक की पर्ची के यह दवा दी गई। शुक्रवार दोपहर को औषधि नियंत्रक विभाग की टीम सबसे पहले अशोका मेडिकल स्टोर व बाद में पंकज मेडिकल पर पहुंची और दवाइयों की पड़ताल की। सहायक औषधि नियंत्रक ईश्वरसिंह यादव ने बताया कि रविन्द्र सिंह व मोनिका जाग्रत की ओर से रिपोर्ट मिल गई है। इस पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल स्टोर पर जांच करती औषधि नियंत्रण अधिकारी मोनिका जाग्रत
मेडिकल स्टोर पर जांच करती औषधि नियंत्रण अधिकारी मोनिका जाग्रत

भास्कर स्टिंग में ऐसे खुली थी पोल

  • जब जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के सामने स्थित अशोका मेडिकल स्टोर के यहां पर एक विटामिन ए टेबलेट का पत्ता, एक सेनेटाइजर, दो गोली अल्ट्रासेट और दो गोली सेफ्टास की मांगी। ऐसे में एक बार तो मना कर दिया, लेकिन जब रिक्वेस्ट की तो पास ही खड़े अन्य लोगों से पूछा और दवाइयां निकाल कर 127 रुपए मांगे। पैसे देने पर दवा दे दी।
  • सावित्री कॉलेज चौराहे से बजरंग गढ़ की तरफ नगीना बाग क्षेत्र की पंकज मेडिकल पर जब एक विटामिन ए टेबलेट का पत्ता और दो गोली अल्ट्रासेट और दो गोली सेफ्टास की मांगी तो उसने बिना कोई सवाल जवाब किए, दवाइयां थमा दीं और 78 रुपए लिए।

पुलिस ने पकड़ी थी नशीली दवाओं की खेप

जयपुर की विश्वकर्मा पुलिस को रविवार सुबह लोडिंग टेम्पो से सांगानेर या विश्वकर्मा में नशीली दवाओं को ले जाने की सूचना मिली और एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के पास टेंपो को पकड़ लिया। इसमें करीब पांच करोड़ की दवाइयां थी। इस पर मोहम्मद ताहिर निवासी महावतों को मोहल्ला घाटगेट को गिरफ्तार किया गया था। जांच में पुलिस को पता लगा कि नशीली दवाओं को ट्रांसपोर्ट के जरिए अजमेर भेजा जाना था। इसके बाद पुलिस ने अजमेर के रामगंज के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर 114 कार्टन नशीली दवाएं बरामद कीं। इसकी कीमत 5.5 करोड़ रुपए बताई। जयपुर और अजमेर दोनों जगह से कुल 11 करोड़ की दवाएं मिलीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बिना डॉक्टरी परामर्श के नहीं बेची जा सकती ट्रामोडोल सॉल्ट की दवाएं

पकड़ी गई दवाइयां ट्रामोडोल साल्ट की थी और इन पर अल्ट्रासेट कंपनी का नाम लिखा है। इसमें भी ट्रामोडोल साल्ट होता है। वैसे यह दवाई बहुत ज्यादा दर्द होने पर काम में ली जाती हैं। इसे लेने के लिए डॉक्टर्स का परामर्श जरूरी है। लेकिन नशा करने वाले इसकी एक-दो गोली एक साथ खाकर नशा करते हैं। इससे उनका शरीर सुन्न जैसा हो जाता है। वहीं सेफ्टास में सिफेक्जिम साल्ट होता है,जो एन्टीबायोटिक के रूप में काम करता है। यह दवाई भी एच-1 शेड्यूल की है। बिना डॉक्टर की पर्ची के इन्हें बेचा नहीं जा सकता। पकड़ी गई दवाओं के मामले में अब पुलिस सॉल्ट वाले एंगल से भी जांच में जुटी है।

खबरें और भी हैं...