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RAS-2018 में कंचन का चयन, देखें VIDEO:मेहनत बेकार नहीं जाती, तीसरी बार में मिली सफलता; खुद महिला बाल विकास में सुपरवाइजर, पति ग्रामसेवक और पिता ब्यावर से MLA

अजमेर16 दिन पहले
कंचन को मिठाई खिलाते MLA पिता

एक बार सफलता नहीं मिले तो हताश होने की जरूरत नहीं, मेहनत करते रहें। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, देर सवेर सफलता मिल ही जाती है। यह कहना है तीसरी बार में RAS-2018 के इन्टरव्यू में सफल रही कंचन चौहान का। ब्यावर के हाउसिंग बोर्ड चौधरी कॉलोनी में रहने वाली कंचन वर्तमान में महिला एवं बाल विकास में सुपरवाइजर है। उनके पति उपमन्यु चौहान सरकारी सेवा में ग्रामसेवक है और उनके पिता शंकर सिंह रावत ब्यावर से भाजपा विधायक है। चयन होने पर पति सहित अन्य परिजन व बाद में पीहर में विधायक सहित अन्य ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।

ग्रामसेवक पति, बच्चे व परिजन के साथ कंचन (माला पहने हुए)
ग्रामसेवक पति, बच्चे व परिजन के साथ कंचन (माला पहने हुए)

तीसरी बार में मिली सफलता

कंचन ने बताया कि उन्होंने 2013 और 2016 में भी आरएएस का एग्जाम दिया था। पहले में प्री क्लीयर नहीं कर पाई। दूसरे प्रयास में प्री क्लीयर कर मैन्स तक पहुंची। लेकिन मैंन्स क्लीयर नहीं हुआ। वर्ष 2018 की इस परीक्षा में इन्टरव्यू क्लीयर कर 600 के करीब रैंक हासिल की है। काफी अच्छा लगा रहा है।

पहले की पढ़ाई काम में आई

कंचन ने बताया कि शुरू से ही वे परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। वर्ष 2017 में शादी हुई। शादी से पहले 12-14 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करती थी। इसके बाद नौकरी व बच्चे के छोटा होने के कारण काम से समय नहीं मिला। ऐसे में दो घंटे ही नियमित पढ़ाई के लिए निकाल पाई। लेकिन पहले से की गई पढ़ाई काम आई।

अजमेर व उदयपुर में हुई पढ़ाई

कंचन ने बताया कि उसने कक्षा एक से छह तक की पढ़ाई ब्यावर के अपने पेतृक गांव किशनपुरा में की और उसके बाद आगे की पढ़ाई अजमेर के नवोदय विद्यालय में कक्षा 12 तक की। ग्रेचुएट उदयपुर के मोहन लाल सुखाडि़या विवि से की।

(फोटो : नवीन गर्ग)

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