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बढ़ रही है लापरवाही:बिना पीपीई सूट पहने जा रहे काेविड वार्ड में, दिनभर संक्रमित वार्ड में जमघट, नियमों की अवहेलना

अजमेर2 महीने पहले
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  • बढ़ रही है लापरवाही, अपने ही बन रहे हैं सुपर स्प्रेडर

(मनीष सिंह चाैहान)
अजमेर जिले में काेराेना बढ़ने के साथ ही आमजन की और से लापरवाही भी खुलकर बरती जा रही है। जिले में काेराेना का भय जब कम था उस समय लाेग ज्यादा सावचेत थे, लेकिन अब काेविड विस्फोट हाे चुका है ताे लाेग सावधानी बरतने की बजाए ज्यादा लापरवाह हाे गए हैं। काेविड के प्रति लापरवाही सरकारी स्तर पर भी खुलकर बरती जा रही है। राज्य सरकार भले ही काेविड काे राेकने के लिए कितने ही कठोर नियम बनाए लेकिन इसकी जमीनी स्तर पर कतई पालना नहीं हाे रही है।

जेएलएन अस्पताल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। काेराेनाकाल में जहां अस्पतालों में विशेष सावधानियां बरती जा रही है। वहीं यहां पर व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर है। काेविड वार्ड में काेराेना के गंभीर राेगी भर्ती हैं। यहां विशेष एहतियात बरतने के निर्देश हैं, लेकिन यहीं खुलकर लापरवाही बरती जा रही है। यहां काेविड मरीजों से मिलने के लिए सरकार ने विशेष गाइड लाइन जारी की है ताकि आमजन अपने परिजन से मिल सके।

लेकिन इस गाइड लाइन के नियमों की यहां पालना नहीं हाे रही। काेराेना संक्रमित वार्ड काे जनरल वार्ड बन गया है। यहां लाेग बिना राेकटाेक के सीधे अंदर आ रहे हैं। कई लाेग अपने बच्चों तक काे काेविड वार्ड में लेकर आ रहे हैं। गत दिनों चिकित्सा सचिव ने यहां का औचक निरीक्षण किया था उस समय खासी नाराजगी जाहिर की थी लेकिन उसके बावजूद यहां की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। दैनिक भास्कर की टीम ने साेमवार काे एक बार फिर काेविड वार्ड की स्थिति देखी। यहां लाेग बिना पीपीई सूट के बैठे थे। वार्ड के बाहर लाेग खाना खा रहे थे। काेई राेक-टाेक नहीं थी।

कई लाेग वार्ड में संक्रमिताें के बेड पर भी बैठ रहे हैं...

काेविड वार्ड में आने वाले मरीज बिना पीपीई सूट और मास्क लगाए ही आ रहे हैं। केवल मुंह पर रुमाल और महिलाएं साड़ी या चुन्नी लपेटकर अंदर अा रही है। यह लाेग संक्रमिताें के बेड पर भी बैठ रहे हैं। कई लाेग दिन भर वहां मोबाइल पर खेल रहे थे। यहीं से लाेग सीधे मेडिकल और लैब तक पहुंच रहे हैं जहां कई अन्य की भी जांच हाे रही है। यह लाेग अपने दफ्तरों और दुकानों पर भी जा रहे हैं। यही लापरवाही शहर में सुपर स्प्रेडर का कारण बन रही है।
हादसे के बाद भी नहीं चेते काेविड-19 वार्ड में मरीजों के बीच पलंग के निकट सिलेंडर की लाइन लगा रखी है। मेडिकल आइसीयू में गत दिनों आगजनी हाेने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने सबक नहीं लिया। यदि फिर वही घटना किसी वार्ड में हुई और वहां भरे हुए ऑक्सीजन सिलेंडर तक आग पहुंच गई ताे यहां त्रासदी हाे सकती है।

ये हैं नियम

  • काेविड वार्ड में मरीज से परिजन दोपहर 3 बजे से 5 बजे के बीच ही मिल सकते हैं। एक मरीज से केवल एक ही व्यक्ति मुलाकात करेगा।
  • परिजन पीपीई किट, मास्क, ग्लब्स पहनकर ही वार्ड में जाएंगे।
  • मरीज से 6 फीट की दूरी बनाए रखेंगे।
  • परिजन वार्ड में नहीं बैठेंगे।

बेपरवाही : बिना पीपीई सूट कर रहे हैं सैंपलिंग

जेएलएन अस्पताल में अब चिकित्सक व लैब टेक्निशियन भी काेविड-19 काे लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। इन दिनाें काेराेना सस्पेक्ट वार्ड के बाहर काेराेना संदिग्ध लाेगाें की हाे रही सैंपलिंग में काेविड के नियमाें की पालना नहीं की जा रही है। यहां सैंपलिंग लेने वाले लैब टेक्निशियन बिना पीपीई सूट के ही काेविड के सैंपल ले रहे हैं। जानकाराें का कहना है कि सैंपल लेने के दाैरान सैंपल लेने वाले काे दूसरी ओर तिरछा खड़ा हाेना चाहिए ताकि संक्रमण की आशंका ना रहे, लेकिन यहां बिल्कुल सामने से सैंपल लिए जा रहे हैं। संदिग्ध का मुंह खाेलने के समय वायरस सीधे संपर्क में आने की आशंका रहती है। साेमवार काे यहां सैंपल ले रहा कार्मिक बिना पीपीई सूट पहने सामने से ही सैंपल ले रहा था। वहां खड़े अस्पताल के अधिकारियाें ने कहा कि कि छाेटी-छाेटी यही गलतियां संक्रमण का कारण बन रही हैं।

केबिन है कबाड़ में काेविड सैंपल लेने के लिए चिकित्सकाें व लेब टेक्नीशियन की सुरक्षा के लिए केबिन बनवाई गई। इस केबिन में दस्ताने लगे हाेने से चिकित्सक अंदर जाकर सैंपल लेते थे, ताकि संक्रमण लगने का डर नहीं रहे। पहले जब काेविड कम था ताे इस केबिन का खुलकर उपयाेग हाे रहा था। अब संक्रमण विस्फाेट हुआ ताे इस केबिन का यूज बढ़ने की बजाए इसे कबाड़ में पटक दिया गया है।

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