हाई सिक्योरिटी जेल से भागने की फिराक में था बंदी:13 फीट ऊंचे रोशनदान से लोहे की पत्ती तोड़ी, हटाने लगा सीमेंट और चूना

अजमेर6 महीने पहले
जेल व आरोपी।
  • जेल प्रशासन ने सिविल लाइन में दर्ज कराया मामला

बांसवाड़ा जेल से शनिवार काे दाे साथी बंदी के साथ फरार हाेने वाले शातिर बंदी प्रवीण ने प्रदेश की एक मात्र हाईसिक्यूरिटी जेल से भी भागने का मंसूबा पाल लिया। शातिर प्रवीण ने बाथरूम में लगे रोशनदान से लोहे की पत्ती तोड़कर सेल की दीवार में छेद करना शुरू कर दिया। सेल की सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड काे शक हाे गया और सेंध लगाने की उसकी कोशिश काे नाकाम कर दिया। जेल प्रशासन ने आरोपी बंदी प्रवीण के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि बंदी प्रवीण को गत शनिवार को उच्च सुरक्षा कारागृह अजमेर में सुरक्षा कारणों से स्थानान्तरण किया गया था। बंदी को पूर्ण सुरक्षा में रखा जा रहा है। बंदी की प्रतिदिन सेल भी बदली जा रही है। मंगलवार सुबह बंदी को अन्य सेल में बंद किया गया। बंदी ने मौका देखकर सेल्स के अन्दर टायलेट की चार फीट ऊंचाई की दीवार पर पैर रखकर 13 फीट ऊंचे रोशनदान से लोहे की एक पत्ती तोड़ी। इस पत्ती से उसने चुपचाप बैठकर धीरे धीरे खिड़की के नीचे से सीमेंट और चूना हटाना शुरू किया। थोड़ी देर में प्रहरी गजराज गश्त पर आया तो उसे दीवार कुचरने की आवाज सुनाई दी। प्रहरी गजराज ने छुपकर बंदी की हरकत पर नजर रखी। संदिग्ध गतिविधि होने पर प्रहरी गजराज ने जेलर लोकोज्वल सिंह को सूचना दी। सेल्स काे चेक किया गया ताे हरकत का खुलासा हाे गया।

बांसवाड़ा जेल के पीछे वारदात स्थल पर बंधे कंबल को खींचकर देखते पुलिस अधिकारी।-फाइल फोटो
बांसवाड़ा जेल के पीछे वारदात स्थल पर बंधे कंबल को खींचकर देखते पुलिस अधिकारी।-फाइल फोटो

बांसवाड़ा जेल से भी हो चुका फरार

आरोपी मुंगाणा थाना मोटागांव निवासी प्रवीण (19) पुत्र कमलेश निनामा है। इसे बेटरी चोरी के मामले में ACJM कोर्ट घाटोल ने 7 जून को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए थे। इसे सेम डे जेल में लाया गया था। इसके खिलाफ मोटागांव थाने में IPC की धारा 379 में मामला दर्ज है। गत शनिवार काे दाे अन्य बंदियो के साथ प्रवीण जेल तोड़कर भाग गया था।

बांसवाड़ा पुलिस ने उसे कुछ ही घंटे में पकड़ कर बांसवाड़ा के कोतवाली थाने की हवालात में रखा था, लेकिन प्रवीण ने वहां भी पुलिस काे गच्चा देकर भागने की कोशिश की थी। प्रवीण काे बांसवाड़ा से हाईसिक्यूरिटी जेल रेफर किया गया था, जहां उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अलग सेल में रखा गया था, लेकिन वह यहां भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।

बांसवाड़ा जेल-फाइल फोटो
बांसवाड़ा जेल-फाइल फोटो

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