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RBSE रिजल्ट एनालिसिस:2 स्टूडेंट ही थर्ड डिवीजन से पास, 8 लाख स्टूडेंट फर्स्ट और 892 सेकेंड डिवीजन, 1.93 प्रतिशत ही फेल हुए, एक्सपर्ट बोले- यह फॉर्मूला करियर के लिए नुकसानदायक

अजमेर6 महीने पहले
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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की ओर से शनिवार को 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी किया गया। कोरोना की वजह से पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक साथ साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों के रिजल्ट जारी किए गए। इस बार 8 लाख 69 हजार 994 स्टूडेंट एग्जाम में बैठे थे। पूरे प्रदेश में महज दो ही स्टूडेंट ऐसे हैं, जो थर्ड डिवीजन से पास हुए हैं। फर्स्ट डिवीजन से पास होने वाले 8 लाख, 53 हजार 174 और सेकेंड डिवीजन पास होने वाले 893 स्टूडेंट हैं। इनमें से 1615 स्टूडेंट की सप्लीमेंट्री भी आई है। इन परिणामों को लेकर शिक्षा विशेषज्ञ बेहद निराश हैं। उनका कहना है कि यह परिणाम केवल उनके लिए फायदेमंद है, जो पढ़ाई में कमजोर हैं और जिन्होंने पूरे साल मेहनत नहीं की। अच्छा करने की सोच रखने वाले स्टूडेंट इस फॉर्मूले में पीछे रह गए।

RBSE की 12वीं का रिजल्ट जारी:साइंस का 99.52, आर्ट्स 99.19 और कॉमर्स का 99.73 प्रतिशत रहा रिजल्ट; राजस्थान के 9 लाख विद्यार्थियों का इंतजार खत्म

यह रखा गया था फार्मूला
कक्षा 12वीं के छात्रों के अंक निर्धारण फॉर्मूला में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा 2019 में प्राप्तांक का अंकभार 40 प्रतिशत रखा गया। कक्षा 11 में मिले अंकों का अंकभार 20 प्रतिशत था। कक्षा 12 का अंकभार 20 प्रतिशत रखा। इसका निर्धारण विद्यालय विषय समिति द्वारा किया गया। सत्रांक का अंक भार पहले की तरह 20 प्रतिशत ही रहा। राजस्थान बोर्ड की ओर से जारी किए गए 12वीं के परीक्षा परिणाम के पासिंग प्रतिशत से एक बात तो तय हो गई है कि कमजोर छात्रों के लिए यह निर्णय फायदेमंद रहा है। साथ ही, जो स्टूडेंट होशियार थे या 12वीं में आने पर होशियार हो गए, उनको जरूर नुकसान हो सकता है। पढ़ाई नहीं होने व बिना एग्जाम के पास होने का नुकसान आगे के प्रतियोगी परीक्षाओं पर पड़ेगा।

एक्सपर्ट की राय

दीपक जोहरी
दीपक जोहरी

फॉर्मूला स्टूडेंट को नुकसान देगा
रिटायर्ड जिला शिक्षा अधिकारी दीपक जोहरी का कहना है कि फॉर्मूला तय कर रिजल्ट बना दिए। इससे स्टूडेंट की क्वालीफिकेशन एबिलिटी का पता लगाना मुश्किल होगा। आगे करियर में स्टूडेंट को परेशानी आएगी।

महावीर सिंह राठौड़
महावीर सिंह राठौड़

केवल कमजोर स्टूडेंट को फायदा
महावीरसिंह राठौड़ का कहना है कि प्रमोट करने का फार्मूला का फायदा कमजोर बच्चों को हुआ है। जिस आधार पर रिज़ल्ट तैयार किया गया है, वह तरीका सही नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे स्टूडेंट को परेशानी आनी तय है।

गुंजन माथुर
गुंजन माथुर

अच्छे रिजल्ट के लिए मेहनत करने वालों को निराशा

सी स्कायर कोचिंग के गुंजन माथुर का मानना है कि जो स्टूडेंट पढ़ाई में कमजोर थे या जिन्होंने पढ़ाई नहीं की, उनके लिए यह रिजल्ट अच्छा होगा। जो अच्छा करने की सोच कर पढ़ाई कर रहे थे या जो बीते सालों के मुकाबले अपना अच्छा रिजल्ट चाहते थे, उनको निराशा ही हाथ लगी है। इस परिणाम के बूते जो छात्र अपने करियर का स्तर जांच रहे हैं, यह ठीक नहीं है।

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