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अजमेर के रोगियों को मिलेगी राहत:दस लाख की मशीन नि:शुल्क मिली, हार्ट और ब्लड इंफेक्शन के मरीजों से जुड़ी जटिल जांचें अब जेएलएन अस्पताल में होंगी

अजमेर8 महीने पहले
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जेएलएन में लगाई कैमील्यूसेंस मशीन। - Dainik Bhaskar
जेएलएन में लगाई कैमील्यूसेंस मशीन।
  • केंद्रीय प्रयोगशाला में दस लाख रुपए की कैमील्यूसेंस मशीन निशुल्क मिली
  • अब अजमेर से बाहर नहीं भेजेंगे सैंपल, चार घंटे में मिलेगी रिपोर्ट

काेविड-19 मरीजों सहित हार्ट व निमोनिया सहित रक्त में संक्रमण व अन्य बीमारी के मरीजों के लिए खुशखबर है। अब ऐसे गंभीर बीमारी के मरीजों काे जांच के लिए निजी लैब या चिकित्सालय नहीं जाना पड़ेगा। जेएलएन अस्पताल प्रशासन ने बुधवार काे कैमील्यूसेंस मशीन बायाे-कैमेस्ट्री केंद्रीय प्रयोगशाला के लिए मंगवा ली। केंद्रीय प्रयोगशाला के प्रभारी डाॅ. कमलेश तनवानी ने इस मशीन काे दोपहर तक इंस्टॉल कर चालू भी करवा दिया। शाम तक इस मशीन ने मरीजों की जांच करना भी शुरू कर दिया। अब तक यह मशीन नहीं हाेने से निजी लैब व चिकित्सालयों में मनमर्जी की दराें पर जांच के नाम पर वसूली हाे रही थी। मशीन लगने के बाद मरीजों के परिजनों काे सबसे अधिक राहत मिलेगी।

मशीन चालू करने के दौरान प्रिंसिपल डाॅ. वीबी सिंह, अतिरिक्त प्रिंसिपल डाॅ. संजीव माहेश्वरी, अधीक्षक डाॅ. अनिल जैन, बायाे-कैमेस्ट्री की विभागाध्यक्ष डाॅ. दीपा थदानी, उप-अधीक्षक डाॅ. लाल थदानी, डाॅ. अनिल सामरिया सहित कई चिकित्सक मौजूद थे।

अजमेर से बाहर नहीं भेजेंगे अब सैंपल
डाॅ. अनिल जैन ने बताया कि हार्ट और काेविड की कुछ जांचें ऐसी थी जाे अजमेर में नहीं हाेने के कारण बाहर जयपुर भेजी जाती थी। इस मशीन के आने के बाद अब जटिल किस्म की जांचें भी जेएलएन अस्सपताल में ही हाे सकेंगी।

पहले चरण में आउटडोर समय में ही जांचें की जाएंगी... रिपोर्ट चार-पांच घंटों में ही मिल सकेगी, जल्द ही मशीन काे राउंड द क्लाॅक काम में लिया जाएगा

चार घंटे में रिपोर्ट मिलेगी
लैब प्रभारी डाॅ. कमलेश तनवानी ने बताया कि इस मशीन से रक्त संक्रमण, हार्ट अटैक से पहले उसकी जांच कर बीमारी का पता लगाने सहित निमोनिया की जांच चार से पांच घंटे में हाे सकेगी। अब तक एचएससीआरपी के लिए 900 साै रुपए, आईएल 6 के लिए 3300 साै रुपए, डी-डाइमर के लिए 1600 साै रुपए, सिरम फेरिटिन के लिए 950 साै रुपए, सिरम पीआरओ कैलसिटाेनीन के लिए 5500 साै रुपए, प्राे-बीएनपी के लिए 4200 साै रुपए और ट्राेपाेनीन- वन के लिए 1300 साै रुपए तक जांच के नाम पर निजी लैब में वसूले जाते थे। इस मशीन के बाद मरीजों काे आर्थिक परेशानी से दाे चार नहीं हाेना पड़ेगा।

जल्द ये जांचें भी इस मशीन से हाेंगी शुुरू
प्रिंसिपल डाॅ. वीबी सिंह ने बताया कि कैमील्यूसेंस मशीन में जल्द ही और अन्य उपकरण जाेड़कर दूसरी जांचें भी की जाएगी। इन जांचाें में विटामिन-डी, विटामिन-डी 12, टच सहित अन्य रक्त और हार्मोन की जांचें शुरू की जाएगी। पहले चरण में केवल अस्पताल के आउटडोर समय में ही जांचें की जाएंगी। जल्द ही मशीन काे राउंड द क्लाॅक काम में लिया जाएगा।

दस लाख की मशीन नि:शुल्क मिली
जेएलएन काे बुधवार सुबह मिली कैमील्यूसेंस जांच मशीन की लागत दस लाख रुपए से अधिक है। यह मशीन बायोकेमेस्ट्री सेंट्रल लैब के प्रभारी डाॅ. कमलेश तनवानी के प्रयासों से निशुल्क मिली है। कोरोनाकाल के दौरान मरीजों की समस्या काे देखते हुए कंपनी के अधिकारियों ने जेएलएन काे दस लाख की यह मशीन नि:शुल्क देने के आदेश जारी किए हैं।

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