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नशीली दवा प्रकरण:11 करोड़ की नशीली दवाओं के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जगह बदल कर पुलिस से बचता घूम रहा था

अजमेर4 महीने पहले
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।

प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी का अजमेर को ट्रांजिट पाइंट बनाने वाले काराेबारी श्याम सुंदर मूूंदड़ा को आखिर पुलिस ने पकड़ ही लिया। पुलिस ने आरोपी को मेड़ता के एक होटल से गिरफ्तार किया। पुलिस ने अजमेर में तीन जगहों से 11 करोड़ से ज्यादा की नशीली दवाएं बरामद की और मौके से पकड़े गए आरोपियों ने इस बात की पुष्टि कर दी थी कि इस कारोबार का मालिक मून्दड़ा ही था।

मून्दड़ा की गिरफ्तारी के बाद हो रही पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस आरोपी दवा कारोबारी से पूछताछ कर रही है।

जगह बदल-बदल कर काट रहा था फरारी

जिला पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र शर्मा ने बताया कि आरोपी मून्दड़ा राजस्थान में जगह बदल बदल कर फरारी काट रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोपी को पकड़ने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम प्रजापत व डीएसपी मुकेश सोनी के सुपरवीजन में पुलिस टीम का गठन किया गया था,जिसमें स्पेशल टीम प्रभारी महावीर प्रसाद शर्मा,रामगंज थाना प्रभारी सतेन्द्र सिह नेगी, क्लॉक टावर थाना प्रभारी दिनेश कुमावत, अलवर गेट थाना प्रभारी सुनिता गुर्जर, डीएसटी टीम के एएसआई जगमाल दायमा, मनोहर सिंह, रणवीर सिंह, रामबाबू सहित रामगंज थाने से संदीप शामिल था।

इसलिए थी श्याम मूंदड़ा की तलाश

प्रारंभिक ताैर पर यह पुष्टि हो गई थी कि प्रतिबंधित दवाओं की यह खेप फरार आराेपी श्यामसुंदर मूंदड़ा ने ही मंगवाई थी। सभी दवाई उत्तराखंड की हिमालय मेडीटेक कंपनी के द्वारा सप्लाई की गई थी। यह माल जयपुर की फर्म रमैया इंटरप्राइजेज के पास आया था, इस फर्म से ही यह माल गैर कानूनी तरीके से अजमेर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक गोदाम पर पहुंचा था। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हाे चुका है कि नशीली दवाओं का काला काराेबार स्टेशन रोड स्थित विनायक मेडिकल के मालिक श्यामसुंदर मूंदड़ा का है। मूंदड़ा ही जयपुर की फर्म रमैया से प्रतिबंधित दवाएं गैर कानूनी तरीके से अजमेर मंगवाकर यहां से विभिन्न शहराें में सप्लाई करवाता था। मूंदड़ा ने ही अजमेर काे नशीली दवाओं की तस्करी का ट्रांजिट पाइंट बना रखा था। अब श्याम मून्दड़ा पकड़ा जा चुका है और ऐसे में पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

अब तक पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई

  • 23 मई 2021 को जयपुर की विश्वकर्मा पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के पास टेम्पो को पकड़ा और मोहम्मद ताहिर को गिरफ्तार किया गया। इसमें करीब 5 करोड़ की दवाइयां थीं।
  • 24 मई 2021 को अजमेर के रामगंज के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर 114 कार्टन नशीली दवाएं बरामद कीं। इसकी कीमत 5.5 करोड़ रुपए बताई गई थी।
  • 1 जून 2021 को रामगंज व अलवरगेट थाना पुलिस ने करीब 5 कराेड़ 53 लाख रुपए कीमत की अवैध दवाओं के 110 कार्टन बरामद किए हैं। इसमें 35 लाख टेबलेट, इंजेक्शन और सिरप थे।

इनको कर चुकी है गिरफ्तार

  • पहली बार जयपुर में टैम्पों चालक मोहम्मद ताहिर को गिरफ्तार करने के दूसरे दिन ही अजमेर में गाेदाम के केयरटेकर माेमिन, कालू को गिरफ्तार किया। इसके बाद अजमेर में माल काे ई रिक्शा में ट्रांसपाेर्ट कंपनियाें तक पहुंचाने और लाने वाले साजिद उर्फ कलाम और बाद में अजमेर के रामगंज हरिजन काॅलाेनी निवासी मुकेश टांक व गाैतम नगर निवासी कमल को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।

16 करोड़ से ज्यादा की दवा बरामद

  • नशीली दवा प्रकरण में पुलिस अब तक 16 करोड़ रुपए से ज्यादा की दवाइयां पकड़ चुकी है। इसमें जयपुर में 5.5 करोड़ और अजमेर में दो बार कार्रवाई कर 11 करोड़ की दवाइयां जब्त की जा चुकी है। यह सभी दवाइयां विभिन्न ब्रांड की है लेकिन अधिकांश में साल्ट ट्रामोडोल है।