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भर्ती में इंटरव्यू की अनिवार्यता की वकालत की:नांगल ने कहा इंटरव्यू में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पूरे प्रोसेस की वीडियोग्राफी हो

अजमेर6 दिन पहले
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राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य एसपीएस नांगल ने आरएएस भर्ती में इंटरव्यू की अनिवार्यता की वकालत की है, लेकिन इस प्रक्रिया में और पारदर्शिता लाने के लिए वीडियोग्राफी कराने का सुझाव भी दिया है। नांगल ने कहा कि उनके छह साल के कार्यकाल के दौरान भी कई ऐसे केस सामने आए कि अभ्यर्थी के लिखित में बहुत अच्छे अंक थे, लेकिन इंटरव्यू में कम रहे।

यूपीएससी की तर्ज पर होते हैं इंटरव्यू

यह जरूरी नहीं है कि जो अच्छा लेखक है, वह अच्छा वक्ता भी होगा। इंटरव्यू में ही अभ्यर्थी के व्यक्तित्व और सोच का पता लगता है। नांगल ने कहा कि अब तकनीक तेजी से बदली है। पारदर्शिता लाने के लिए अभ्यर्थी की एंट्री होने से लेकर पूरे प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करा ली जाए। आज कल कोर्ट में भी नई तकनीक को अपनाया जा रहा है। इससे इंटरव्यू की पारदर्शिता और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि आयोग में इंटरव्यू प्रक्रिया में बदलाव लाने का डिसीजन फुल कमीशन ही लेता है। यूपीएससी की इंटरव्यू प्रक्रिया को आदर्श मानकर ही आयोग लगभग उसी तर्ज पर इंटरव्यू कर रहा है।

120 अंक का होता था इंटरव्यू, अब 100 अंक

नांगल ने यह भी जानकारी दी कि आयोग में पूर्व में इंटरव्यू 120 अंक का होता था, अब 100 का ही रह गया है। इससे कम अंक नहीं होने चाहिए। इंटरव्यू के बाद आयोग चेयरमैन, इंटरव्यू बोर्ड के मेंबर अभ्यर्थी के इंटरव्यू की समीक्षा करते हैं।

पंच परमेश्वर तय करते हैं कि अभ्यर्थी ने सवालों के जवाब किस तरह दिए हैं, उसकी बॉडी लेंग्वेज क्या है, प्रशासनिक समस्याओं के समाधान किस तरह कर सकते हैं आदि के बारे में क्या जवाब दिए हैं। सबकी सहमति से अंक दिए जाते हैं और अभ्यर्थी के अंक का रिकार्ड लिफाफे में बंद कर सील्ड कर दिया जाता है। ये अंक परिणाम तैयारी के समय ही खाेले जाते हैं।

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