उदयपुर तालिबानी घटना के बाद फिर सिर काटने की धमकी:महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को बोले- बहुत भाषण देता

अजमेरएक महीने पहले
राजवर्धनसिंह परमार को अंजान नंबर से आए कॉल के जरिए धमकी दी गई। कारण नहीं बताया लेकिन यह जरूर कहा गया कि अब तुम्हारी बारी है।

अजमेर दरगाह को शिव मंदिर बताने का दावा कर चर्चा में आए महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धनसिंह परमार को अज्ञात कॉलर ने धमकाया। कॉलर ने पांच दिन में सिर काटने की धमकी दी है। ऐसा क्यों, यह बात कॉलर ने नहीं बताई। बस केवल यही कहा कि बहुत भाषण देता है। कॉल पर बात करते कॉलर ने भद्दी भद्दी गालियां दी।

इसके बाद परमार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को शिकायत कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने व उन्हें व परिवार को सुरक्षा देने की गुहार की है। परमार ने बताया कि दरगाह के शिव मंदिर का मुद्दा उठाने के बाद उनको लगातार धमकियां मिल रही है। रात 11 बजे करीब उनके पास अज्ञात कॉलर का फोन आया और खुद की असली पहचान भी नहीं बताई।

नम्बर, जिससे कॉल आई।
नम्बर, जिससे कॉल आई।

ऐसे चला अब तक घटनाक्रम....

  • महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमार ने सबसे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजे पत्र में बताया था कि अजमेर स्थित हजरत ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह हमारा प्राचीन हिंदू मंदिर है। वहां की दीवारों व खिड़कियों में स्वास्तिक व अन्य हिंदू धर्म से संबंधित चिह्न मिले हैं। महाराणा प्रताप सेना की मांग है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग यहां भी सर्वे करे।
  • इसके बाद मुस्लिम समाज ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इस दावे को पूरी तरह से खारिज किया और कहा कि दरगाह में ऐसा कोई चिह्न नहीं है। प्रतिनिधियों ने परमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
  • इसके बाद फिर नया दावा किया गया। परमार ने 1170 ईस्वी का नक्शा दिखाते हुए दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया। साथ ही अढाई दिन के झोपडे़ की जगह संस्कृत विद्यालय व विष्णु मंदिर होने की बात कही।
  • इसके बाद हजरत ख्वाजा गरीब नवाज वेलफेयर एसोसिएशन महाराष्ट्र ने ऐतराज जताया। एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद यूसूफ उमर अंसारी ने प्रतिनिधि मंडल के साथ अजमेर पहुंचकर SP को परिवाद दिया। साथ ही एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की ।
  • हाल ही में परमार ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के घर के सामने 3 जुलाई को हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा की है। इसके लिए 500 कार्यकर्ताओं के साथ हनुमान चालीस पाठ करने की अनुमति भी मांगी है।

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