पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Ajmer
  • No Need For Mild Symptoms, People Are Still Getting HR City; Doctor Belle Do Not Get It Done Without Advice, Collector Also Issued Orders

अजमेर में CT स्कैन फाेबिया:हल्के लक्षणों में जरूरत नहीं, लाेग फिर भी करवा रहे हैं HR सीटी; डॉक्टर बाेले- बगैर सलाह के नहीं कराएं, अब कलेक्टर को भी करने पड़े आदेश

अजमेरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सिंबोलिक इमेज - Dainik Bhaskar
सिंबोलिक इमेज

शहरवासी सीटी स्कैन फाेबिया का शिकार हाे रहे हैं। RT-PCR की रिपाेर्ट नेगेटिव आने पर सांस लेने में तकलीफ पर लाेग बगैर चिकित्सीय सलाह के HR सीटी स्कैन करवा रहे हैं। हालात यह हैं कि यदि किसी काे एक दूसरे की तबीयत पूछनी है ताे यह पूछा जा रहा है कि सीटी स्काेर कितना है, ऑक्सीजन लेवल कितना है। इस तरह की बाेलचाल अब सामान्य वार्ता के दाैरान सुनने काे मिल रही है। जबकि चिकित्सकाें की सलाह है कि इस तरह का चलन कैंसर के मुहाने तक ले जा सकता है। ऐसे में हल्के लक्षण (माइल्ड) वाले मरीजाें काे सीटी स्कैन नहीं करवाना चाहिए।

अब स्थिति यह आ गई है कि कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित को इस संबंध में एक आदेश तक जारी करना पड़ा है। उन्होंने एक आदेश जारी कर जिले में HR सीटी करवाने के लिए समस्त निजी एवं सरकारी सीटी स्कैन केन्द्रों पर अब डॉक्टर की पर्ची आवश्यक कर दी गई है। आदेश में बताया है कि अब एचआरसीटी करवाने के लिए डॉक्टर की परामर्श पर्ची आवश्यक होगी। जिले के समस्त निजी एवं सरकारी सीटी स्कैन केन्द्रों को इस संबंध में पाबंद किया गया है। सीटी स्कैन सेंटर पर एचआरसीटी करवाने के लिए आने वाले मरीजों की चिकित्सकीय परामर्श पर्ची का संधारण सेंटर की ओर से किया जाएगा।

यह कहना है चिकित्सकों का

  • आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्राेफेसर एवं डीन (रिसर्च) डाॅ. दयाकृष्ण मंगल ने कहा कि 10 में से 9 काेविड राेगी हल्के लक्षणाें वाले हाेते हैं। हल्के लक्षण वाले मरीजाें काे बगैर चिकित्सीय सलाह के सीटी स्कैन नहीं कराना चाहिए। एक सीटी स्कैन 300 चेस्ट एक्स-रे के बराबर हाेता है। हल्के लक्षण हैं ताे पहले चेस्ट एक्स-रे करवाएं।
  • रेसिपिरेटरी मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर कंसल्टेंट डाॅ. अर्पित शर्मा ने कहा कि काेविड-19 के इलाज के लिए जिन मरीजाें काे जिस तरह की जांचाें की जरूरत है, वाे उन्हें समय पर मिल जाए इसके लिए जरूरी है कि हल्के लक्षण वाले बगैर चिकित्सक की सलाह के सीटी स्कैन नहीं कराएं। इससे डायग्नॉस्टिक सेंटर्स पर अनावश्यक प्रेशर कम हाेगा।
  • न्यूराेसर्जरी व न्यूराेइंटरवेंशन कंसलटेंट डाॅ. मनीष गर्ग ने कहा कि - अपने फिजीशियन की सलाह पर ही सीटी स्कैन करवाना जरूरी है, क्याेंकि यह मरीज के इलाज के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा है। बगैर चिकित्सीय सलाह पर सीटी स्कैन कराना नुकसानदायक साबित हाे सकता है। किसी मरीज का बुखार छह दिनाें तक ठीक नहीं हाेता है ताे सीटी स्कैन का निर्णय डाॅक्टर पर छाेड़ देना चाहिए।

यह हाे रहा है शहर में...

सर्दी -झुकाम जैसे हल्के लक्षणाें में लाेग सीटी स्कैन करवा रहे हैं। बड़ी संख्या में लाेग अपने स्तर पर ही काेविड का उपचार ले रहे हैं। सीटी स्कैन कराने के लिए वैशाली नगर, जेएलएन अस्पताल के बाहर, आदर्शनगर, शास्त्रीनगर सहित अन्य क्षेत्राें में स्थित डायग्नाेस्टिक सेंटर्स पर भीड़ देखी जा सकती हैं।

यूं समझे क्याें है घातक....

यदि आप में हल्के काेराेना के लक्षण हैं ताे सीटी स्कैन कराने की जरूरत नहीं है। सीटी स्कैन सेहत के लिए हानिकारक है। इससे कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। एक सीटी स्कैन 300 चेस्ट एक्स-रे के बराबर हाेता है। हल्के लक्षण हैं ताे पहले चेस्ट एक्स-रे करवाएं।

इन दिनाें ट्रैंड में है - सीटी स्काेर कितना

सीटी स्कैन कराने के बाद सीटी स्काेर की जानकारी मिलती है। जिसका स्काेर 2, 4 या 8 तक है, उसमें हल्के लक्षण (माइल्ड) हैं। यदि यह स्काेर 8 से 15 तक है ताे मध्यम (माेडरेट) लक्षण हैं। वहीं स्काेर 15 से 25 के बीच है ताे राेगी काे गंभीर (सीवियर) माना जाता है। शहर में इन दिनाें यह ट्रैंड में है कि - सीटी स्काेर क्या है। जैसे ही काेई भी किसी काेराेना पाॅजिटिव की कुशलक्षेम पूछता है ताे यही पूछा जा रहा है कि सीटी स्काेर क्या है। मालूम हाे कि एंटीजन, आरटीपीसीआर, चेस्ट एक्सरे और सीटी स्कैन के माध्यम से काेराेना संक्रमण का पता लगाया जाता है।

खबरें और भी हैं...