बुजुर्ग आजमीन के लिए खुशखबरी:अब 65 साल से अधिक आयु के लोग भी हज पर जा सकेंगे, मंगलवार को नए निर्देश जारी

अजमेरएक महीने पहले
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केंद्रीय हज कमेटी ने आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय हज कमेटी ने आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे।

सिटी रिपोर्टर | अजमेर केंद्रीय हज कमेटी ने बुजुर्गों के लिए खुश खबर दी है। अब 65 साल से अधिक आयु के लोग भी हज पर जा सकेंगे। हज कमेटी ने ऐसे आवेदकों से भी ऑनलाइन आवेदन के लिए कहा है। इस संबंध में मंगलवार को ताजा निर्देश जारी किए गए। देशभर में इन दिनों हज यात्रा 2022 के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है। शुरुआत में हज कमेटी ने आयु सीमा का प्रतिबंध लगाया था और 65 साल तक के लोगों से ही हज आवेदन मांगे थे। अब यह प्रतिबंध हटा दिया है। खादीमुल हुज्जाज हाजी मोहम्मद महमूद खान ने बताया कि केंद्रीय हज कमेटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑॅफिसर मोहम्मद याकूब शेख द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि हज यात्रा 1443 के लिए अनंतिम दिशानिर्देशों के पैरा 4 में आंशिक संशोधन करते हुए, ऊपरी आयु सीमा का प्रतिबंध रद्द कर दिया गया है, ताकि आजमीन को हज-2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में सुविधा हो सके। 70 से अधिक आयु वर्ग के लोग भी आवेदन कर सकेंगे। हज-2022 के लिए हज नीति के अनुसार 70 वर्ष से अधिक आयु के आजमीन के आवेदनों को रिजर्व कैटेगरी में रखा जाएगा।

70+ वर्ग के रिजर्व कैटेगरी आवेदकों के लिए शर्त

{केवल वे आवेदक ही आरक्षित श्रेणी के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने अपने पूरे जीवन काल में कभी भी हज कमेटी ऑफ इंडिया या निजी टूर ऑपरेटर या किसी अन्य माध्यम से हज नहीं किया है। {यदि किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में प्राप्त आरक्षित श्रेणी के तहत प्राप्त आवेदनों की संख्या राज्य/संघ राज्य क्षेत्र को आवंटित कोटा से अधिक है, तो आरक्षित श्रेणी के भीतर कुर्रा (लॉट का ड्रा) आयोजित किया जाएगा। {ऐसे में आरक्षित श्रेणी में भी, कोई भी आवेदक अधिकार के रूप में चयन का दावा नहीं कर सकता है।

{इस श्रेणी में वे आवेदक शामिल किए जाएंगे जो 31 मई, 2022 को 70 वर्ष या उससे अधिक की आयु पूरी कर चुकेंगे।(अर्थात जो आवेदक 31 मई, 1952 को या उससे पहले पैदा हुए थे)। {एेसे आवेदक एक साथी के साथ इस श्रेणी के तहत आवेदन कर सकेंगे। साथ ही जरूरी है और इस श्रेणी के तहत अकेले आवेदक पंजीकृत नहीं होंगे। एक ही कवर में दो 70+ तीर्थयात्रियों के लिए, दो साथियों को अनुमति दी जाएगी। {साथी के रूप में निकटतम रिश्तेदार होना चाहिए अर्थात् पति, पत्नी, भाई, बहन, पुत्र, बेटी या पोता, पोती या दामाद, बहू या भतीजा या भतीजी। किसी अन्य रिश्तेदार को साथी के रूप में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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