अजमेर में रात को जमकर बरसे बादल:सवा इंच बरसात दर्ज की गई, मावठ का 11 साल का रिकॉर्ड टूटा; बढ़ी ठंडक, सुबह छाया रहा कोहरा

अजमेर10 दिन पहले
रात में बरसात।

अजमेर में शुक्रवार रात को ताबड़तोड़ सवा इंच बारिश हुई। यह पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीते 11 सालों में जनवरी महीने की सर्वाधिक मावठ की बारिश है। शुक्रवार रात करीब तीन घंटे में सवा इंच बारिश दर्ज की गई। अजमेर जिले के बिजयनगर सहित कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई है। शनिवार सुबह के समय बढ़ी ठंड के कारण मोर्निंग वॉक के दौरान भी कम ही लोग नजर आए। सुबह कोहरा छाया रहा।

शुक्रवार को पूरे दिन बादलों के छाए रहने से गलन का असर जारी रहा, वहीं शाम को शहर में अचानक बादलों के गरजने के साथ बिजली चमकी। रात करीब आठ बजे बरसात का दौर शुरू हुआ। जो करीब 11 बजे तक चला। इस दौरान चली सर्द हवाओं ने भी शहरवासियों को प्रभावित किया। अधिकतम पारा 19.5 तथा न्यूनतम पारा 12.3 डिग्री रहा। सुबह की आर्द्रता 90 और शाम की आर्द्रता 80% दर्ज की गई। पुष्कर में भी देर शाम बारिश हुई। बिजयनगर में ओला भी गिरे। गुजरे 11 सालों में शुक्रवार को हुई बारिश सबसे ज्यादा यानी 32.8 एमएम दर्ज की गई, इससे पहले 5 जनवरी 2021 को 27.4 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। जबकि जनवरी में वर्ष 2011, 2012 और 2018 ऐसे रहे, जिनमें मावठ की बारिश दर्ज नहीं की गई।

रात के समय बरसात।
रात के समय बरसात।

शनिवार सुबह भी मौसम में ठंडक रही। कोहरा देर तक छाया रहा। बढ़ी सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। मौसम के जानकारों की माने तो आगामी तीन दिन तक मौसम पूरी तरह खुलने की संभावना नजर नहीं आ रही है। बादल छाए रहने के साथ ही बूंदाबांदी के आसार है। जिससे तापमान में और गिरावट के साथ ठंड बनी रहने की संभावना है।कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस समय हुई बारिश फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। इस वक्त खासकर चना, सरसों, तारामीरा जैसी फसलों को काफी फायदा होगा। उन्होंने बताया इस समय गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलें खड़ी है और उनको सिंचिंत करने की जरूरत है। ऐसे में बारिश का पानी मिलने और तापमान भी अनुकूल होने से फसलों की ग्रोथ रेट बढ़ती है।

हाइवे पर सुबह के समय छाई धुंध।
हाइवे पर सुबह के समय छाई धुंध।

(फोटो - मोहन ठाड़ा)

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