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  • Only 6.91 Lakh Tourists Came To Ajmer In Three And A Half Months, Only 7.5 Lakh Tourists Came To Pushkar, The Tourism Industry Came To A Complete Standstill In The Lockdown Since 62 Days.

हजारों की रोजी-रोटी पर गहराया संकट:साढ़े तीन महीने में अजमेर में केवल 6.91 लाख, पुष्कर में 7.5 लाख पर्यटक ही आए, 62 दिन से लाॅकडाउन में पर्यटन उद्याेग पूरी तरह ठप

अजमेर17 दिन पहलेलेखक: पंकज यादव
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  • काेराेना ने ताेड़कर रख दी पर्यटन की कमर, दाे साल में घट गए दाे तिहाई पर्यटक

अजमेर व पुष्कर की अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा हिस्सा पर्यटन पर निर्भर है। जिस तरह काेराेनाकाल में पर्यटन उद्याेग काे नुकसान हुआ है, उसके चलते इस उद्याेग से जुड़े करीब पचास हजार परिवाराें पर राेजी-राेटी का संकट गहरा गया है। गुजरे सालाें के मुकाबले पर्यटन के लिहाज से 2020 बुरा बीता, अब 2021 में भी ऐसे ही हालात दिखाई दे रहे हैं।

अजमेर में सूफी संत ख्वाजा साहब की दरगाह और विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर व तीर्थ स्थल की वजह से हर साल इन दाेनाें जगहाें पर 95 लाख से 1 कराेड़ के बीच देशी व विदेशी पर्यटक आते थे, लेकिन 2020 में यह संख्या एक तिहाई रह गई। वहीं साल 2021 की बात करें ताे शुरुआती साढ़े तीन महीने में अजमेर व पुष्कर मिलाकर केवल 14.4 लाख पर्यटक ही आए हैं। लाॅकडाउन के 62 दिन गुजर गए हैं और पर्यटन के साथ ही हाेटल व्यवसाय पूरी तरह बंद है।

पर्यटन के लिहाज से 2020 खराब बीता, अब 2021 में भी ऐसे ही हालात, हाेटल, रेस्त्रां, टूर-ट्रेवल्स, टैक्सी से जुड़े लाेगाें पर बेरोजगारी की तलवार
राेजाना करीब 4 से 5 कराेड़ का काराेबार प्रभावित | अजमेर में 410 रजिस्टर्ड हाेटल हैं, वहीं पुष्कर में करीब 300 हैं। इतनी ही संख्या में हाेटल व गेस्ट हाउस ऐसे हैं जाे रजिस्टर्ड नहीं है। इस तरह लगभग 1500 छाेटे बड़े हाेटल व गेस्ट हाउस अजमेर व पुष्कर में हैं। आम दिनाें में इनका राेजाना का काराेबार करीब 4 से 5 कराेड़ रुपए हाेता है।

जहां बड़े हाेटलाें में साै से ज्यादा का स्टाफ है, वहीं मध्यम में 20 और छाेटे हाेटलाें में कम से कम दस लाेगाें का स्टाफ रहता है। औसतन 20 लाेगाें का स्टाफ भी माना जाए ताे सीधे ताैर पर 30 हजार लाेग व उनके परिवार हाेटल उद्याेग बंद हाेने से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा इनसे जुड़े टूर-ट्रेवल्स, कार-टैक्सी, वाॅशरमैन और ड्राइक्लीनर्स, सफाई कर्मी व दुकानदाराें की बात करें ताे लगभग बीस हजार और परिवार इस पूरे पर्यटन उद्याेग से किसी न किसी तरह जुड़े हैं जाे सीधे ताैर पर प्रभावित हुए हैं। इस तरह करीब 50 हजार परिवार प्रभावित हैं।

पहली लहर से उबरे नहीं, दूसरी ने किया धराशायी
प्रदेश में 18 मार्च 2020 को पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया था। होटलों में सन्नाटा पसर गया, 50% से ज्यादा स्टाफ को घर भेज दिया गया था। 10 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए। 3-4 महीने इन हालात से जूझने के बाद जैसे तैसे पर्यटन गतिविधियां शुरू हुई थी लेकिन काेराेना की बरसी पर मार्च 2021 में हालात फिर बिगड़े और हाेटलाें काे बंद करना पड़ा जाे अब तक नहीं खुल पाए हैं।

इस तरह गिरा पर्यटकाें का ग्राफ

अजमेर |2017

  • देशी पर्यटक : 46,51, 920
  • विदेशी पर्यटक : 59,405
  • देशी पर्यटक : 47,33,700
  • विदेशी पर्यटक : 53, 330 2019
  • देशी पर्यटक : 46,59,940
  • पर्यटक : 43,5702020
  • देशी पर्यटक : 19,61,189
  • विदेशी पर्यटक : 7,4982021

टूरिज्म इंडस्ट्रीज से जुड़े व्यवसायियों की प्रमुख मांग

  • जीएसटी सहित लाइसेंस फीस व अन्य टैक्स माफ हों।
  • लोन लेकर होटल संचालित करने वालों की किश्तों में ब्याज की छूट मिले।
  • होटल-रेस्तरां में लॉकडाउन के दौरान बिजली का फिक्स चार्ज माफ किया जाए।
  • ट्रैवल्स टैक्सी व कार तथा बसाें काे टैक्स में छूट दें और कम से कम तीन महीने टाेल नहीं वसूला जाए।
  • हाेटल उद्याेग के लिए बैंकाें के जरिये रियायती ब्याज दर पर ऋण की सुविधा दी जाए

अजमेर का हाेटल व्यवसाय संकट में है और करीब 600 हाेटल और रेस्तरां व इस काम से जुड़े कार्मिकाें के लिए बेहद कठिन समय है। सरकार ने इस ओर तत्काल ध्यान नहीं दिया ताे हजाराें परिवाराें पर संकट गहरा जाएगा।
-सुरेंद्र सिंह शेखावत,
अध्यक्ष, हाेटल फैडरेशन ऑफ अजमेर

दरगाह क्षेत्र में करीब 500 हाेटल और गेस्ट हाउस हैं। 20 हजार परिवाराें की राेजी राेटी पर संकट है। क्षेत्र में किराए पर दिए कई हाेटलाें काे खाली कर दिया गया है। सरकार की मदद नहीं मिली ताे हालात और खराब हाेंगे।
-हरीश गिदवानी, महासचिव, दरगाह बाजार हाेटल एवं व्यापारिक एसाे.

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