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कोविड, सिलिकोसिस सहित अन्य मरीजों को राहत:प्रदेश में बनेंगे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक, मदद के लिए 181 सीएम हेल्प लाइन पर करना होगा कॉल

अजमेर18 दिन पहलेलेखक: मनीष सिंह चाैहान
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चंद्रवरदाई डिस्पेंसरी में बनेगा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक। - Dainik Bhaskar
चंद्रवरदाई डिस्पेंसरी में बनेगा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक।
  • संभाग मुख्यालयों पर 500 कंसंट्रेटर क्षमता वाले बैंक बनेंगे

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में काेविड संक्रमित, सिलिकाेसिस पीड़ित सहित ऑक्सीजन वाले मरीजाें के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक खाेलने जा रहा है। राजधानी जयपुर शहर काे सर्वाधिक 500 व जयपुर जिले काे 400 कंसंट्रेटर मिलेंगे।

प्रदेश के शेष संभाग मुख्यालयों में 500 की क्षमता वाले बैंक खुलेंगे। प्रदेश के पाली, अलवर, भीलवाड़ा व श्रीगंगानगर जिले काे 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 100 अन्य जिला मुख्यालयों में कंसंट्रेटर बैंक स्थापित किए जाएंगे।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक का प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी काे बनाया गया है। कंसंट्रेटर के लिए सीएम हेल्प लाइन नंबर 181 पर काॅल करना हाेगा। वहीं से संबंधित जिला अधिकारी काे फाेन ट्रांसफर किया जाएगा, जहां से संबंधित व्यक्ति ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ले सकेगा।

जिला मुख्यालय पर बनेगा बैंक, फिर भी अन्य वैकल्पिक व्यवस्था भी रहेगी कायम

चिकित्सा विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन की ओर से जारी आदेशों में बताया गया है कि यह बैंक जिला मुख्यालय पर ही बनाया जाएगा। यह ड्रेग वेयर हाउस, अतिरिक्त जिला कलेक्टर मुख्यालय, डीडीसी पर बनाए जाएंगे। आदेशों में ऐसे जिले जिनका भौगोलिक क्षेत्रफल अधिक है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर मुख्यालय नहीं है। वहां जिला कलेक्टर भौगोलिक स्थिति व स्थानीय डिमांड के अनुसार बैंक बना सकेंगे।

पांच लीटर की क्षमता वाला हाेगा बैंक - प्रदेश में खुलने जा रहे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक में 5 लीटर की क्षमता वाले कंसंट्रेटर रखे जाएंगे। जिले में अभी 1900 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हैं, इनके अलावा सरकार दूसरे भेजेगी जाे बैंक में यूज होंगे।

कंसंट्रेटर वापस जमा नहीं हाेने पर रुपए 200 प्रतिदिन देना हाेगा जुर्माना-

मरीज के परिजन यदि निर्धारित अवधि के बाद भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक में जमा नहीं करवाते हैं ताे प्रतिदिन 200 रुपए के हिसाब से जुर्माना राशि वसूल की जाएगी। वहीं यदि जमा करवाए जाने के दाैरान काेई खराबी या टूट फूट हाेने पर रिपेयरिंग का खर्चा संबंधित व्यक्ति ही उठाएगा।​​​​​​​

इन आवश्यक दस्तावेजाें की जरूरत हाेगी

​​​​​​​ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक से घर ले जाने के लिए मरीज काे उपचार करने वाले चिकित्सक की पर्ची जिस पर ऑक्सीजन की डिमांड लिखी हाेनी चाहिए।

रिफंडेबल अमानत 5000 की राशि जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में जमा करवानी हाेगी। यह राशि कंसंट्रेटर जमा करवाने पर वापस मिल जाएगी।

चिकित्सक की पर्ची पर मरीज की स्थिति देखते हुए घर पर ही उपचार मुहैया करवाने की जानकारी, मरीज या परिजन का आधार कार्ड, फाेटाे युक्त पहचान पत्र प्रति के साथ लगाना हाेगा। वहीं से संबंधित बैंक के अधिकारी काे मैसेज भेजकर कंसंट्रेटर देने के आदेश जारी हाेंगे।

181 सीएम हेल्प लाइन नंबर पर काॅल किया जाएगा जहां से मरीज काे किस बैंक से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जारी हाेगा उसकी जानकारी दी जाएगी।

प्रदेश के सभी डीडीसी अधिकारी, ड्रग वेयर हाउस के प्रभारी व चिकित्सकाें के माेबाइल नंबर अब ऑनलाइन हाेंगे।

​​​​​​​इनका कहना है-
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक खाेले जाने के आदेश आए हैं। ड्रग वेयर हाउस व पंचशील डिस्पेंसरी का चयन बैंक के लिए किया गया है। - डाॅ. केके साेनी, सीएमएचओ, अजमेर​​​​​​​​​​​​​​

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