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समीक्षा मीटिंग में निर्णय:रेलवे अस्पताल में नहीं लग पाया ऑक्सीजन प्लांट, फर्म ब्लैक लिस्टेड

अजमेरएक महीने पहलेलेखक: गिरीश दाधीच
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  • तय समय पर प्लांट नहीं लगाने वाली कंपनी मनसुख एंटरप्राइजेज को किया ब्लैक लिस्टेड

अजमेर रेल मंडल के रेलवे अस्पताल में लगने वाला करीब 38 लाख का ऑक्सीजन प्लांट खटाई में पड़ गया है। तय समय पर प्लांट नहीं लगाए जाने के बाद संबंधित फर्म मनसुख एंटरप्राइजेज, अहमदाबाद को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है, साथ ही सरकारी खरीद का अधिकृत प्लेटफार्म गर्वमेंट ई मार्केटिंग को भी इस बारे में सूचना दी गई है।

पूरे प्रकरण में खास बात यह रही कि रेलवे की ओर से कंपनी से कोई अमानत राशि नहीं ली गई, जो जब्त की जा सके। वहीं दूसरी ओर करीब 2 महीने का समय व्यर्थ चला गया। मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा भी नहीं मिल पाई। कोरोना के बढ़ते संक्रमण काल में उप रेलवे की ओर तत्काल स्वीकृति जारी करवाकर अजमेर रेल मंडल के अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाना तय किया गया था।

सरकारी खरीद के लिए अधिकृत ई-प्लेटफार्म जैम यानी गर्वमेंट ई मार्केटिंग पर सूचना जारी की गई थी, जिसमें महज एक कंपनी मनसुख एंटरप्राइजेज, अहमदाबाद की ओर से सहमति जताई गई थी। रेलवे अस्पताल को कंपनी की ओर से करीब 38 लाख की लागत से रोजाना 20 हजार लीटर ऑक्सीजन उत्पादन वाला प्लांट लगाने का अनुबंध हो गया।

इसी कंपनी ने जोधपुर रेलवे अस्पताल में भी प्लांट लगाया था। एक महीने के बाद भी अजमेर में प्लांट नहीं लगाए जाने पर एक महीने तक अजमेर रेल मंडल के सक्षम अधिकारी वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक सुनील गौड़ ने कंपनी को पत्र दिए, बात नहीं बनी। शुक्रवार को कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। मालूम हो कि गत दिनों अजमेर दौरे पर आए जीएम आनंद प्रकाश ने भी समीक्षा मीटिंग में कंपनी पर कार्रवाई करने की बात कही थी।

अमनानत राशि नहीं ली, कंपनी हुई बेपरवाह

इस पूरे मामले में अजमेर रेल मंडल की ओर से कंपनी से अमानत राशि नहीं ली गई, इस कारण कंपनी काम करने के प्रति बेपरवाह रही। अजमेर रेल मंडल के अस्पताल के 2 महीने तो व्यर्थ गए ही साथ में मरीजों को सुविधा नहीं मिल सकी।

रेलवे के संबंधित अधिकारियों का तर्क है कि जैम के जरिए खरीददारी किए जाने पर अमानत राशि जमा नहीं ली जाती, कोरोना काल में विकट स्थिति में एक मात्र यही कंपनी इस काम के लिए आगे आई थी, इसलिए इस पर ही भरोसा करने के अलावा कोई चारा नहीं था। सूत्रों की माने तो कंपनी ने अजमेर रेल मंडल को छोड़ अपने अन्य ग्राहकों को ज्यादा पैसों के चक्कर में प्लांट भी लगाए हैं।

मरीजों को हुई असुविधा, सिलेंडरों से लेते रहे ऑक्सीजन

कंपनी के प्लांट नहीं लगाए जाने से अस्पताल प्रबंधन के साथ-साथ मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज परेशान रहे, सिलेंडरों से ही ऑक्सीजन अस्पताल में आता रहा। जब अति आवश्यकता थी तब प्लांट काम आया नहीं। रेलवे अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक अब कुछ कम कीमत पर प्लांट खरीदा जा सकेगा।

जैम जो कि केंद्र सरकार के विभागों में खरीददारी का अधिकृत ई प्लेटफार्म है, उसी के जरिए कंपनी को चुना गया। कंपनी से अमानत राशि नहीं ली गई, फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है।

-सुनील गौड़, वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक, अजमेर रेल मंडल

फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। दूसरे टेंडर किए जाएंगे। कोरोना के आपात काल में एक ही कंपनी के आने पर इस पर विश्वास किया गया था कि समय पर काम हो जाएगा, इसी कंपनी ने जोधपुर रेलवे अस्पताल में भी प्लांट लगाया गया था। कंपनी को जैम प्लेटफार्म से ब्लैक लिस्टेड किए जाने के लिए भी लिखा गया है।

-संदीप चौहान, एडीआरएम, अजमेर रेल मंडल

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