नाबालिग बालक से कुकर्म, 20 साल की सजा:काम के बहाने किया था गंदा काम, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला, 51 हजार का लगाया दंड

अजमेर7 महीने पहले
आरोपी को भेजा जेल।

अजमेर पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने नाबालिग बालक से कुकर्म मामले में फैसला सुनाया है। आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास के साथ 51 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया है। पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक विक्रम सिंह शेखावत ने बताया कि 23 नवंबर 2020 में क्लॉक टावर थाने में नाबालिग बालक से कुकर्म का मामला दर्ज हुआ था।

नाबालिग बालक के पिता ने थाने पर दी शिकायत में बताया था कि उनका बेटा अपने दोस्त के साथ गुलकंद बनाने के लिए राधाकृष्ण उर्फ बाबू भाई के पास जाया करता था। जिसके बाद से वह गुमसुम रहने लगा। जब पिता ने अपने बेटे से पूछा तो बेटे ने आरोपी राधाकृष्ण द्वारा उसके साथ गलत काम करने की जानकारी दी। मामले में पिता ने क्लॉक टावर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने आरोपी सुखाड़िया नगर निवासी राधाकृष्ण उर्फ बाबू भाई को गिरफ्तार किया।

मामले में लगातार सुनवाई के बाद 14 गवाह और 35 दस्तावेज के आधार पर आरोपी को दोषी माना। पॉक्सो कोर्ट 2 के विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए 20 साल के कठोर कारावास के साथ 51 हजार का आर्थिक दंड लगाया है।

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