पूर्व भाजपा नेता पर रेप केस लगाने वाली सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार:जिला प्रमुख पर किया जानलेवा हमला, बोली- 3 करोड़ दो, वरना बर्बाद कर दूंगी

जयपुर6 महीने पहले

अजमेर जिला प्रमुख सुशील कंवर पलाड़ा के घर में घुसकर उन पर महिला सब-इंस्पेक्टर ने जानलेवा हमला किया है। ये वही महिला है, जिसने सुशील कंवर के पति व पूर्व भाजपा नेता भंवर सिंह पर रेप का आरोप लगाया था। बाद में कोर्ट में बयान बदल दिया था। कोर्ट के सामने कहा था कि पुलिस अधिकारियों के दबाव में आकर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार देर रात पुलिस पहुंची और महिला अफसर को शांतिभंग में गिरफ्तार किया था। पलाड़ा के बेटे शिव प्रताप सिंह ने सब इंस्पेक्टर के खिलाफ घर में घुसने, हंगामा करने, पैसे के लिए धमकाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है।

जेल भिजवाने की धमकी दी
शिव प्रताप सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि रविवार रात करीब 10.15 बजे महिला सब-इंस्पेक्टर जबरन जवाहर नगर स्थित घर में घुस गई। जिला प्रमुख मां को जान से मारने की कोशिश की। पहले भी ऐसा कर चुकी है। इसकी सूचना पहले भी थाने में दी थी। काफी समय से हमारे घरवालों को फोन कर व मैसेज कर धमकियां दे रही है। आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर ने घर पहुंचकर कहा- तीन करोड़ रुपए अभी दो वरना मैं तुम्हारे पिता को बर्बाद कर दूंगी। घर से बाहर नहीं जाऊंगी। मेरी मम्मी को कह रही है कि 3 करोड़ अभी नहीं दिए तो तेरे पति को जेल भिजवा दूंगी। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर प्रीती रत्नू कर रही हैं। अजमेर SP चूनाराम जाट ने इसकी पुष्टि की है।

अजमेर के सिविल लाइंस थाने में पूर्व भाजपा नेता भंवर सिंह के बेटे शिव प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करवाई।
अजमेर के सिविल लाइंस थाने में पूर्व भाजपा नेता भंवर सिंह के बेटे शिव प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करवाई।

पहले लगाया आरोप, फिर किया इनकार
महिला अफसर ने गंभीर आरोप लगाते हुए 29 जनवरी 2022 में भीलवाड़ा शहर के प्रताप नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में अजमेर निवासी भंवर सिंह पलाड़ा सहित 12 के खिलाफ FIR दर्ज कराई। इसमें नागौर के पूर्व ASP संजय गुप्ता भी शामिल थे। पीड़ित का आरोप है कि भीलवाड़ा पुलिस लाइन स्थित उसके क्वार्टर पर भंवर सिंह ने साल 2018 से 2021 तक कई बार शादी का झांसा देकर रेप किया था। इसके सबूत महिला के पास हैं। महिला मूल रूप से अजमेर के मसूदा की रहने वाली है। प्रताप नगर पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट में भंवर सिंह के ड्राइवर रविंद्र, पीए किशन पुरी, बॉडीगार्ड करण, बजरंग, विजय, संग सा, मनीषा, धीरज, महिला कॉन्स्टेबल रश्मि, नागौर के ASP संजय गुप्ता व शिव बन्ना का नाम भी शामिल थे।। पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।

शिकायत को नजरअंदाज करने का लगा था आरोप
पीड़िता की शिकायत को नजरअंदाज करने का आरोप लगने पर नागौर के तत्कालीन एएसपी संजय गुप्ता और भीलवाड़ा के तत्कालीन एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा को निलंबित किया गया था। महिला सब इंस्पेक्टर ने प्रताप नगर थाने में मामला दर्ज होने के बाद कोर्ट में अपने बयान बदल दिए थे। इन बयानों में उसने पूरे मामले से इनकार कर दिया था। साथ ही, पुलिस अधिकारियों पर भंवर सिंह पलाड़ा के खिलाफ मामला दर्ज कराने का आरोप भी लगाया था। इसके बाद कोर्ट ने एफआईआर निरस्त कर दी।

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