बोर्ड परीक्षाएं / कोरोनाकाल में 11.86 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा लेने वाला आरबीएसई देश का पहला बोर्ड

अजमेर में 10वीं की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी। अजमेर में 10वीं की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी।
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अजमेर में 10वीं की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी।अजमेर में 10वीं की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी।

  • इससे पहले हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में 3748 स्टूडेंट शामिल हुए थे
  • बोर्ड की परीक्षा प्रदेश के 6 हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 10:24 AM IST

अजमेर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कोरोना काल में सोमवार को 10वीं क्लास के 11.86 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित करा कर देश में कीर्तिमान स्थापित किया है। कोरोनाकाल में किसी भी परीक्षा निकाय द्वारा ली गई ये अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा है। पहले दिन सामाजिक विज्ञान का पेपर हुआ था।

मंगलवार को गणित के पेपर के साथ ही बोर्ड की शेष परीक्षाओं का समापन हो जाएगा। साेमवार सुबह 11.45 बजे जब पेपर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ तब बोर्ड अधिकारियों व शिक्षा विभाग से जुड़े कार्मिकों ने राहत की सांस ली। बोर्ड की शेष परीक्षाएं 18 जून से शुरू हो गई थीं, लेकिन 10वीं के सामाजिक विज्ञान के पेपर से पूर्व तक की परीक्षाओं में अधिकतम 4 लाख ही विद्यार्थी प्रविष्ट हुए थे।

 हिमाचल प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में मात्र 3748 परीक्षार्थी शामिल
कोरोना काल में इससे पूर्व हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा का आयोजन किया था। हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में मात्र 3748 स्टूडेंट शामिल हुए थे। यह परीक्षा केवल 210 परीक्षा केंद्रों पर ली गई। वहीं राजस्थान बोर्ड की परीक्षा प्रदेश के 6 हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई।

इस परीक्षा में 11 लाख 86 हजार परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए
 इधर, भर्ती परीक्षा एजेंसी राजस्थान लोक सेवा आयोग, संघ लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं में भी एक साथ इतने अभ्यर्थी प्रविष्ट नहीं होते। आरपीएससी की आरएएस परीक्षा में ही 4 से साढ़े चार लाख अभ्यर्थी प्रविष्ट होते हैं। आरपीएससी तो कोरोना काल में अब तक एक भी परीक्षा का आयोजन नहीं कर पाई है। 

सीबीएसई की नहीं हो पाई परीक्षा
 राजस्थान बोर्ड ने हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के विश्वास को बनाए रखते हुए एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की परीक्षा का आयोजन कराकर मिसाल कायम की, जबकि सीबीएसई की शेष परीक्षाएं आयोजित ही नहीं हुईं। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने पिछले दिनाें ट्वीट कर कहा था कि सीबीएसई ने शेष परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं लेकिन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड शेष परीक्षाएं करवाएगा। 

बड़ी चुनौती पार 
बोर्ड और राज्य सरकार के समक्ष 10वीं की शेष परीक्षाओं का आयोजन करना बड़ी चुनौती थी। कोरोना काल में बोर्ड ने प्रदेश भर में 8 हजार से अधिक थर्मल स्क्रीनिंग के लिए कार्मिकों की तैनाती की। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर हैंड सेनिटाइजर की भी व्यवस्था की।

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