धर्म-समाज:कावड़ यात्रा का बदला स्वरूप, सादगी से सरोवर का जल ले जा रहे हैं शिव भक्त

अजमेर2 महीने पहले
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कोरोना गाइड लाइन के तहत पुष्कर में प्रशासन की ओर से कावड़ यात्रा पर रोक लगाई गई है। दूर-दराज से पुष्कर सरोवर का जल लेने के लिए आने वाले शिव भक्त कावड़ियों पर निगरानी के लिए सरोवर के प्रमुख घाटों पर पुलिस व सिविल डिफेंस के जवान तैनात किए गए हैं। इसके चलते कावड़ यात्रा का स्वरूप ही बदल गया है।

पुष्कर में सावन मास के दौरान प्रतिवर्ष शिव भक्तों का सावन माह के दौरान जमघट लगता है। प्रतिदिन दूर-दराज से बड़ी संख्या में शिव भक्त कावड़ों में पुष्कर सरोवर का जल लेने के लिए आते हैं। डीजे की धुनों के बीच भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए यात्रा के रूप में नाचते-झूमते गंतव्य के लिए प्रस्थान करते हैं। इस बार कोरोना महामारी के चलते राज्य सरकार के आदेशानुसार उपखंड अधिकारी ने पुष्कर में कावड़ यात्रा पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। पुलिस प्रशासन की ओर से घाटों पर अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया है। पुलिस के जवान कावडिय़ों पर न केवल निगरानी रख रहे हैं, बल्कि कावडिय़ों को यात्रा व समूह के रूप में जल ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

पुलिस शिव भक्तों को घाटों पर कावड़ भी नहीं सजाने दे रहे है। कावडिय़ें बिना किसी शोर-शराबे के साथ सरोवर का जल कलशों में भर कर ले जा रहे हैं। खास बात यह है कि शिव भक्त पुष्कर सीमा पार करने के बाद कावड़ सजा रहे हैं। शनिवार को किशनगढ़, बांदर सिंदरी, खरेखड़ी, अजयसर, भांवता, पीसांगन सहित अलग-अलग शहरों व गांवों शिव भक्तों के जत्थे पुष्कर पहुंचे तथा कावड़ों में सरोवर का जल भर कर सादगी के साथ रवाना हुए।

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