अजमेर के रहने वाले हैं ट्विटर के नए CEO:किराए पर रहता था परिवार, 4 दिसंबर को घर आएंगे पराग के मम्मी-पापा

अजमेर7 महीने पहले

ट्विटर के नए सीईओ पराग अग्रवाल राजस्थान के अजमेर में जन्मे हैं। पराग के माता-पिता और दादा-दादी किराए के मकान में धानमंडी और खजाना गली में रहते थे। पराग के पिता की जॉब के चलते वे मुंबई शिफ्ट हुए और वहीं रहने लगे। ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी ने इस्तीफे के बाद कंपनी ने पराग अग्रवाल को सीईओ बनाया है। पराग और उनका परिवार मूलत: राजस्थान का रहने वाला है।

पराग का जन्म अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल(JLN) में हुआ था। उनके माता-पिता अभी अमेरिका में रहते हैं। ट्विटर सीईओ बनने के बाद अजमेर में उनके रिश्तेदारों और परिजनों में खुशी है। उनके माता-पिता भी मंगलवार को अजमेर पहुंच जाएंगे। 4 दिसंबर को उनके परिवार का स्वागत किया जाएगा।

पराग जैन के बचपन का फोटो।
पराग जैन के बचपन का फोटो।

सीईओ बनने से पहले पराग अग्रवाल ट्विटर में सीटीओ यानी चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर थे। पराग अग्रवाल को अक्टूबर 2017 में ही ट्विटर का सीटीओ बना दिया था, लेकिन इसकी अधिकारिक घोषणा 2018 में हुई। जब वह स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे, उस दौरान उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, याहू और एटीएंडटी जैसी दिग्गज कंपनियों में इंटर्नशिप भी की थी। पराग अग्रवाल ने IIT मुंबई से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में डॉक्टरेट किया है।

मुनीम का काम करते थे दादाजी
अजमेर में उनके मकान मालिक व पड़ोसियों के मुताबिक पराग के दादाजी मुनीम का काम करते थे। उनके परिवार ने बहुत संघर्ष किया। पराग के पिता उनके दादा-दादी के साथ कई सालों तक किराए के मकान में रहे।

ट्विटर के नए CEO पराग अग्रवाल। इनका परिवार अजमेर का रहने वाला है। उन्होंने IIT मुंबई से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।
ट्विटर के नए CEO पराग अग्रवाल। इनका परिवार अजमेर का रहने वाला है। उन्होंने IIT मुंबई से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।

4 दिसंबर को समाज की ओर से होगा स्वागत
अग्रवाल समाज अजमेर के अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल ने बताया कि पराग अग्रवाल का जन्म 21 मई 1984 को राजस्थान के अजमेर शहर के सरकारी जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में हुआ था। पराग के पिता रामगोपाल अग्रवाल मुंबई में बीएमआरसी में कार्यरत थे, लेकिन तब उनके माता-पिता यानी पराग के दादा-दादी अजमेर के धान मंडी क्षेत्र में किराये के मकान में रहते थे। शैलेंद्र अग्रवाल ने बताया कि 4 दिसंबर को पराग के मां-बाप अजमेर आएंगे तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

पत्नी के साथ पराग जैन। कुछ सालों पहले वे जयपुर में एक शादी समारोह में भी आए थे।
पत्नी के साथ पराग जैन। कुछ सालों पहले वे जयपुर में एक शादी समारोह में भी आए थे।
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