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अजमेर के निजी हॉस्पिटल पर छापा:कोरोना काल में कूट रहे चांदी, जान से खिलवाड़; सामान्य मरीजों के साथ भर्ती कर लिए कोरोना पॉजीटिव मरीज, ऑक्सीजन सिलैंडर भी मिले

अजमेर3 महीने पहले
  • अजमेर के नसीराबाद रोड स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल का मामला
  • जांच अधिकारी BCMO ने CMHO काे भेजी तथ्यात्मक रिपोर्ट

अजमेर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण में निजी अस्पतालों ने कमाई का जरिया बना लिया है। कमाई के चक्कर में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आ रहे। ऐसा ही एक मामला अजमेर के श्री बालाजी हॉस्पिटल में दखने को मिला, जहां सामान्य मरीजों के साथ कोरोना पॉजीटिव मरीज भी भर्ती थे। वहां ऑक्सीजन सिलैंडर भी लगे मिले। जांच करने गए ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. घनश्याम मोयल ने इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट बनाकर जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज दी है।

जांच करते बीसीएमओ व मौजूद हॉस्पिटल स्टाफ
जांच करते बीसीएमओ व मौजूद हॉस्पिटल स्टाफ

डॉ. मोयल ने बताया कि CMHO के निर्देश पर नगर निगम, पुलिस की टीम के साथ श्री बालाजी हॉस्पिटल पहुंचे तो पाया कि यहां पर दस मरीज भर्ती थे। इन सभी को एक ही वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा था। इनमें से तीन के ऑक्सीजन सिलैंडर भी लगे हुए थे। जब इन मरीजों का रिकॉर्ड जांचा तो पता चला कि इनमे ंसे एक मरीज की RT-PCR और दो मरीजों की HR सिटी पॉजीटिव थी। जो सामान्य मरीजों के साथ ही भर्ती थे।

वार्ड में भर्ती मरीज व जांच करते अधिकारी
वार्ड में भर्ती मरीज व जांच करते अधिकारी

डॉ. मोयल ने जब यहां मौजूद डॉ. बी.के. शर्मा से ऑक्सीजन सिलैंडर के बारे में पूछा तो उनका कहना रहा कि ये हॉस्पिटल के नहीं हैं बल्कि मरीजों के है। मरीजों ने भी हां में हां कर ली। लेकिन यह जवाब संतोषप्रद नहीं लगा। इसी प्रकार जब कोविड मरीजों के बारे में पूछा तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया। इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर सीएमएचओ को सौंप दी गई है। जांच दल में नगर निगम से अधिशाषी अभियंता ओमप्रकाश ढिंढवाल, सहायक अभियंता रमेश चौधरी, धर्मेन्द्र आंनद, सहायक राजस्व अधिकारी श्वेता चौधरी शामिल थे।

APO हो चुके है डॉ. शर्मा

डॉ. मोयल ने बताया कि हॉस्पिटल संचालक डॉ. बी.के. शर्मा गोविन्दगढ़ के सरकारी चिकित्सालय में कार्यरत थे लेकिन ड्यूटी में लापरवाही के कारण इनकाे पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) अजमेर किया था और यहां से जयपुर एपीओ कर दिया गया। अब जब इनसे बात की तो उनका कहना रहा कि वे नौकरी से इस्तीफा दे चुके है। इस बात का जिक्र भी CMHO को भेजी रिपोर्ट में है।

डॉ. शर्मा - ये बोले

इस सम्बन्ध में बात करने पर डॉ. बी.के. शर्मा ने कहा कि मैं जो कर रहा हूं, वो सही है। कोई गलत नहीं कर रहा। मौत के मुंह में जाकर इलाज कर रहा हूं। कोई गुनाह थोडे़ ही कर रहा हूं। एक कोरोना मरीज था, वह भी कोने में था, लास्ट में था। झूठ बोल रहे है। जीत सत्य की होती है और होगी। इनकी मेरे से पुरानी रंजिश है और वही निकाल रहे हैं।

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