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अजमेर में खेती में नवाचार:सुपर नेपियर घास से दूर होगी हरे चारे की परेशानी; पशुओं के लिए हर समय उपलब्ध, ​​​पोष्टिकता ज्यादा व लागत भी कम

अजमेर.सुनिल कुमार जैन4 महीने पहले

अजमेर में किसानों ने खेती में नवाचार करना शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक नवाचार हरे चारे को लेकर किया गया है। साल भर पशुओं को हरा चारा मिले, इसलिए सुपर नेपीयर घास का उत्पादन किया जा रहा है। यह एक बार लगाने के बाद 7 से 8 साल तक उत्पादन लिया जा सकता है। साथ ही इसकी पोष्टिकता ज्यादा होती है और लागत भी कम है।

मेडिया स्थित काश्तकार नेमीचंद दगदी ने सबसे पहले सुपर नेपियर खास की खेती शुरुआत की। दगदी ने हरियाणा में सुपर नेपियर की खेती होती देखी तो वहां से बीज लाकर अपने खेत में सुपर नेपियर की खेती शुरु की। सुपर नेपियर की खेती के बाद अब उन्हे हरे चारे की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है और पशुओं को हर मौसम में हरा चारा मिल जाता है। पशुपालक सुपर नेपियर का हरी कुट्‌टी के तौर पर इस्तेमाल कर रहे है।

पशुओं के लिए बेहद पौष्टिक
काश्तकार नेमीचंद दगदी ने बताया कि सुपर नेपियर अन्य हरे चारे के मुकाबले अधिक पौष्टिक है, जो कम लागत में तैयार हो जाती है। सुपर नेपियर खाने वाले पशुओं के दूध में भी वृद्धि होती है। इसमें 36 प्रतिशत नाइट्रोजन, 10 प्रतिशत प्रोटीन, 8 प्रतिशत ईयर, 18 प्रतिशत रेशा, 35 प्रतिशत पाचन शीला, 34 प्रतिशत क्रूड फाइबर सहित अन्य पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं।

कलम व बीज के तौर लगाई जा सकती है घास
काश्तकारों ने बताया कि सुपर नेपियर को कलम के तौर पर खेत में दो-दो फीट की दूरी पर लगाया जा सकता है। इस घास का फैलाव 2-3 फीट हो जाता है। वहीं, मात्र 80-90 दिनों में सुपर नेपियर 10 से 15 फीट तक ऊंची हो जाती है। उन्होने बताया कि एक बार घास की कटिंग कर प्रति माह 8 से 9 फीट तक की घास का उत्पादन ले सकते हैं। इसकी खास बात यह है कि यह घास हर मौसम व हर भूमि पर लगाई जा सकती है और एक बार लगाने के बाद यह घास आठ वर्षों तक लगातार उत्पादन दे सकती है।

अन्य काश्तकारों ने दिखाई रुचि
सुपर नेपियर घास की खेती व इसके फायदों को देखते हुए क्षेत्र के अन्य काश्तकार भी इस घास को लेकर उत्साहित हैं। ब्यावर व आसपास के ग्रामीण इलाकों के कुछ काश्तकारों ने भी अब सुपर नेपियर की खेती शुरु की है। जिससे पशुपालकों को सालभर हरा चारा उपलब्ध हो सके। सुपर नेपियर खास डेयरी फार्म संचालकों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।

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