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प्राइवेट कॉलेज संघ का प्रदर्शन:प्राइवेट कॉलेज की पैनल्टी खत्म हो, परीक्षा पोर्टल खोला जाए; अनिश्चितकाल के लिए धरना शुरू, स्टूडेन्ट्स भी हुए शामिल

अजमेरएक वर्ष पहले
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MDSU के बाहर धरना। - Dainik Bhaskar
MDSU के बाहर धरना।

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के गेट पर प्राइवेट कॉलेज पर लगाई पैनल्टी के आदेश को निरस्त करने व परीक्षा पोर्टल खोले जाने की मांगों को लेकर प्राइवेट कॉलेज संघ ने धरना प्रदर्शन शुरू किया है। साथ ही मांगे नहीं माने जाने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी है और अपनी मांगो को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान धरना प्रदर्शन में कॉलेज स्टूडेन्ट भी शामिल हुए। धरने व प्रदर्शन में अजमेर सहित, टोंक, नागौर व भीलवाड़ा के कॉलेज संचालक व स्टूडेन्ट शामिल हुए।

धरने पर बैठक प्राइवेट कॉलेज संचालक व स्टूडेन्ट
धरने पर बैठक प्राइवेट कॉलेज संचालक व स्टूडेन्ट

प्राइवेट कॉलेज संघ अध्यक्ष केसाराम हुड्डा ने बताया कि महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर की मनमानी नीतियों के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया। जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती, तब तक धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक जारी रहेगा। राज्यपाल के नाम दिए गए ज्ञापन में बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा आवेदन पत्र पोर्टल पर निर्धारित सीटों का आवंटन 8 वर्ष पूर्व दिए गए संकाय के सेक्शन को ही आधार मानकर किया गया है। उसके बाद समय-समय पर सीट वृद्धि के लिए निरीक्षण करवा कर विश्वविद्यालय में रिपोर्ट जमा करवाई जा चुकी है। लेकिन महाविद्यालय प्रशासन द्वारा 8 वर्षों से सीट अभिवृद्धि नहीं की। इसमें महाविद्यालयों का कोई दोष नहीं है।

पिछले 10 वर्षों से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा न तो महाविद्यालयों को सीटों की सूचना दी गई, न ही परीक्षा आवेदन पत्र के समय छात्र संख्या का निर्धारण किया गया। सत्र 2020-21 में सत्र के अंत में परीक्षा आवेदन पत्र के समय अचानक से महाविद्यालयों को आरंभ में आवंटित सीटों को ही आधार मानकर परीक्षा आवेदन पत्र पोर्टल में सीटों को जोड़ा गया, जिससे सत्र के प्रारंभ में प्रवेश ले चुके छात्र अब कहां जाए? जिन छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा 2018-19 और 2019-20 में उतीर्ण किया गया था, उन पर भी पैनल्टी का प्रावधान किया गया है, उसे निरस्त किया जाए।

धरने में शामिल हुए स्टूडेन्ट
धरने में शामिल हुए स्टूडेन्ट

अत: 1 वर्ष में सीटों की संख्या का निर्धारण लेकर रियायत दिलाई जाए। सभी संकाय के सभी कक्षाओं के पोर्टल खोले जाए। अगले सत्र से यदि विश्वविद्यालय सीटों का निर्धारण करती है तो महाविद्यालय उसे सहर्ष स्वीकार कर लेगा। साथ ही महाविद्यालय के लंबित प्रकरण का जल्द से जल्द निर्धारण किया जाए। जिन नवीन महाविद्यालय का निरीक्षण हो चुका, उन्हें पोर्टल पर जोड़ा जाए। एकेडमिक काउंसिल में केवल नागौर जिले के महा विद्यालय के परीक्षा होम सेंटर परिवर्तित किया गए, इस आदेश को निरस्त करके टोंक, भीलवाड़ा व अजमेर जिले के समान ही नागौर जिले के कॉलेज के परीक्षा होम सेंटर रखे जाएं। एकेडमिक काउंसिल में सीटों के संबंध में जो पैनल्टी लगाई है, उसे निरस्त किया जाए।

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