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आरएएस 2018:प्रारंभिक परीक्षा से ही कोर्ट केस के चलते विवादों में रही भर्ती, परिणाम के बाद भी विवादों में आ गई

अजमेर11 दिन पहले
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राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित गई आरएएस 2018 भर्ती परीक्षा जैसे तैसे पूरी हो गई, लेकिन परिणाम जारी हाेने के बावजूद भी विवाद पीछा नहीं छाेड़ रहे हैं। अब इंटरव्यू और उसमें कुछ प्रभावशाली लाेगाें के परिजनाें काे दिए गए प्राप्तांकाें काे लेकर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी करने के बाद इंटरव्यू पर कोर्ट ने रोक लगा और इंटरव्यू के दौरान एसीबी की कार्यवाही हुई और अंत में अब शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार जन के चयन के बाद परिणाम पर भी विवाद छिड़ गया है।

आयोग की यह ऐसी भर्ती है जो पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शासन में शुरू हुई और इसे कांग्रेस की मौजूदा सरकार ने पूरा कराया। इस भर्ती का विवादों से नाता प्रारंभिक परीक्षा से ही शुरू हो गया था। कई बार कोर्ट प्रकरण होने पर आयोग के प्रति अभ्यर्थियों का विश्वास डगमगाया, लेकिन आयोग प्रबंधन ने कोर्ट में सही पक्ष रख कर समय रहते इस विश्वास को बहाल करने में कामयाबी पाने की कोशिश की, लेकिन ऐन इंटरव्यू समाप्ति के चार दिन पहले आयोग की सदस्य राज कुमारी गुर्जर के नाम पर आयोग के ही जूनियर अकाउंटेंट द्वारा रिश्वत लेते पकड़े जाने से एक बार फिर आयोग की साख दांव पर लग गई। आयोग ने जैसे तैसे परीक्षा प्रक्रिया पूरी कर ली। अब इंटरव्यू का परिणाम भी जारी किया।

प्री लिम्स से ही कोर्ट पहुंच गई थी भर्ती

  • यह भर्ती प्रीलिम्स से ही कोर्ट में पहुंच गई थी। पहला मामला नवंबर 2018 में कोर्ट पहुंचा। आयोग द्वारा जारी आरएएस प्री 2018 के परिणाम में ओबीसी की कटऑफ जनरल से अधिक होने को लेकर अभ्यर्थी कोर्ट पहुंच गए थे। कोर्ट ने मुख्य परीक्षा के परिणाम पर रोक लगा दी। आयोग ने कोर्ट के आदेश पर मुख्य परीक्षा का आयोजन 25-26 जून 2019 को करा लिया लेकिन परिणाम करीब एक साल बाद जुलाई 2020 को जारी हो सका।
  • 2 अगस्त 2020 को आरएएस 2018 का मामला फिर कोर्ट पहुंच गया। आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा के परिणाम में पदों के विरुद्ध 1.5 गुणा अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए चयनित किए जाने को कोर्ट में चुनौती दी गई। इस पर कोर्ट का फैसला आ चुका है।
  • आरएएस 2018 में असफल अभ्यर्थियों के मार्क्स नहीं जारी करने और उत्तर पुस्तिका नहीं दिखाने को लेकर मामला सितंबर 2020 को हाईकोर्ट पहुंच गया। इस मामले में राज्य सरकार व आरपीएससी को नोटिस पहुंचे।
  • आरएएस 2018 भर्ती का तीसरी बार मामला हाईकोर्ट में चले जाने पर आयोग को 7 दिसंबर 2020 से शुरू किए जाने वाले इंटरव्यू स्थगित करने पड़े थे। इसके चलते भर्ती और देरी से पूरी हुई। चौथा मामला भूतपूर्व सैनिक व मंत्रालयिक कर्मचारी वर्ग को बिना डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के इंटरव्यू के लिए बुलाने को लेकर था।

साक्षात्कार प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई है

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की गई आरएएस 2018 के इंटरव्यू प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। इंटरव्यू निष्पक्ष रहे और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पूरी गोपनीयता बरती गई। इंटरव्यू बोर्ड में एक सदस्य और तीन एक्सपर्ट को शामिल किया गया। इंटरव्यू शुरू होने के 10 मिनट पहले ही बोर्ड मेंबर को बताया जाता था कि वे किस इंटरव्यू बाेर्ड में हैं।

-डॉ. भूपेंद्र यादव, अध्यक्ष, राजस्थान लोक सेवा आयोग

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