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पुष्कर पशु मेले का आगाज कल से:रेतीले धोरे होने लगे आबाद; पशुओं की आवक शुरू, इस बार नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं

अजमेर25 दिन पहले
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पुष्कर पशु हाट मेला सोमवार से शुरू होगा। मेला शुरू होने से पहले ही पशु और पशु पालको की आवक शुरू हुई, जिससे सुने रेतीले धोरे आबाद होने लग गए है। अब तक मेला मैदान में 150 ऊंट समेत दो सौ से अधिक जानवर पहुंच गए है तथा इनकी आवक लगातार जारी है। इस वर्ष पुष्कर पशु मेला पुराने मेला मैदान की जगह मोतीसर रोड़ स्थित नए मैदान में भरेगा।

मेले की प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां चल रही है। मेला मैदान में अश्व शालाएं व अस्थाई दुकानें सजने लग गई है। हर साल की तरह इस साल सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं नहीं होगी। साथ ही कोरोना गाइड लाइन की पालना की शर्त भी रहेगी।

मेला मैदान में पहुंचे अश्व।
मेला मैदान में पहुंचे अश्व।

प्रशासन ने शुरू की तैयारी, कल होगी चौकी स्थापना के साथ शुरूआत
सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से नए मेला मैदान में बरड़ा डालकर सड़क निर्माण का कार्य करवाया जा रहा है। पशुओं के पीने के पानी के लिए पानी की खेलियों की मरम्मत व साफ सफाई का कार्य लगातार जारी है। इसके अलावा जलदाय विभाग ने खेलियों में जलापूर्ति शुरू कर दी है। डिस्कॉम की ओर से बिजली के खम्भे लगाए जा रहे है। पुलिस अधिकारियों ने कस्बे में दौरा कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही मेला मैदान में पेट्रोलिंग शुरू कर दी है।

इस सम्बन्ध में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रफुल्ल माथुर ने कहा कि मेले की शुरूआत 8 नवम्बर को चौकी स्थापना के साथ हो जाएगी। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह पशु हाट मेला केवल पशुओं के क्रय-विक्रय तक ही सीमित रहेगा। पशु हाट मेले में केवल वही व्यक्ति अनुमत होंगे जिनके कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी हो। समस्त विक्रेताओं को आरटीपीसीआर टेस्ट कराना होगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्याप्त दल लगाकर सैंपल लिए जाएंगे।

पशु हाट मेले का आयोजन कार्यक्रम की अवधि सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक सीमित रहेगी। पशु हाट मेले में केवल पशुओं से संबंधित सामग्री की दुकानें ही मेला स्थल पर लगेगी। पशु हाट मेले में किसी भी प्रकार की सांस्कृतिक, खेलकूद एवं मनोरंजन संबंधी समारोह अथवा कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। इसमें किसी भी तरह की विकास प्रदर्शनी, पशु प्रदर्शनी एवं पशुओं की प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं होगा। उद्घाटन एवं समापन समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा। विभिन्न प्रकार के झूले, सर्कस, मौत का कुआ एवं अन्य समस्त प्रकार की मनोरंजन संबंधी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। पर्यटन विभाग के कैम्प व अन्य टूरिस्ट कैम्पों की अनुमति नहीं होगी। पशु हाट मेले में कोविड उपयुक्त व्यवहार, मास्क का अनिवार्य उपयोग, सेनेटाईजेशन, दो गज की दूरी का ध्यान रखा जाएगा। रात्रि 10 बजे के बाद सुबह 5 बजे तक जन अनुशासन कफ्र्यू का पालन अनिवार्य होगा।

पशु मेले में हुई ऊंटों की आवक।
पशु मेले में हुई ऊंटों की आवक।

मेले में 200 जनों की मौजूदगी की शर्त की पालना आसान नहीं

मेले में कोविड गाइड लाइन के अनुरूप 200 जनों की मौजूदगी की शर्त की पालना करना प्रशासन के लिए चुनौती होगा। पशुपालन विभाग की शासन सचिव डॉ आरुषि मलिक ने गत दिनों इस संबंध में आदेश जारी कर बताया कि जिला कलेक्टर के कार्यालय से 8 अक्टूबर 2021 को जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुष्कर में पशु हाट मेले का आयोजन किया जा सकता है। संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग अजमेर द्वारा 12 अक्टूबर 2021 के माध्यम से मेला कार्यक्रमों का अनुमोदन चाहा गया। कोविड-19 के बचाव व नियंत्रण के लिए गृह विभाग की 11 अक्टूबर 2021 के आदेश द्वारा जारी त्रिस्तरीय जन अनुशासन दिशा निर्देशों के मुताबिक जिला प्रशासन द्वारा पालना करवाए जाने पर श्री पुष्कर पशु मेला 2021 के आयोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। पशुपालन विभाग से संबंधित समस्त कार्यक्रम व गतिविधियां राजस्थान सरकार के 11 अक्टूबर के आदेश के अधीन आयोजित की जाएगी।

पुष्कर मेला मैदान में की जा रही तैयारियां।
पुष्कर मेला मैदान में की जा रही तैयारियां।

हजारों पशु एवं लाखों श्रद्धालु आते हैं मेले में, इस बार वैसी रौनक के आसार नहीं

पुष्कर पशु मेले में जहां हजारों ऊंट, घोड़े समेत विभिन्न प्रजाति के पशु आते हैं तथा पशुपालकों के बीच करोड़ों रुपयों का लेनदेन होता है। वहीं लाखों श्रद्धालु सरोवर में स्नान व मंदिरों के दर्शन के लिए आते हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। जिसमें राजस्थानी लोक कलाकारों के साथ-साथ कई अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाता है। मेले के दौरान अनेक पशु प्रतियोगिताएं व देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। लेकिन इस बार वैसी रौनक नजर नहीं आ रही है। कारण प्रशासन की ओर से कोई प्रतियोगिताएं व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा रहे और ऐसे में लोगों की संख्या कम ही रहने के आसार है।

(इनपुट सहयोग - भीकम शर्मा)