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गुफा में बंद मादा पैंथर की मौत:10 दिन पहले ग्रामीणों ने गुफा में पत्थर रख कर दिया था बंद, भूख-प्यास से तड़पकर मौत, वन विभाग को पता था फिर भी नहीं बचाया

अजमेर5 महीने पहले

अजमेर जिले के श्यामगढ़ पंचायत के गांव वेबरा बावड़ी के जंगल की गुफा में बंद की गई मादा पैंथर की मौत में ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों की अनदेखी सामने आई है। वन विभाग ने ब्यावर नर्सरी में मेडिकल बोर्ड से पैंथर का पोस्टमार्टम कराया है। प्रथम दृष्या सामने आया है कि गुफा में बंद होने के कारण भूखी मादा पैंथर ने शिकार के लिए बाहर निकलने का प्रयास किया और पत्थरों में दबने से उसकी मौत हुई। शव भी करीब तीस से चार दिन पुराना है।

इधर, मामला सामने आने के बाद अजमेर से वन विभाग के ACF नरेन्द्रसिंह शेखावत ब्यावर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुफा पर पत्थर लगाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा और अगर इस मामले में वन विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। शेखावत ने बताया कि ग्रामीणों ने गुफा में पत्थर लगाए, इसकी सूचना स्थानीय वन कर्मचारियों को मिल गई थी, लेकिन अजमेर मुख्यालय को स्थानीय स्तर से कोई जानकारी नहीं दी गई। इस संबंध में भी जवाब तलब किया जाएगा।

ब्यावर पहुंचे एसीएफ व अन्य वन कार्मिक
ब्यावर पहुंचे एसीएफ व अन्य वन कार्मिक

वन विभाग की लापरवाही से हुई मौत

कानाखेड़ी सरपंच सुरेन्द्रसिंह चौहान ने बताया कि गत 22 जून को कुछ ग्रामीणों ने मादा पैंथर को देखा और जैसे ही पैंथर गुफा में गई तो उन्होंने पत्थर लगा कर अंदर बंद कर दिया। इसके बाद वन विभाग के वनपाल राकेश मालाकार को मौके पर बुलाया और पत्थर हटाए गए। साथ ही गश्त करने व पिंजरा लगाने की मांग की। लेकिन वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बीच ग्रामीणों ने फिर से पत्थर लगा दिए। वन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। इसमें वन विभाग की पूरी लापरवाही है।

मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम

वन विभाग ने मृत पैंथर को अपने कब्जे में लिया और ब्यावर नर्सरी पहुंचाया। जहां पोस्टमार्टम के लिए तीन सदस्यीय डॉक्टर्स की टीम का गठन किया गया। डॉ. विश्वास कुमार, डॉ. जावेद हुसैन और डॉ. सोबिर को शामिल किया गया। डॉ. जावेद हुसैन ने बताया कि शव करीब तीन से चार दिन पुराना है और उसकी मौत डी-हाइड्रेशन से हुई है। भूख और प्यास से तंग आकर उसने बाहर निकलने का प्रयास किया और पत्थरों के नीचे दबने से मौत हो गई।

क्षेत्रीय वन अधिकारी भैरूसिंह भाटी ने बताया कि वेबरा बावड़ी के जंगल की गुफा के बाहर पैंथर के मृत मिलने की जानकारी बुधवार रात करीब सात-आठ बजे मिली। इसके बाद वे खुद और वन पाल राकेश मालाकर मौके पर पहुंचे और पत्थर हटाकर शव को कब्जे में लिया। रात करीब ढाई बजे शव लेकर ब्यावर नर्सरी पहुंचे, जहां सुबह पोस्टमार्टम कराया गया।

(सहयोग : शशांक त्रिपाठी)

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